कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति (Work, Energy and Power) — REET विज्ञान नोट्स
यह पेज REET लेवल 2 (गणित-विज्ञान) के लिए 'कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति' टॉपिक को कक्षा 9 NCERT के अनुसार कवर करता है — कार्य व ऊर्जा के सूत्र, इकाइयाँ और ऊर्जा संरक्षण का नियम। परीक्षा में सूत्र-आधारित और परिभाषा-आधारित दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए हर अवधारणा को उदाहरण सहित समझाया गया है।
- REET 2024 में 0 प्रश्न
- कक्षा 6–8 स्तर
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REET में यह टॉपिक कैसे पूछा जाता है
REET लेवल 2 विज्ञान-गणित में यह टॉपिक कक्षा 9 NCERT के 'कार्य तथा ऊर्जा' अध्याय पर आधारित है। REET 2024 के पेपर में इस टॉपिक से कोई प्रश्न सीधे तौर पर दर्ज नहीं हुआ, इसलिए यहाँ प्रश्न-पैटर्न सिलेबस व NCERT की भाषा के आधार पर बताया गया है, न कि किसी वास्तविक प्रश्न पर। आमतौर पर इस टॉपिक से सूत्र आधारित (कार्य W = Fs, ऊर्जा संरक्षण, शक्ति की इकाई) और परिभाषा आधारित दोनों तरह के प्रश्न पूछे जाते हैं, साथ ही दैनिक जीवन के उदाहरणों पर सीधा प्रश्न भी संभव है।
कार्य (Work) की परिभाषा और सूत्र
भौतिकी में कार्य तभी होता है जब किसी वस्तु पर बल लगाया जाए और वस्तु उस बल की दिशा में विस्थापित (displace) हो। कार्य (W) को बल (F) और विस्थापन (s) के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है — W = F × s। यदि बल तथा विस्थापन के बीच कोण θ हो, तो पूर्ण सूत्र W = F s cosθ होता है। कार्य की SI इकाई जूल (joule, J) है — 1 जूल वह कार्य है जो 1 न्यूटन बल द्वारा 1 मीटर विस्थापन करने पर होता है (1 J = 1 N × 1 m = 1 kg m²/s²)।
कार्य शून्य होने की तीन स्थितियाँ याद रखना जरूरी हैं: (1) जब बल शून्य हो, (2) जब विस्थापन शून्य हो — जैसे कोई व्यक्ति भारी बैग उठाकर स्थिर खड़ा है, बल तो लग रहा है पर विस्थापन शून्य होने से कार्य भी शून्य है, और (3) जब बल विस्थापन के लंबवत (θ = 90°) हो — जैसे क्षैतिज सतह पर चलते समय गुरुत्वाकर्षण बल द्वारा किया गया कार्य शून्य होता है, क्योंकि यह बल विस्थापन की दिशा (क्षैतिज) के लंबवत (ऊर्ध्वाधर) कार्य करता है।
ऊर्जा (Energy): परिभाषा और इकाइयाँ
- परिभाषा
- किसी वस्तु की कार्य करने की क्षमता को ऊर्जा कहते हैं
- SI इकाई
- जूल (J) — कार्य की इकाई के समान
- अन्य इकाई
- कैलोरी (cal); 1 cal ≈ 4.186 J
- विद्युत ऊर्जा की व्यावसायिक इकाई
- किलोवाट-घंटा (kWh); 1 kWh = 3.6 × 10⁶ J
- ऊर्जा के मुख्य रूप
- यांत्रिक (गतिज + स्थितिज), ऊष्मीय, विद्युत, रासायनिक, प्रकाश, ध्वनि, नाभिकीय ऊर्जा
गतिज ऊर्जा बनाम स्थितिज ऊर्जा
गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy)
परिभाषागति के कारण किसी वस्तु में निहित ऊर्जा
सूत्रKE = ½ m v²
उदाहरणदौड़ती कार, बहता पानी, चलता पंखा
निर्भरताद्रव्यमान व वेग के वर्ग पर
स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy)
परिभाषास्थिति या ऊँचाई के कारण निहित ऊर्जा
सूत्रPE = m g h (गुरुत्वीय स्थितिज ऊर्जा)
उदाहरणऊँचाई पर रखी वस्तु, खिंचा हुआ धनुष, संपीड़ित स्प्रिंग
निर्भरताद्रव्यमान, ऊँचाई व g पर
m = द्रव्यमान (kg), v = वेग (m/s), g = गुरुत्वीय त्वरण (9.8 m/s²), h = ऊँचाई (m)
ऊर्जा संरक्षण का नियम
ऊर्जा संरक्षण का नियम कहता है कि ऊर्जा को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट — इसे केवल एक रूप से दूसरे रूप में बदला जा सकता है, और किसी पृथक (isolated) निकाय में कुल ऊर्जा सदैव स्थिर रहती है। यह भौतिकी का एक मौलिक नियम है और स्वतंत्र रूप से गिरती वस्तु के उदाहरण से सबसे अच्छी तरह समझाया जाता है।
जब कोई वस्तु ऊँचाई h से स्वतंत्र रूप से गिरना शुरू करती है, तो शुरुआत में उसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम (PE = mgh) और गतिज ऊर्जा शून्य होती है। जैसे-जैसे वस्तु नीचे गिरती है, ऊँचाई घटने से स्थितिज ऊर्जा घटती है और वेग बढ़ने से गतिज ऊर्जा बढ़ती है। जमीन पर पहुँचने से ठीक पहले स्थितिज ऊर्जा शून्य और गतिज ऊर्जा अधिकतम (mgh के बराबर) हो जाती है। वायु प्रतिरोध की उपेक्षा करने पर, गिरने के हर बिंदु पर कुल यांत्रिक ऊर्जा (KE + PE) स्थिर बनी रहती है — यही ऊर्जा संरक्षण है।
शक्ति (Power)
- परिभाषा
- कार्य करने की दर (rate of doing work) को शक्ति कहते हैं
- सूत्र
- P = W / t (कार्य ÷ समय)
- SI इकाई
- वाट (watt, W); 1 वाट = 1 जूल/सेकंड
- बड़ी इकाई
- 1 किलोवाट (kW) = 1000 वाट
- अन्य प्रचलित इकाई
- 1 अश्वशक्ति (horsepower, hp) ≈ 746 वाट
ऊर्जा रूपांतरण के दैनिक जीवन के उदाहरण
- विद्युत पंखा
- विद्युत ऊर्जा गतिज ऊर्जा (पंखे की घूर्णन गति) में बदलती है
- विद्युत बल्ब
- विद्युत ऊर्जा प्रकाश ऊर्जा व कुछ ऊष्मा ऊर्जा में बदलती है
- प्रकाश-संश्लेषण (पौधों में)
- सौर (प्रकाश) ऊर्जा रासायनिक ऊर्जा यानी भोजन/ग्लूकोज में बदलती है, जो पौधों में संचित रहती है
- जल विद्युत संयंत्र (Hydroelectric Plant)
- बाँध से गिरते पानी की स्थितिज ऊर्जा पहले गतिज ऊर्जा में और फिर टरबाइन द्वारा विद्युत ऊर्जा में बदलती है
- बैटरी से चलने वाली टॉर्च
- बैटरी की रासायनिक ऊर्जा विद्युत ऊर्जा के माध्यम से बल्ब में प्रकाश ऊर्जा में बदलती है
- खिंचा हुआ धनुष (धनुर्धारी)
- डोरी खींचने पर बाहु की पेशीय ऊर्जा धनुष में स्थितिज ऊर्जा के रूप में संचित होती है, तीर छूटते ही यह गतिज ऊर्जा में बदल जाती है
बच्चों को कैसे पढ़ाएँ
कक्षा गतिविधि
बच्चों को कक्षा में एक भारी किताब को अलग-अलग तरीकों से उठवाएँ — सीधा ऊपर उठाना (कार्य होता है) और स्थिर पकड़े रखना (कार्य शून्य) — इससे 'कार्य कब शून्य होता है' की अवधारणा व्यावहारिक रूप से स्पष्ट होती है। इसके बाद उसी बैग को क्षैतिज दिशा में कुछ दूरी तक चलकर ले जाने पर भी चर्चा करें कि भार द्वारा किया गया कार्य शून्य ही रहेगा।
शिक्षण सहायक सामग्री
लोलक (pendulum) या रैंप पर लुढ़कती गेंद का प्रदर्शन ऊर्जा के रूपांतरण (स्थितिज से गतिज और वापस) को आँखों के सामने दिखाने का सरल व प्रभावी तरीका है। छात्रों को लोलक के उच्चतम व निम्नतम बिंदु पर रुककर सोचने को कहें कि किस बिंदु पर कौन-सी ऊर्जा अधिकतम है।
सामान्य भ्रांति
छात्र प्रायः रोज़मर्रा की भाषा के 'काम' (जैसे पढ़ाई करना, सोचना) को भौतिकी के 'कार्य' के बराबर समझ लेते हैं। शिक्षक को स्पष्ट करना चाहिए कि भौतिकी में कार्य तभी होता है जब बल के कारण वास्तविक विस्थापन हो; मानसिक थकान भौतिकी के अर्थ में कार्य नहीं है।
मूल्यांकन विचार
छात्रों से दैनिक जीवन की 5 गतिविधियाँ सूचीबद्ध करवाकर पूछें कि किसमें भौतिकी के अर्थ में कार्य हो रहा है और किसमें नहीं, तथा प्रत्येक में कारण भी बताने को कहें — इससे अवधारणा की गहरी समझ का आकलन होता है।
याद रखने की ट्रिक
कार्य शून्य याद रखने के लिए 'F-s-θ' याद रखें — बल शून्य, विस्थापन शून्य, या कोण 90° — तीनों में से कोई भी स्थिति कार्य को शून्य कर देती है। ऊर्जा व शक्ति के सूत्रों में गड़बड़ी से बचने के लिए याद रखें: ऊर्जा = कार्य करने की 'क्षमता' (इकाई जूल), शक्ति = कार्य करने की 'रफ्तार' (इकाई वाट, यानी जूल/सेकंड)।
अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1
1 जूल कार्य किसके बराबर होता है?
- A1 न्यूटन बल से 1 सेमी विस्थापन
- B1 न्यूटन बल से 1 मीटर विस्थापन
- C1 किग्रा बल से 1 मीटर विस्थापन
- D1 डाइन बल से 1 सेमी विस्थापन
व्याख्या
कार्य W = F × s। 1 जूल वह कार्य है जो 1 न्यूटन बल द्वारा बल की दिशा में 1 मीटर विस्थापन करने पर होता है।
प्रश्न 2
किसी वस्तु की गतिज ऊर्जा का सूत्र है
- Amgh
- BF × s
- CW / t
- D½ m v²
व्याख्या
गतिज ऊर्जा वस्तु की गति के कारण होती है और KE = ½ m v² सूत्र से ज्ञात की जाती है, जहाँ m द्रव्यमान और v वेग है।
प्रश्न 3
एक व्यक्ति सिर पर बैग रखकर क्षैतिज सड़क पर सीधा चलता है। बैग के भार द्वारा किया गया कार्य होगा
- Aअधिकतम
- Bशून्य
- Cऋणात्मक
- Dअनंत
व्याख्या
बैग का भार ऊर्ध्वाधर दिशा में कार्य करता है जबकि विस्थापन क्षैतिज दिशा में है, इसलिए कोण 90° होने से cosθ = 0 और कार्य शून्य होता है।
प्रश्न 4
शक्ति की SI इकाई है
- Aजूल
- Bवाट
- Cन्यूटन
- Dकैलोरी
व्याख्या
शक्ति = कार्य/समय, और इसकी SI इकाई वाट (W) है, जहाँ 1 वाट = 1 जूल/सेकंड।
प्रश्न 5
1 किलोवाट-घंटा (kWh) बराबर है
- A3.6 × 10⁶ जूल
- B3600 जूल
- C3.6 × 10³ जूल
- D36 × 10⁶ जूल
व्याख्या
1 kWh = 1000 वाट × 3600 सेकंड = 3.6 × 10⁶ जूल। यही विद्युत बिल की 'यूनिट' है।
प्रश्न 6
एक गेंद को ऊँचाई से गिराया जाता है। वायु प्रतिरोध नगण्य मानते हुए, गिरने के दौरान किसी भी बिंदु पर
- Aकुल यांत्रिक ऊर्जा (KE + PE) स्थिर रहती है
- Bकेवल गतिज ऊर्जा स्थिर रहती है
- Cकेवल स्थितिज ऊर्जा स्थिर रहती है
- Dकुल ऊर्जा घटती जाती है
व्याख्या
ऊर्जा संरक्षण के नियम के अनुसार वायु प्रतिरोध न होने पर गिरने के हर बिंदु पर स्थितिज व गतिज ऊर्जा का योग स्थिर रहता है, भले ही दोनों अलग-अलग बदलती रहें।
प्रश्न 7
1 अश्वशक्ति (horsepower) लगभग कितने वाट के बराबर है?
- A100 वाट
- B1000 वाट
- C746 वाट
- D550 वाट
व्याख्या
1 अश्वशक्ति (hp) लगभग 746 वाट के बराबर होती है, जो शक्ति की एक पुरानी लेकिन आज भी प्रचलित इकाई है।
प्रश्न 8
एक व्यक्ति 20 न्यूटन बल लगाकर किसी वस्तु को बल की दिशा में 5 मीटर विस्थापित करता है। किया गया कार्य होगा
- A4 जूल
- B25 जूल
- C15 जूल
- D100 जूल
व्याख्या
W = F × s = 20 N × 5 m = 100 जूल, क्योंकि बल व विस्थापन दोनों एक ही दिशा में हैं (θ = 0°, cosθ = 1)।
प्रश्न 9
कक्षा 9 में 'कार्य' की अवधारणा पढ़ाते समय शिक्षक के लिए सबसे उपयुक्त गतिविधि होगी
- Aबच्चों से भारी वस्तु उठाने व स्थिर पकड़े रहने के बीच अंतर करवाना
- Bकेवल सूत्र रटवाना
- Cकेवल पाठ्यपुस्तक पढ़ाना
- Dपरीक्षा में पूछे गए प्रश्न याद करवाना
व्याख्या
व्यावहारिक प्रदर्शन से छात्र स्वयं अनुभव करते हैं कि विस्थापन के बिना बल लगाने पर भौतिकी में कार्य शून्य होता है, जिससे अवधारणा स्थायी रूप से समझ आती है।
प्रश्न 10
यदि कोई छात्र कहता है कि 'दीवार को धक्का देकर थक जाना' भौतिकी में कार्य है, तो शिक्षक को समझाना चाहिए कि
- Aयह सही है क्योंकि बल लगाया गया
- Bयह गलत है क्योंकि बल शून्य है
- Cयह गलत है क्योंकि दीवार का विस्थापन शून्य है, इसलिए भौतिक कार्य शून्य है
- Dयह कार्य तभी होगा जब छात्र थके नहीं
व्याख्या
भौतिकी में कार्य के लिए बल के साथ-साथ विस्थापन भी आवश्यक है। दीवार स्थिर रहती है (विस्थापन शून्य), इसलिए भले ही बल लगाया गया हो, भौतिक कार्य शून्य ही माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
REET में कार्य, ऊर्जा एवं शक्ति टॉपिक से कितने प्रश्न आते हैं?+
REET लेवल 2 विज्ञान खंड में भौतिकी के हर उप-टॉपिक से आमतौर पर 1 प्रश्न तक की संभावना रहती है। REET 2024 के पेपर में इस टॉपिक से सीधा प्रश्न दर्ज नहीं हुआ, लेकिन सिलेबस में शामिल होने से आगामी परीक्षाओं में प्रश्न आने की पूरी संभावना है।
कार्य की SI इकाई क्या है और यह किन राशियों पर निर्भर करती है?+
कार्य की SI इकाई जूल (J) है। यह बल (न्यूटन में) और विस्थापन (मीटर में) दोनों पर निर्भर करता है — W = F × s।
1 किलोवाट-घंटा (kWh) कितने जूल के बराबर होता है?+
1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल (3.6 मेगाजूल)। यह बिजली के बिल में इस्तेमाल होने वाली 'यूनिट' है।
गतिज ऊर्जा और स्थितिज ऊर्जा में मुख्य अंतर क्या है?+
गतिज ऊर्जा वस्तु की गति के कारण होती है (KE = ½mv²), जबकि स्थितिज ऊर्जा वस्तु की स्थिति या ऊँचाई के कारण होती है (PE = mgh)।
शक्ति और ऊर्जा में क्या अंतर है?+
ऊर्जा कार्य करने की कुल क्षमता है, जबकि शक्ति उस कार्य को करने की दर है — शक्ति = ऊर्जा/समय। दोनों की इकाइयाँ अलग हैं: ऊर्जा की जूल, शक्ति की वाट। दो व्यक्ति समान कार्य कर सकते हैं, पर जो इसे कम समय में करे उसकी शक्ति अधिक मानी जाएगी।
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आधिकारिक स्रोत
बदलाव लॉग
- 16 सितंबर 2026 — पेज प्रकाशित — तथ्य स्वतंत्र रूप से जाँचे गए