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📚 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति

Artificial Intelligence Policy in India

14 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: अगस्त 2026· Science and Technology

परिचय

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) अब केवल एक शोध विषय नहीं रह गई है, बल्कि यह राष्ट्रीय रणनीति का विषय बन चुकी है, और भारत ने इसे मुख्यतः एक शासन-व्यवस्था (गवर्नेंस) और नीतिगत चुनौती के रूप में देखा है, न कि केवल एक तकनीकी प्रश्न के रूप में। 2018 से, नीति आयोग — सरकार की प्रमुख नीति थिंक टैंक — ने एक आधारभूत रणनीति दस्तावेज़, "AI for All" नामक दृष्टिकोण, और उसके बाद उत्तरदायी (जिम्मेदार) व नैतिक AI पर कार्य के माध्यम से भारत की AI-सोच को आकार दिया है। RPSC RAS प्रीलिम्स के लिए, यह विषय व्यक्तिगत AI अनुप्रयोगों की तुलना में ढांचे (फ्रेमवर्क) पर अधिक परखा जाता है — किस संस्था ने भारत की AI रणनीति लिखी, उसने क्या दृष्टिकोण रखा, "विश्वसनीय" AI का मार्गदर्शन करने वाले सिद्धांत क्या हैं, भारत ने किस प्रकार का नियामक रुख अपनाया है, और नीति-निर्माता किन शासन-चुनौतियों — गोपनीयता, पूर्वाग्रह (बायस), जवाबदेही — से जूझ रहे हैं। यह अध्ययन सामग्री इसी रणनीति-एवं-शासन कोण पर केंद्रित है, विशिष्ट मिशन व अनुप्रयोगों को अन्यत्र छोड़ते हुए।

भारत के AI शासन ढांचे की मुख्य अवधारणाएं

1. नीति आयोग की राष्ट्रीय AI रणनीति और "AI for All" दृष्टिकोण

नीति आयोग ने 2018 में अपना चर्चा-पत्र, कृत्रिम बुद्धिमत्ता हेतु राष्ट्रीय रणनीति (National Strategy for Artificial Intelligence), जारी किया, और स्वयं को किसी विशेष मंत्रालय के बजाय भारत की AI-सोच के प्रमुख वास्तुकार के रूप में स्थापित किया। यह रणनीति "AI for All" के नारे पर आधारित थी, जो जानबूझकर दो बातों का संकेत देती है: पहला, भारत को AI-आधारित आर्थिक वृद्धि और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए; दूसरा, AI के लाभ व्यापक और समावेशी रूप से बंटने चाहिए, न कि अर्थव्यवस्था के किसी पहले से लाभान्वित संकीर्ण वर्ग तक सीमित रहें। विस्तृत योजनाओं को सुझाने के बजाय, 2018 का यह पत्र एक क्षेत्र-निर्धारण अभ्यास (scoping exercise) के रूप में कार्य करता है — इसने जांचा कि AI सबसे अधिक सामाजिक मूल्य कहां दे सकता है, किन बाधाओं (कौशल की कमी, डेटा तंत्र, अनुसंधान क्षमता, नैतिक चिंताएं) का सामना करना है, और सरकार, उद्योग व शिक्षा जगत की क्या भूमिका होनी चाहिए। नीतिगत दृष्टि से इसका स्थायी योगदान किसी एक आंकड़े में नहीं, बल्कि इस विचार में है कि भारत AI अपनाने और AI शासन-व्यवस्था दोनों को एक साथ, एक ही रणनीति के दो पहलुओं के रूप में आगे बढ़ाएगा, न कि नियमन को क्रियान्वयन के बाद की सोच मानेगा।

2. उत्तरदायी और नैतिक AI के सिद्धांत

2018 की रणनीति पर आगे बढ़ते हुए, नीति आयोग के परवर्ती कार्य — जिसे सामान्यतः उत्तरदायी AI (Responsible AI) पर दृष्टिकोण-पत्र कहा जाता है — ने चर्चा को "कितना AI" से हटाकर "किस प्रकार का AI" पर केंद्रित किया। मूल भावना यह है कि भारत में तैनात AI प्रणालियों को, चाहे वे सरकार द्वारा हों या उद्योग द्वारा, कुछ सिद्धांतों की कसौटी पर परखा जाना चाहिए, न कि उन्हें अनियमित रूप से विकसित होने दिया जाए। भारतीय नीतिगत विमर्श में सामान्यतः वर्णित ये सिद्धांत मोटे तौर पर इन्हें शामिल करते हैं: सुरक्षा और विश्वसनीयता (प्रणालियों को पूर्वानुमेय ढंग से कार्य करना चाहिए और सुरक्षित रूप से विफल होना चाहिए); समानता और गैर-भेदभाव (प्रणालियों को किसी भी समूह को व्यवस्थित रूप से नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए); गोपनीयता और सुरक्षा (AI प्रणालियों को प्रशिक्षित या संचालित करने में प्रयुक्त व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित होना चाहिए); पारदर्शिता (AI-सहायता प्राप्त निर्णयों का आधार, कम से कम नियामकों और प्रभावित व्यक्तियों के लिए, स्पष्ट होना चाहिए); जवाबदेही (AI प्रणाली के परिणामों के लिए कोई व्यक्ति या संस्था उत्तरदायी बनी रहनी चाहिए); और अधिक व्यापक रूप से सकारात्मक मानवीय मूल्यों की रक्षा, ताकि दक्षता के लाभ मानवीय गरिमा या स्वायत्तता की कीमत पर न आएं। परीक्षा की दृष्टि से मुख्य बात किसी संपूर्ण, स्थिर सूची को रटना नहीं, बल्कि यह समझना है कि भारतीय AI नीति स्पष्ट रूप से "उत्तरदायी AI" को एक डिज़ाइन व शासन-आवश्यकता के रूप में परिभाषित करती है, न कि एक वैकल्पिक जोड़।

3. AI के प्रति भारत का नियामक दृष्टिकोण

यूरोपीय संघ के विपरीत, जिसने एक व्यापक, जोखिम-स्तरीकृत AI कानून अपनाया है, भारत ने अब तक एकल व्यापक AI कानून के बजाय एक ऐसे दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है जिसे नीति-निर्माता "नवाचार-अनुकूल" (pro-innovation), "हल्के हाथ" (light-touch), और सिद्धांत-आधारित बताते हैं। व्यवहार में, इसका अर्थ है मौजूदा कानूनी उपकरणों — सूचना प्रौद्योगिकी कानून, क्षेत्र-विशिष्ट नियमन, और नोडल मंत्रालय द्वारा जारी परामर्शों (advisories) — पर निर्भर रहना, ताकि AI से जुड़े नुकसानों का सामना होते ही किया जा सके, जबकि अधिक औपचारिक, समर्पित विधान का विकल्प भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जाए, यदि स्व-नियमन और मौजूदा कानून अपर्याप्त सिद्ध हों। डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, यद्यपि यह AI-विशिष्ट कानून नहीं है, इस पृष्ठभूमि का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, क्योंकि AI प्रणालियां मूलतः डेटा पर निर्भर होती हैं, और सहमति, उद्देश्य-सीमन तथा डेटा-न्यासी (fiduciary) दायित्वों से जुड़े नियम सीधे प्रभावित करते हैं कि भारत में AI को कैसे प्रशिक्षित और तैनात किया जा सकता है। व्यापक दर्शन यह है कि नियमन को वास्तविक जोखिम के अनुरूप होना चाहिए और तकनीक के साथ-साथ क्रमिक रूप से विकसित होना चाहिए, बजाय इसके कि तकनीक के निहितार्थ पूरी तरह समझे जाने से पहले ही नियमों को स्थिर कर दिया जाए — यह रुख नीतिगत विमर्श में प्रायः विदेशों के अधिक निर्देशात्मक नियामक मॉडलों से तुलना करके समझाया जाता है।

4. शासन चुनौतियां: गोपनीयता, जवाबदेही और पूर्वाग्रह

भारत की नीति-व्यवस्था ने बार-बार कुछ सामान्य शासन-चुनौतियों को रेखांकित किया है जिनका सामना किसी भी AI ढांचे को करना होगा। डेटा गोपनीयता केंद्रीय है, क्योंकि AI मॉडल बड़े डेटासेट पर प्रशिक्षित होते हैं जिनमें संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी शामिल हो सकती है, जिससे सहमति, गुमनामीकरण (anonymisation) और द्वितीयक उपयोग से जुड़े प्रश्न उठते हैं। एल्गोरिदमिक जवाबदेही एक अन्य बार-बार उठने वाली चिंता है: जब कोई AI-सहायता प्राप्त निर्णय — उदाहरण के लिए क्रेडिट स्कोरिंग, कल्याण पात्रता, या कानून प्रवर्तन में — नुकसान पहुंचाता है, तो यह पहचानना संभव होना चाहिए कि कौन जिम्मेदार है, जो तब कठिन हो जाता है जब मॉडल जटिल, स्वामित्व-युक्त (proprietary), या खराब रूप से प्रलेखित हों। पूर्वाग्रह और निष्पक्षता निकटता से जुड़े हैं: गैर-प्रतिनिधिक या ऐतिहासिक रूप से विषम डेटा पर प्रशिक्षित AI प्रणालियां मौजूदा सामाजिक पूर्वाग्रहों को दोहरा या बढ़ा सकती हैं, जो भारत जैसे बड़े, भाषाई और सामाजिक-आर्थिक रूप से विविध देश में विशेष चिंता का विषय है। इनके अतिरिक्त, नीति-निर्माता "ब्लैक-बॉक्स" मॉडलों की व्याख्येयता (explainability), AI-जनित भ्रामक सूचना और डीपफेक के जोखिम, सीमा-पार डेटा प्रवाह, तथा सरकार के भीतर ही नियामक व तकनीकी क्षमता निर्माण की आवश्यकता की ओर भी इशारा करते हैं, ताकि निगरानी तैनाती से बहुत पीछे न रह जाए। इनमें से किसी भी चुनौती का भारतीय नीति में कोई एक तय समाधान नहीं है; इन्हें उस स्थायी एजेंडे के रूप में समझना बेहतर है जिस पर रणनीति दस्तावेज़ और दृष्टिकोण-पत्र बार-बार लौटते हैं।

5. AI नीति-निर्माण के लिए संस्थागत ढांचा

भारत का AI नीति-निर्माण कुछ चुनिंदा संस्थाओं में विशिष्ट भूमिकाओं के साथ बंटा हुआ है। नीति आयोग एक रणनीतिक थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है: इसने मूल राष्ट्रीय रणनीति और बाद के उत्तरदायी-AI दृष्टिकोण-पत्र तैयार किए, जिससे वह प्रभावी रूप से बौद्धिक व मानक-निर्धारक एजेंडा तय करता है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) डिजिटल व AI-संबंधित नियमन के लिए नोडल मंत्रालय के रूप में कार्य करता है, परामर्श जारी करता है और उस कानूनी ढांचे — जिसमें डेटा संरक्षण कानून शामिल है — का प्रशासन करता है जिसके भीतर AI संचालित होता है। क्षेत्रीय नियामक व मंत्रालय (उदाहरण के लिए वित्त, स्वास्थ्य, या दूरसंचार में) से अपेक्षा की जाती है कि वे सामान्य AI शासन सिद्धांतों को अपने-अपने क्षेत्र में लागू करें, बजाय इसके कि किसी एकल छत्र-नियामक की प्रतीक्षा करें। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन AI (GPAI) के संस्थापक सदस्य के रूप में सहभागिता की है, जो एक बहु-हितधारक मंच है जिसके माध्यम से देश उत्तरदायी AI मानकों पर समन्वय करते हैं — यह दर्शाता है कि भारतीय AI शासन को वैश्विक मानक-निर्धारण से संवाद में गढ़ा जाना है, अलगाव में नहीं। यह स्तरीकृत ढांचा — रणनीति के लिए थिंक टैंक, नियमन के लिए नोडल मंत्रालय, अनुप्रयोग के लिए क्षेत्रीय निकाय, और मानक-संरेखण के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच — वह संस्थागत मॉडल है जिसे अभ्यर्थियों को "भारत AI का शासन कैसे करता है" के साथ जोड़ना चाहिए, न कि किसी एक मिशन या योजना के साथ।

RPSC RAS प्रीलिम्स के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

  • नीति आयोग ने 2018 में भारत की राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति जारी की, जो "AI for All" के दृष्टिकोण पर आधारित है।
  • किसी लाइन मंत्रालय के बजाय नीति आयोग भारत की AI रणनीति व दृष्टिकोण-दस्तावेज़ों का प्रमुख लेखक रहा है — यह एक बार-बार पूछा जाने वाला संस्थागत तथ्य है।
  • "AI for All" दृष्टिकोण दो लक्ष्यों को जोड़ता है: AI में भारत का तकनीकी व आर्थिक नेतृत्व, और AI के लाभों का समावेशी, व्यापक वितरण।
  • नीति आयोग के परवर्ती "उत्तरदायी AI" कार्य ने सुरक्षा-विश्वसनीयता, समानता-गैर-भेदभाव, गोपनीयता-सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे सिद्धांत निर्धारित किए।
  • यूरोपीय संघ के जोखिम-स्तरीकृत AI कानून के विपरीत, भारत ने आम तौर पर एकल व्यापक AI कानून की बजाय नवाचार-अनुकूल, हल्के हाथ वाले, सिद्धांत-आधारित नियामक दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है।
  • डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023, यद्यपि AI-विशिष्ट कानून नहीं, भारत में AI प्रणालियों द्वारा व्यक्तिगत डेटा के उपयोग को महत्वपूर्ण रूप से आकार देता है।
  • भारतीय नीति में बार-बार रेखांकित प्रमुख AI शासन-चुनौतियों में डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदमिक जवाबदेही, पूर्वाग्रह-निष्पक्षता, तथा जटिल मॉडलों की व्याख्येयता शामिल हैं।
  • भारत ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI) का संस्थापक सदस्य है, जो उत्तरदायी AI पर सहयोग हेतु एक अंतरराष्ट्रीय निकाय है।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) AI-संबंधित डिजिटल नियमन व परामर्शों के लिए नोडल मंत्रालय है, जो नीति आयोग की रणनीतिक भूमिका से भिन्न है।
  • भारतीय AI नीति स्पष्ट रूप से शासन-व्यवस्था और अंगीकरण (adoption) को समानांतर पथों के रूप में परिभाषित करती है, क्रमिक नहीं — नियमन को तैनाती के साथ-साथ विकसित होना है, समस्याएं सामने आने के बाद ही नहीं।

RPSC RAS प्रीलिम्स के लिए परीक्षा सुझाव

  • "नीति आयोग — राष्ट्रीय AI रणनीति — 2018 — AI for All" को एक जुड़े तथ्य के रूप में याद रखें; RPSC प्रायः पूछता है कि भारत की AI रणनीति किसने बनाई।
  • राष्ट्रीय AI रणनीति/दृष्टिकोण दस्तावेज़ को क्रियान्वयन मिशनों या अनुप्रयोग-विशिष्ट कार्यक्रमों से भ्रमित न करें — परीक्षा "नीति किसने बनाई" को "क्या बना" से अलग करती है।
  • याद रखें कि भारत ने एकल व्यापक AI कानून के बजाय हल्के हाथ वाले, सिद्धांत-आधारित नियामक रुख को चुना है, EU के जोखिम-आधारित AI कानून के विपरीत।
  • "उत्तरदायी AI" को किसी विशिष्ट तकनीकी उत्पाद के बजाय सिद्धांतों के एक समूह (सुरक्षा, समानता, गोपनीयता, पारदर्शिता, जवाबदेही) से जोड़ें।
  • नीति आयोग (रणनीति-निर्धारक थिंक टैंक) को MeitY (नोडल नियामक मंत्रालय) से अलग रखें — एक सामान्यतः परखी जाने वाली संस्थागत जोड़ी।
  • ध्यान दें कि डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 एक सामान्य डेटा कानून है, AI-विशिष्ट कानून नहीं, परंतु AI शासन के लिए अत्यंत प्रासंगिक है क्योंकि AI डेटा पर निर्भर करता है।
  • GPAI को उत्तरदायी AI पर उस अंतरराष्ट्रीय बहु-हितधारक निकाय के नाम के रूप में याद रखें जिसका भारत संस्थापक सदस्य है।
  • जब कोई प्रश्न AI के संदर्भ में पूर्वाग्रह, जवाबदेही, या गोपनीयता का उल्लेख करे, तो उसे शासन-चुनौती प्रश्न मानें, न कि तकनीक-अनुप्रयोग प्रश्न।
🧠 स्मरण ट्रिक — उत्तरदायी AI के सिद्धांतों के लिए SEPTA

भारत के "उत्तरदायी AI" दृष्टिकोण के मूल सिद्धांतों को SEPTA शब्द से याद रखें: S = सुरक्षा व विश्वसनीयता (Safety, प्रणालियां पूर्वानुमेय ढंग से कार्य करें, सुरक्षित रूप से विफल हों), E = समानता व गैर-भेदभाव (Equality, किसी समूह को व्यवस्थित नुकसान न हो), P = गोपनीयता व सुरक्षा (Privacy, व्यक्तिगत डेटा सुरक्षित रहे), T = पारदर्शिता (Transparency, AI निर्णयों का आधार समझाया जा सके), A = जवाबदेही (Accountability, परिणामों के लिए कोई व्यक्ति/संस्था उत्तरदायी बनी रहे)। यदि प्रश्न भारतीय AI शासन के किसी सिद्धांत के बारे में पूछे, तो उत्तर देने से पहले उसे SEPTA से मिलाकर जांचें।

⚠️ कन्फ्यूज़न बस्टर — AI रणनीति/नीति बनाम AI क्रियान्वयन/मिशन कार्यक्रम

RPSC के AI संबंधी प्रश्न दो अलग-अलग स्तरों की जांच कर सकते हैं, और इन्हें मिला देना सबसे सामान्य गलती है। AI रणनीति/नीति का अर्थ है वैचारिक स्तर — नीति आयोग की राष्ट्रीय AI रणनीति, "AI for All" दृष्टिकोण, उत्तरदायी AI के सिद्धांत, और सरकार द्वारा चुना गया नियामक रुख। यह इस बारे में है कि भारत में AI का मार्गदर्शन क्या करना चाहिए, यह किसने और क्यों तय किया। AI क्रियान्वयन/मिशन कार्यक्रम का अर्थ है परिचालन स्तर — विशिष्ट मिशन, क्षेत्रीय कार्यक्रम, भाषा/अनुवाद उपकरण, और वित्त-पोषित योजनाएं जो किसी विशेष क्षेत्र में AI को वास्तव में काम में लाती हैं। यह इस बारे में है कि वास्तव में क्या बनाया या लागू किया गया। त्वरित जांच: यदि प्रश्न किसी रणनीति दस्तावेज़, दृष्टिकोण-कथन, सिद्धांतों के समूह, या नियामक दृष्टिकोण के बारे में हो, तो वह नीति/शासन श्रेणी में आता है; यदि वह किसी विशिष्ट मिशन, कार्यक्रम, या तैनात उपकरण का नाम ले, तो वह क्रियान्वयन श्रेणी में आता है।

Diagram: layers of India's AI governance framework, from vision to regulationIndia's AI Governance FrameworkLayer 1: Vision - "AI for All", combining technology leadership with inclusive benefit-sharingLayer 1 label1. Vision: "AI for All"Vision informs the national strategyLayer 2: Strategy - National Strategy for AI authored by NITI Aayog, 2018Layer 2 label2. Strategy: NITI Aayog, 2018Strategy is translated into responsible-AI principlesLayer 3: Principles - safety, equality, privacy, transparency, accountabilityLayer 3 label3. Principles: Responsible AIPrinciples shape the regulatory and governance approachLayer 4: Governance - light-touch regulation, plus challenges of privacy, accountability and biasLayer 4 label4. Governance & RegulationGovernance challenges and periodic review feed back into refining the national strategy over timeFeedback arrow pointing back into the strategy layer
📝 अभ्यास प्रश्न
Q1. भारत की राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति किस संस्था ने और किस वर्ष जारी की?

✅ नीति आयोग ने 2018 में राष्ट्रीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता रणनीति जारी की, जो "AI for All" दृष्टिकोण पर आधारित थी।

Q2. भारत का "AI for All" दृष्टिकोण किन दो लक्ष्यों को जोड़ता है?

✅ यह AI में भारत के तकनीकी व आर्थिक नेतृत्व की खोज को, AI के लाभों को पूरे समाज में समावेशी रूप से बांटने की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ता है, न कि केवल किसी लाभान्वित वर्ग तक सीमित रखने के साथ।

Q3. AI को लेकर भारत का नियामक दृष्टिकोण यूरोपीय संघ से किस प्रकार भिन्न है?

✅ भारत ने सामान्यतः मौजूदा कानून व परामर्शों पर निर्भर, नवाचार-अनुकूल, हल्के हाथ वाले, सिद्धांत-आधारित दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी है, न कि EU के AI Act जैसे एकल व्यापक, जोखिम-स्तरीकृत कानून को।

Q4. भारतीय AI नीति दस्तावेज़ों में सामान्यतः रेखांकित तीन शासन-चुनौतियों के नाम बताइए।

✅ डेटा गोपनीयता, एल्गोरिदमिक जवाबदेही, और पूर्वाग्रह/निष्पक्षता सामान्यतः रेखांकित की जाती हैं, साथ ही जटिल मॉडलों की व्याख्येयता व AI-जनित भ्रामक सूचना का जोखिम भी।

Q5. वह कौन-सा अंतरराष्ट्रीय निकाय है, जिसका भारत संस्थापक सदस्य है, जो उत्तरदायी AI पर देशों के बीच सहयोग का समन्वय करता है?

✅ ग्लोबल पार्टनरशिप ऑन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (GPAI), उत्तरदायी AI पर सहयोग हेतु एक बहु-हितधारक अंतरराष्ट्रीय मंच।

सारांश

भारत का AI दृष्टिकोण शुरू से ही उतना ही एक शासन-व्यवस्था की चुनौती रहा है जितना कि एक तकनीकी अवसर। नीति आयोग की 2018 की राष्ट्रीय AI रणनीति ने "AI for All" दृष्टिकोण प्रस्तुत किया, जो तकनीकी नेतृत्व की महत्वाकांक्षा को समावेशी लाभ-वितरण की प्रतिबद्धता के साथ जोड़ता है, और इसके परवर्ती उत्तरदायी AI कार्य ने इस दृष्टिकोण को सिद्धांतों में — सुरक्षा, समानता, गोपनीयता, पारदर्शिता और जवाबदेही — अनूदित किया, जो यह बताते हैं कि AI कैसे बनाया व तैनात किया जाए, न कि केवल कितना बनाया जाए। नियमन के मामले में, भारत ने अब तक नवाचार-अनुकूल, हल्के हाथ वाला, सिद्धांत-आधारित रुख चुना है, जो डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम, 2023 जैसे मौजूदा उपकरणों पर निर्भर है, न कि किसी एकल व्यापक AI कानून पर, जबकि गोपनीयता, एल्गोरिदमिक जवाबदेही और पूर्वाग्रह जैसी शासन-चुनौतियों से जूझना जारी है। संस्थागत रूप से, नीति आयोग रणनीति तय करता है, MeitY नियमन करता है, क्षेत्रीय निकाय अपने-अपने क्षेत्र में सिद्धांत लागू करते हैं, और GPAI जैसे मंच भारत के दृष्टिकोण को वैश्विक मानक-निर्धारण से जोड़ते हैं। RPSC RAS प्रीलिम्स के लिए, अभ्यर्थियों को इस रणनीति-एवं-शासन चित्र को किसी विशिष्ट AI अनुप्रयोग या मिशन से अलग रखना चाहिए, क्योंकि परीक्षा प्रायः ढांचे को परखती है — किसने क्या तय किया, और किन सिद्धांतों पर — न कि क्रियान्वयन के विवरण को।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
  • ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
  • भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
  • सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
  • डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।
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कागज की लुगदी बनाने के लिए किस काष्ठीय कच्चे माल का उपयोग किया जाता है?

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अभिकथन (A): प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) लैंप, कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप (CFL) की तुलना में अधिक सेवा-जीवन प्रदान करते हैं। कारण (R): प्रकाश उत्सर्जक डायोड (LED) लैंप, कॉम्पैक्ट फ्लोरोसेंट लैंप (CFL) की तुलना में अधिक ऊर्जा-दक्ष होते हैं। नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए:

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नीचे उपकरणों और संबंधित ऊर्जा परिवर्तनों के कुछ युग्म दिए गए हैं: - (i) विद्युत जनित्र - यांत्रिक से विद्युत - (ii) विद्युत मोटर - विद्युत से यांत्रिक - (iii) डीजल इंजन - प्रकाश से विद्युत - (iv) सौर सेल - रासायनिक से यांत्रिक उपर्युक्त में से कौन-सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?

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निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

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सेलेरॉन, पेंटियम और कोर श्रृंखला किसकी हैं —

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