परिचय
भारतीय संविधान के भाग-III (अनुच्छेद 12-35) में मौलिक अधिकार हैं। इन्हें भारत का मैग्नाकार्टा कहा जाता है। ये न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने अनुच्छेद 32 (संवैधानिक उपचारों का अधिकार) को संविधान की आत्मा और हृदय कहा।
मूल रूप से 7 मौलिक अधिकार थे। 44वें संशोधन 1978 द्वारा संपत्ति का अधिकार हटाया गया। अब 6 मौलिक अधिकार हैं।
1. समता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18)
अनुच्छेद 14: विधि के समक्ष समता। अनुच्छेद 15: धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग, जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव निषेध। 15(6) — 103वां संशोधन 2019 — EWS 10% आरक्षण।
अनुच्छेद 16: सार्वजनिक नियोजन में अवसर की समता। 16(4A) — पदोन्नति में SC/ST के लिए आरक्षण।
अनुच्छेद 17: अस्पृश्यता का उन्मूलन — यह निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी लागू होता है। (अनुच्छेद 359 के अंतर्गत आपातकाल में केवल अनुच्छेद 20 और 21 के प्रवर्तन को निलंबित नहीं किया जा सकता।)
अनुच्छेद 18: उपाधियों का अंत। भारत रत्न और पद्म पुरस्कार उपाधि नहीं, नागरिक सम्मान हैं।
2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22)
अनुच्छेद 19: 6 स्वतंत्रताएं — वाक्-स्वातंत्र्य, शांतिपूर्ण सम्मेलन, संघ बनाना, भारत में सर्वत्र आवागमन, निवास, वृत्ति/व्यापार। मूलतः 7 थीं; 19(1)(f) (संपत्ति) 44वें संशोधन से हटा।
अनुच्छेद 20: दोषसिद्धि से संरक्षण — कार्योत्तर विधि (Ex-Post Facto) से दंड नहीं, दोहरा दंड (Double Jeopardy) नहीं, स्वयं के विरुद्ध साक्ष्य देने की बाध्यता (Self-Incrimination) नहीं — आपातकाल में भी सुरक्षित।
अनुच्छेद 21: प्राण और दैहिक स्वतंत्रता। मेनका गांधी 1978 — विस्तृत अर्थ। K.S. पुत्तुस्वामी 2017 — निजता मौलिक अधिकार।
अनुच्छेद 21A: शिक्षा का अधिकार — 86वां संशोधन 2002। 6-14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क अनिवार्य शिक्षा। RTE Act 2009।
अनुच्छेद 22: मनमानी गिरफ्तारी से संरक्षण — गिरफ्तारी का कारण जानने, वकील से परामर्श करने और 24 घंटे में मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किए जाने का अधिकार।
3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24)
अनुच्छेद 23: मानव दुर्व्यापार और बेगार निषेध। अनुच्छेद 24: 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का खतरनाक कार्यों में रोजगार निषेध।
4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28)
अनुच्छेद 25: अंतःकरण की स्वतंत्रता और धर्म को मानने, आचरण करने व प्रचार करने की स्वतंत्रता — लोक व्यवस्था, सदाचार और स्वास्थ्य के अधीन।
5. संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29-30)
अनुच्छेद 29: अल्पसंख्यकों को अपनी भाषा, लिपि और संस्कृति के संरक्षण का अधिकार।
अनुच्छेद 30: अल्पसंख्यकों को शिक्षण संस्थाएं स्थापित और संचालित करने का अधिकार।
| मौलिक अधिकार | अनुच्छेद |
|---|---|
| समता का अधिकार | 14-18 |
| स्वतंत्रता का अधिकार | 19-22 |
| शोषण के विरुद्ध अधिकार | 23-24 |
| धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार | 25-28 |
| संस्कृति और शिक्षा संबंधी अधिकार | 29-30 |
| संवैधानिक उपचारों का अधिकार | 32 |
6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)
5 रिट: बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus), परमादेश (Mandamus), प्रतिषेध (Prohibition), उत्प्रेषण (Certiorari), अधिकार पृच्छा (Quo Warranto)। अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय और अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय रिट जारी कर सकते हैं।
| रिट | अर्थ | कब जारी होती है |
|---|---|---|
| बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) | "शरीर को प्रस्तुत करो" | अवैध रूप से निरुद्ध व्यक्ति को न्यायालय में पेश कराने के लिए |
| परमादेश (Mandamus) | "हम आदेश देते हैं" | लोक अधिकारी को अपना कर्तव्य निभाने का आदेश |
| प्रतिषेध (Prohibition) | रोकना | निचली अदालत को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाने से रोकने के लिए |
| उत्प्रेषण (Certiorari) | "प्रमाणित करना" | निचली अदालत से मामले के अभिलेख मंगाने/निर्णय रद्द करने के लिए |
| अधिकार पृच्छा (Quo Warranto) | "किस अधिकार से" | किसी व्यक्ति के सार्वजनिक पद पर दावे की वैधता जाँचने के लिए |
प्रमुख वाद
शंकरी प्रसाद 1951 → गोलकनाथ 1967 → केशवानंद भारती 1973 (मूल ढांचा) → मेनका गांधी 1978 → मिनर्वा मिल्स 1980 → के.एस. पुट्टस्वामी 2017 (निजता)।
आपातकाल और मौलिक अधिकार
अनुच्छेद 358 — राष्ट्रीय आपातकाल (युद्ध या बाह्य आक्रमण के आधार पर) में अनुच्छेद 19 स्वतः निलंबित हो जाता है। अनुच्छेद 359 — राष्ट्रपति अन्य मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन को निलंबित कर सकते हैं। परंतु अनुच्छेद 20 और 21 आपातकाल में भी निलंबित नहीं किए जा सकते — 44वें संशोधन 1978 की देन।
RAS Prelims में महत्व
याद रखें: 44वां संशोधन 1978 (संपत्ति का अधिकार हटाया; आपातकाल में अनुच्छेद 20-21 सुरक्षित), 86वां संशोधन 2002 (अनुच्छेद 21A), 103वां संशोधन 2019 (EWS)। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों में इस विषय से नियमित रूप से प्रश्न आए हैं।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
- •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
- •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
- •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
- •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।