परिचय
राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में प्रजामंडल आंदोलन के नेताओं, रियासती शासकों और स्वतंत्रता के बाद के मुख्यमंत्रियों की अलग-अलग भूमिकाएँ रही हैं। RAS परीक्षा के लिए इन व्यक्तित्वों को नाम, पद, कार्यकाल और संगठन के आधार पर याद रखना उपयोगी है। इस पृष्ठ में प्रजामंडल व क्रांतिकारी नेता, एकीकरण के चरण और प्रमुख मुख्यमंत्री दिए गए हैं।
मुख्य अवधारणाएं
1. प्रजामंडल और क्रांतिकारी नेता
रियासतों में जन-आंदोलन प्रजामंडलों के माध्यम से चले। माणिक्यलाल वर्मा ने मेवाड़ प्रजामंडल (1938) की स्थापना की, जयनारायण व्यास मारवाड़ (जोधपुर) के आंदोलन के प्रमुख नेता रहे, विजय सिंह पथिक बिजौलिया किसान आंदोलन के नेता थे और सागरमल गोपा ने जैसलमेर में रियासती शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए 1946 में जेल में प्राण त्यागे। केसरी सिंह बारहठ और अर्जुनलाल सेठी क्रांतिकारी आंदोलन से जुड़े प्रमुख नाम हैं।
| नेता | क्षेत्र / संगठन | पहचान |
|---|---|---|
| माणिक्यलाल वर्मा | मेवाड़ (उदयपुर) | मेवाड़ प्रजामंडल (1938) के संस्थापक; संयुक्त राजस्थान के प्रधानमंत्री (1948) |
| जयनारायण व्यास | मारवाड़ (जोधपुर) | मारवाड़ के प्रजामंडल/लोक परिषद आंदोलन के नेता; बाद में राजस्थान के मुख्यमंत्री |
| विजय सिंह पथिक | बिजौलिया (मेवाड़) | बिजौलिया किसान आंदोलन के प्रमुख नेता |
| सागरमल गोपा | जैसलमेर | रियासती शासन के विरोधी; 1946 में जेल में मृत्यु |
| हरिभाऊ उपाध्याय | अजमेर | अजमेर राज्य के मुख्यमंत्री (1952-56) |
| अर्जुनलाल सेठी | जयपुर | क्रांतिकारी; जयपुर में वर्धमान विद्यालय के संस्थापक |
| केसरी सिंह बारहठ | शाहपुरा | क्रांतिकारी |
2. रियासती शासक और राजप्रमुख
जयपुर के महाराजा सवाई मान सिंह II 30 मार्च 1949 को वृहत् राजस्थान के राजप्रमुख बने और 1 नवंबर 1956 तक इस पद पर रहे; बाद में वे स्पेन में भारत के राजदूत भी रहे। जोधपुर के विलय (1949) के समय वहाँ के शासक हनवंत सिंह थे। उदयपुर (मेवाड़) के महाराणा भूपाल सिंह संयुक्त राजस्थान (18 अप्रैल 1948) के राजप्रमुख बने।
3. प्रथम पीढ़ी के मुख्यमंत्री
हीरालाल शास्त्री वृहत् राजस्थान (30 मार्च 1949) के प्रथम मुख्यमंत्री थे (7 अप्रैल 1949 से 5 जनवरी 1951)। मोहनलाल सुखाड़िया 1954 से 1971 तक मुख्यमंत्री रहे, जो राजस्थान में अब तक का सबसे लंबा कार्यकाल है। उनके कार्यकाल में 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में देश की पहली पंचायती राज योजना का शुभारंभ हुआ।
4. एकीकरण के चरण
राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक 7 चरणों में पूरा हुआ। 30 मार्च 1949 को वृहत् राजस्थान बना (चौथा चरण), इसलिए इस दिन राजस्थान दिवस मनाया जाता है।
- 18 मार्च 1948मत्स्य संघ
- 25 मार्च 1948पूर्व राजस्थान संघ
- 18 अप्रैल 1948संयुक्त राजस्थान (उदयपुर के विलय के साथ)
- 30 मार्च 1949वृहत् राजस्थान (जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर का विलय)
- 15 मई 1949मत्स्य संघ का वृहत् राजस्थान में विलय
- 26 जनवरी 1950सिरोही (आबू-देलवाड़ा को छोड़कर) का विलय
- 1 नवंबर 1956अजमेर-मेरवाड़ा, आबू-देलवाड़ा व सुनेल टप्पा का विलय; वर्तमान राजस्थान
5. समकालीन राजनीतिक नेता
भैरोंसिंह शेखावत तीन बार मुख्यमंत्री रहे और बाद में भारत के उपराष्ट्रपति (2002-07) बने। अशोक गहलोत तीन बार (1998-2003, 2008-13, 2018-23) और वसुंधरा राजे दो बार (2003-08, 2013-18) मुख्यमंत्री रहीं; वसुंधरा राजे राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा हैं (दिसंबर 2023 से)।
महत्वपूर्ण तथ्य
- हीरालाल शास्त्री वृहत् राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री थे (7 अप्रैल 1949 से 5 जनवरी 1951)।
- सवाई मान सिंह II (जयपुर) वृहत् राजस्थान के राजप्रमुख (1949-56) थे और बाद में स्पेन में भारत के राजदूत रहे।
- मोहनलाल सुखाड़िया 1954 से 1971 तक मुख्यमंत्री रहे - राजस्थान में सबसे लंबा कार्यकाल।
- 2 अक्टूबर 1959 को नागौर में देश की पहली पंचायती राज योजना का शुभारंभ हुआ (सुखाड़िया के कार्यकाल में)।
- माणिक्यलाल वर्मा ने मेवाड़ प्रजामंडल (1938) की स्थापना की और संयुक्त राजस्थान के प्रधानमंत्री रहे।
- सागरमल गोपा (जैसलमेर) की 1946 में जेल में मृत्यु हुई।
- राजस्थान का एकीकरण 18 मार्च 1948 से 1 नवंबर 1956 तक 7 चरणों में पूरा हुआ; 30 मार्च 1949 को वृहत् राजस्थान बना।
- वसुंधरा राजे राजस्थान की पहली महिला मुख्यमंत्री हैं; भैरोंसिंह शेखावत बाद में भारत के उपराष्ट्रपति (2002-07) बने।
| मुख्यमंत्री | कार्यकाल | विशेष तथ्य |
|---|---|---|
| हीरालाल शास्त्री | 7 अप्रैल 1949 - 5 जनवरी 1951 | वृहत् राजस्थान के प्रथम मुख्यमंत्री |
| सी.एस. वेंकटाचारी | 6 जनवरी 1951 - 25 अप्रैल 1951 | - |
| जयनारायण व्यास | 26 अप्रैल 1951 - 3 मार्च 1952 | बाद में पुनः मुख्यमंत्री (1952-54) |
| टीकाराम पालीवाल | 3 मार्च 1952 - 31 अक्टूबर 1952 | - |
| मोहनलाल सुखाड़िया | 1954 - 1971 | सबसे लंबा कार्यकाल; नागौर में पंचायती राज (1959) |
| बरकतुल्लाह खान | 9 जुलाई 1971 - 11 अक्टूबर 1973 | पद पर रहते हुए निधन |
| हरिदेव जोशी | 11 अक्टूबर 1973 - 29 अप्रैल 1977 | 1985-88 और 1989-90 में पुनः मुख्यमंत्री |
| भैरोंसिंह शेखावत | 1977-80, 1990-92, 1993-98 | बाद में उपराष्ट्रपति (2002-07) |
| जगन्नाथ पहाड़िया | 6 जून 1980 - 13 जुलाई 1981 | - |
| शिवचरण माथुर | 1981-85, 1988-89 | - |
| हीरालाल देवपुरा | 23 फरवरी 1985 - 10 मार्च 1985 | - |
| अशोक गहलोत | 1998-2003, 2008-13, 2018-23 | तीन कार्यकाल |
| वसुंधरा राजे | 2003-08, 2013-18 | पहली महिला मुख्यमंत्री |
| भजनलाल शर्मा | दिसंबर 2023 से | वर्तमान मुख्यमंत्री |
परीक्षा सुझाव
- एकीकरण के 7 चरणों की तिथियाँ और उनके नाम क्रम से याद रखें।
- मुख्यमंत्रियों के नाम कालक्रम से, पहले व सबसे लंबे कार्यकाल के साथ याद करें।
- प्रजामंडल नेताओं को उनके क्षेत्र (मेवाड़, मारवाड़, जैसलमेर, अजमेर) से जोड़कर पढ़ें।
- वर्तमान पदाधिकारियों के लिए नवीनतम समसामयिकी देखते रहें।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •राजस्थान का एकीकरण 7 चरणों में हुआ और 30 मार्च 1949 को 'वृहत् राजस्थान' बना।
- •महाराणा प्रताप ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध अकबर के सेनापति मानसिंह से लड़ा।
- •फड़ चित्रकला श्रीलालजी चितेरे जाति द्वारा बनाई जाती है; पाबूजी और देवनारायणजी की फड़ प्रसिद्ध है।
- •घूमर राजस्थान का राज्य नृत्य है और भीलों का प्रमुख नृत्य गैर है।
- •चित्तौड़गढ़ का किला राजस्थान का सबसे बड़ा किला है; इसे 'राजस्थान का गौरव' कहते हैं।