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📚 विश्व एवं भारत का भूगोल

भारत और विश्व की प्रमुख नदियाँ

Major Rivers of India and the World

⏱ 15 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: जुलाई 2026· Geography of World and India

परिचय

सभ्यता के आरंभ से ही नदियों ने मानव बस्तियों, कृषि और व्यापार को आकार दिया है, और भारत इसका अपवाद नहीं है — सिंधु घाटी सभ्यता से लेकर वैदिक समाज और आधुनिक भारतीय अर्थव्यवस्था तक, सब कुछ नदी तटों पर ही फला-फूला है। RPSC RAS प्रीलिम्स के लिए यह विषय दोहरे महत्व का है, क्योंकि परीक्षक अक्सर एक ही प्रश्न में भारतीय नदी भूगोल को विश्व नदी भूगोल के साथ मिलाकर पूछते हैं, ताकि यह जांचा जा सके कि अभ्यर्थी भारत-विशिष्ट श्रेष्ठताओं (जैसे भारत की सबसे लंबी नदी) को विश्व-स्तरीय श्रेष्ठताओं (जैसे पृथ्वी की सबसे लंबी नदी) से सही ढंग से अलग कर पाते हैं या नहीं। यह गाइड भारत की प्रमुख हिमालयी और प्रायद्वीपीय नदियों को विश्व की महान नदियों — नील, अमेज़न, मिसिसिप्पी-मिसौरी, यांग्त्ज़ी, मेकांग, डेन्यूब और वोल्गा — के साथ आमने-सामने रखती है, ताकि उनके उद्गम, लंबाई, बेसिन और आर्थिक महत्व की सीधी तुलना की जा सके, ठीक वैसे ही जैसे RAS प्रीलिम्स के प्रश्नों में पूछा जाता है।

मुख्य अवधारणाएं

1. भारत की हिमालयी नदियाँ: बारहमासी और हिम-पोषित

भारत की हिमालयी नदियाँ बारहमासी हैं क्योंकि इन्हें मानसूनी वर्षा के अलावा वर्ष भर पिघलती बर्फ और हिमनदों से जल मिलता रहता है। गंगा उत्तराखंड में गंगोत्री हिमनद (गौमुख) से निकलती है और भारत में लगभग 2,525 किमी की दूरी तय करते हुए देश की सबसे लंबी नदी है; इसकी प्रमुख सहायक नदियों में यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी और सोन शामिल हैं। यमुना, जो यमुनोत्री से निकलती है, गंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी है और प्रयागराज के संगम पर गंगा से मिलती है। ब्रह्मपुत्र तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट अंग्सी हिमनद से निकलती है, जहाँ इसे यारलुंग सांगपो कहा जाता है; यह अरुणाचल प्रदेश में सियांग/दिहांग के रूप में भारत में प्रवेश करती है, लोहित और दिबांग नदियाँ इसमें मिलती हैं, और असम में यह माजुली का निर्माण करती है, जो विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है। गंगा और ब्रह्मपुत्र दोनों अंततः बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और बांग्लादेश के साथ मिलकर सुंदरबन डेल्टा बनाती हैं, जो विश्व का सबसे बड़ा नदी डेल्टा है।

2. भारत की प्रायद्वीपीय नदियाँ: वर्षा-पोषित और मौसमी

प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्यतः वर्षा पर निर्भर और मौसमी होती हैं, क्योंकि इनके पास कोई हिमनद या बर्फ स्रोत नहीं होता — ये मानसून में उफान पर होती हैं और उसके बाद काफी सिकुड़ जाती हैं। गोदावरी, जो पश्चिमी घाट में नासिक के त्र्यंबकेश्वर के निकट से निकलती है, लंबाई और बेसिन आकार दोनों में सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी है और इसे लोकप्रिय रूप से "दक्षिण गंगा" कहा जाता है; यह महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर बहती हुई बंगाल की खाड़ी में गिरती है। महाबलेश्वर से निकलने वाली कृष्णा नदी दूसरी सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली है, जो महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है। कावेरी नदी कर्नाटक के कूर्ग स्थित तालकावेरी से निकलती है, शिवसमुद्रम जलप्रपात बनाती है, और तमिलनाडु में एक उपजाऊ डेल्टा बनाती है जिसे "दक्षिण भारत का बगीचा" कहा जाता है। एक विशेष बात यह है कि नर्मदा (मध्य प्रदेश के अमरकंटक पठार से) और तापी (मध्य प्रदेश के बैतूल स्थित मुलताई से) भ्रंश घाटियों से होकर पश्चिम की ओर बहती हैं और खंभात की खाड़ी के रास्ते अरब सागर में गिरती हैं, जहाँ डेल्टा के बजाय एस्चुरी (ज्वारनदमुख) बनाती हैं — यह प्रायद्वीपीय नदियों के सामान्य पूर्व-प्रवाह से एक महत्वपूर्ण अपवाद है।

नदीउद्गममुहानाविशेष
गंगागंगोत्री हिमनद (गौमुख), उत्तराखंडबंगाल की खाड़ीभारत में लगभग 2,525 किमी; सबसे लंबी, सबसे बड़ा बेसिन
यमुनायमुनोत्रीप्रयागराज संगम पर गंगा मेंगंगा की सबसे बड़ी सहायक नदी
ब्रह्मपुत्रअंग्सी हिमनद, मानसरोवर के निकट (तिब्बत)बंगाल की खाड़ीयारलुंग सांगपो; माजुली द्वीप (असम)
गोदावरीत्र्यंबकेश्वर, नासिकबंगाल की खाड़ीलगभग 1,465 किमी; सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी, "दक्षिण गंगा"
कृष्णामहाबलेश्वरबंगाल की खाड़ीदूसरी सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली
कावेरीतालकावेरी, कूर्ग (कर्नाटक)बंगाल की खाड़ीशिवसमुद्रम जलप्रपात; तमिलनाडु में उपजाऊ डेल्टा
नर्मदाअमरकंटक पठार (मध्य प्रदेश)अरब सागर (खंभात की खाड़ी)पश्चिम-वाहिनी; एस्चुरी
तापीमुलताई, बैतूल (मध्य प्रदेश)अरब सागर (खंभात की खाड़ी)पश्चिम-वाहिनी; एस्चुरी

3. विश्व की प्रमुख नदियाँ

नील नदी, जो खार्तूम में श्वेत नील (विक्टोरिया झील से) और नीली नील (इथियोपिया की ताना झील से) के मिलने से बनती है, ग्यारह अफ्रीकी देशों से होकर उत्तर की ओर बहती है और परंपरागत रूप से लगभग 6,650 किमी लंबाई के साथ विश्व की सबसे लंबी नदी मानी जाती है, जो भूमध्य सागर पर नील डेल्टा बनाकर समाप्त होती है। अमेज़न नदी, जो पेरू के एंडीज़ पर्वत से निकलकर ब्राज़ील से होते हुए अटलांटिक महासागर में गिरती है, विश्व में सबसे अधिक जल-प्रवाह (लगभग 209,000 घन मीटर प्रति सेकंड) वाली नदी है और विश्व के सबसे बड़े नदी बेसिन (लगभग 70 लाख वर्ग किमी) की स्वामी है; कुछ आधुनिक सर्वेक्षणों का दावा है कि अमेज़न वास्तव में नील से भी लंबी हो सकती है, और इस पर वैज्ञानिकों में मतभेद है। मिसिसिप्पी-मिसौरी प्रणाली उत्तरी अमेरिका का सबसे लंबा संयुक्त नदी तंत्र है, जो मेक्सिको की खाड़ी में गिरता है। यांग्त्ज़ी (चांग जियांग) एशिया और चीन की सबसे लंबी नदी है, जिस पर थ्री गॉर्जेस डैम स्थित है — स्थापित क्षमता के आधार पर विश्व की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना। मेकांग नदी चीन, म्यांमार, लाओस, थाईलैंड, कंबोडिया और वियतनाम से होकर बहती है, और विश्व के सबसे उत्पादक अंतर्देशीय मत्स्य क्षेत्रों तथा चावल-उत्पादक डेल्टाओं में से एक का पोषण करती है। यूरोप की दूसरी सबसे लंबी नदी डेन्यूब जर्मनी के ब्लैक फॉरेस्ट से निकलती है और दस देशों से होकर बहती हुई काला सागर में गिरती है; वियना, ब्रातिस्लावा, बुडापेस्ट और बेलग्रेड — चार राजधानियाँ इसके किनारे बसी हैं। वोल्गा नदी, जो पूरी तरह रूस के भीतर बहती है, यूरोप की सबसे लंबी नदी है और किसी महासागर के बजाय भू-आबद्ध कैस्पियन सागर में जाकर गिरती है।

नदीमहाद्वीपविशेष तथ्य
नीलअफ्रीकापरंपरागत रूप से सबसे लंबी (लगभग 6,650 किमी); भूमध्य सागर में नील डेल्टा
अमेज़नदक्षिण अमेरिकासबसे अधिक जल-प्रवाह और सबसे बड़ा बेसिन; एंडीज़ से अटलांटिक तक
मिसिसिप्पी-मिसौरीउत्तरी अमेरिकासबसे लंबा संयुक्त नदी तंत्र; मेक्सिको की खाड़ी में
यांग्त्ज़ीएशियाएशिया की सबसे लंबी नदी; थ्री गॉर्जेस डैम
मेकांगएशिया6 देशों से प्रवाह; मत्स्य और चावल-उत्पादक डेल्टा
डेन्यूबयूरोपब्लैक फॉरेस्ट से काला सागर; 10 देश; यूरोप की दूसरी सबसे लंबी
वोल्गायूरोपयूरोप की सबसे लंबी; पूरी रूस में; कैस्पियन सागर में

4. भारत बनाम विश्व: श्रेष्ठताओं की तुलना

RAS प्रीलिम्स का एक क्लासिक भ्रम भारत-विशिष्ट और विश्व-स्तरीय श्रेष्ठताओं को आपस में मिला देना है। भारत के भीतर, गंगा सबसे लंबी नदी है और इसका बेसिन भी सबसे बड़ा है; विशेष रूप से प्रायद्वीपीय नदियों में, गोदावरी का बेसिन सबसे बड़ा है। विश्व स्तर पर, नील को परंपरागत रूप से सबसे लंबी नदी माना जाता है, जबकि अमेज़न के पास सबसे अधिक जल-प्रवाह और समग्र रूप से सबसे बड़े बेसिन का रिकॉर्ड है। वर्गीकरण की दृष्टि से, भारत की हिमालयी नदियाँ (गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र) बारहमासी और हिम-पोषित हैं, जबकि इसकी प्रायद्वीपीय नदियाँ (गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, नर्मदा, तापी) मौसमी और वर्षा-पोषित हैं — यानी हिमालयी नदियों में पूरे वर्ष जल रहता है, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ गर्मियों में काफी सूख जाती हैं।

5. नदियों का आर्थिक, रणनीतिक और सभ्यतागत महत्व

ऐतिहासिक रूप से नदियों ने सभ्यताओं को आधार दिया है — सिंधु और उसकी सहायक नदियों के किनारे सिंधु घाटी सभ्यता, नील के किनारे प्राचीन मिस्र, टिगरिस और यूफ्रेट्स के बीच मेसोपोटामिया, तथा पीली नदी और यांग्त्ज़ी के किनारे चीनी सभ्यता। भारत में, नदियाँ आज भी सिंचाई (इंदिरा गांधी नहर, जो सतलुज-ब्यास संगम पर स्थित हरिके बैराज से जल लेकर राजस्थान के शुष्क थार मरुस्थल की सिंचाई करती है) और जलविद्युत उत्पादन (सतलुज पर भाखड़ा नांगल बांध, भागीरथी पर टिहरी बांध, और नर्मदा पर सरदार सरोवर बांध) के लिए केंद्रीय भूमिका निभाती हैं। वैश्विक स्तर पर, यांग्त्ज़ी पर स्थित थ्री गॉर्जेस डैम आज भी विश्व की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है। चूंकि हिमालयी बेसिनों में जल अधिशेष रहता है जबकि कई प्रायद्वीपीय और पश्चिमी बेसिन जल की कमी से जूझते हैं, भारत ने राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (National River Linking Project) प्रस्तावित की है, ताकि बेसिनों के बीच जल का हस्तांतरण किया जा सके; केन-बेतवा लिंक (बुंदेलखंड क्षेत्र — मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश — को लाभ; शिलान्यास दिसंबर 2024) इस प्रकार की पहली परियोजना है जिसका क्रियान्वयन शुरू हुआ है। राजस्थान से सीधे जुड़ी परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) लिंक है, जिसे पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) के साथ जोड़ा गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • उत्तराखंड में गंगोत्री हिमनद (गौमुख) से निकलने वाली गंगा भारत में लगभग 2,525 किमी लंबी होकर देश की सबसे लंबी नदी है और इसका बेसिन भी देश में सबसे बड़ा है।
  • ब्रह्मपुत्र तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट यारलुंग सांगपो के रूप में निकलती है और असम में माजुली का निर्माण करती है, जो विश्व का सबसे बड़ा नदी द्वीप है।
  • "दक्षिण गंगा" कहलाने वाली गोदावरी लंबाई और बेसिन क्षेत्र दोनों में प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है, जो नासिक के त्र्यंबकेश्वर से निकलती है।
  • नर्मदा और तापी प्रायद्वीपीय भारत की दो सबसे बड़ी पश्चिम-वाहिनी नदियाँ हैं जो अरब सागर में गिरती हैं और डेल्टा के बजाय एस्चुरी बनाती हैं (माही, साबरमती जैसी छोटी नदियाँ भी पश्चिम की ओर बहती हैं)।
  • कावेरी नदी कूर्ग स्थित तालकावेरी से निकलती है, शिवसमुद्रम जलप्रपात बनाती है और उसके बाद तमिलनाडु में एक उपजाऊ डेल्टा बनाती है।
  • खार्तूम में श्वेत नील और नीली नील के मिलने से बनी नील नदी परंपरागत रूप से लगभग 6,650 किमी के साथ विश्व की सबसे लंबी नदी मानी जाती है, हालाँकि कुछ आधुनिक मापों के अनुसार अमेज़न इसकी बराबरी कर सकती है या इससे भी आगे हो सकती है।
  • अमेज़न नदी में विश्व में सबसे अधिक जल-प्रवाह (लगभग 209,000 घन मीटर प्रति सेकंड) होता है और विश्व के सबसे बड़े नदी बेसिन (लगभग 70 लाख वर्ग किमी) की स्वामी है।
  • यांग्त्ज़ी एशिया की सबसे लंबी नदी है और इस पर थ्री गॉर्जेस डैम स्थित है, जो स्थापित क्षमता के आधार पर विश्व की सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना है।
  • यूरोप की सबसे लंबी नदी वोल्गा पूरी तरह रूस के भीतर बहती है और किसी महासागर के बजाय भू-आबद्ध कैस्पियन सागर में गिरती है।
  • केन-बेतवा लिंक (बुंदेलखंड; मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना की पहली परियोजना है जिसका क्रियान्वयन शुरू हुआ है (शिलान्यास दिसंबर 2024); राजस्थान से जुड़ी परियोजना पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC) लिंक/ERCP है।
  • सिंधु जल संधि (1960) को भारत ने अप्रैल 2025 में स्थगित (abeyance में) कर दिया है।

परीक्षा सुझाव

  • भारत-विशिष्ट श्रेष्ठताओं (भारत में सबसे लंबी: गंगा; सबसे बड़ा प्रायद्वीपीय बेसिन: गोदावरी) को विश्व-स्तरीय श्रेष्ठताओं (परंपरागत रूप से सबसे लंबी: नील; सबसे अधिक जल-प्रवाह/बेसिन: अमेज़न) से स्पष्ट रूप से अलग रखें।
  • उद्गम-नदी युग्मों को सटीकता से याद रखें: गंगा-गंगोत्री, यमुना-यमुनोत्री, ब्रह्मपुत्र-अंग्सी हिमनद/मानसरोवर, गोदावरी-त्र्यंबकेश्वर, कावेरी-तालकावेरी, नर्मदा-अमरकंटक, नील-विक्टोरिया झील/ताना झील, वोल्गा-वाल्दाई पहाड़ियाँ।
  • नर्मदा और तापी को उल्लेखनीय अपवादों के रूप में याद रखें जो पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में गिरती हैं, जबकि अधिकांश प्रायद्वीपीय नदियाँ पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।
  • हिमालयी (बारहमासी, हिम-पोषित) नदियों को प्रायद्वीपीय (मौसमी, वर्षा-पोषित) नदियों से अलग पहचानें — यह एक बहुत सामान्य वैचारिक प्रश्न है।
  • ध्यान दें कि एस्चुरी (नर्मदा, तापी) डेल्टा (गंगा-ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, कावेरी, नील, मेकांग) से अलग होती है — जानें कि कौन सी नदी अपने मुहाने पर कौन सा भू-आकार बनाती है।
  • महाद्वीप-वार प्रमुख नदियाँ सीखें: अमेज़न (दक्षिण अमेरिका), नील (अफ्रीका), यांग्त्ज़ी/मेकांग (एशिया), मिसिसिप्पी-मिसौरी (उत्तरी अमेरिका), डेन्यूब/वोल्गा (यूरोप)।
  • सिंचाई (इंदिरा गांधी नहर) और जलविद्युत (भाखड़ा नांगल, टिहरी, सरदार सरोवर, थ्री गॉर्जेस डैम) दोनों से जुड़े बांधों और नहरों का पुनरावलोकन करें।
  • राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना, केन-बेतवा लिंक और राजस्थान से जुड़ी पार्वती-कालीसिंध-चंबल (PKC)/ERCP परियोजना को अच्छी तरह तैयार रखें।
  • नदी मार्गों और उन देशों/भारतीय राज्यों की मानचित्र-आधारित पहचान का अभ्यास करें जहाँ से वे गुज़रती हैं।
🧠 स्मरण ट्रिक — "NT पश्चिम, बाकी पूर्व"

याद रखें "NT पश्चिम, बाकी पूर्व": भारत की प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों में केवल नर्मदा और तापी (N-T) पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में गिरती हैं और एस्चुरी बनाती हैं; बाकी — गोदावरी, कृष्णा, कावेरी — पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं और डेल्टा बनाती हैं। (माही, साबरमती और लूनी जैसी छोटी नदियाँ भी पश्चिम की ओर बहती हैं; यह ट्रिक केवल बड़ी प्रायद्वीपीय नदियों के लिए है।) उद्गम पक्का करें — गंगा: गंगोत्री; यमुना: यमुनोत्री; गोदावरी: त्र्यंबकेश्वर (नासिक के पास); नर्मदा: अमरकंटक पठार।

⚠️ कन्फ्यूज़न बस्टर — गंगा का राष्ट्रीय मुकुट बनाम गोदावरी का प्रायद्वीपीय मुकुट

RAS प्रीलिम्स का एक आम भ्रम यह है: क्योंकि गोदावरी को "दक्षिण गंगा" कहा जाता है, अभ्यर्थी गलती से मान लेते हैं कि यह पूरे भारत के संदर्भ में लंबाई या बेसिन आकार में गंगा के बराबर या उससे भी आगे है। ऐसा नहीं है। गोदावरी केवल प्रायद्वीपीय (वर्षा-पोषित) नदियों में सबसे बड़ी है — लगभग 1,465 किमी लंबी, जो गंगा की लंबाई का लगभग आधा ही है। गंगा (लगभग 2,525 किमी) आज भी भारत की सबसे लंबी नदी है और देश का सबसे बड़ा समग्र नदी बेसिन भी उसी का है; "दक्षिण गंगा" नाम केवल सम्मानसूचक है, जो दक्षिण भारत में गोदावरी के सांस्कृतिक और सिंचाई संबंधी महत्व को दर्शाता है, न कि राष्ट्रीय स्तर पर किसी लंबाई या बेसिन रिकॉर्ड को।

श्रेणीभारत मेंविश्व में
सबसे लंबी नदीगंगा (भारत में लगभग 2,525 किमी)नील (परंपरागत रूप से, लगभग 6,650 किमी)
सबसे बड़ा बेसिनगंगा (प्रायद्वीपीय नदियों में गोदावरी)अमेज़न
सबसे अधिक जल-प्रवाह—अमेज़न (लगभग 209,000 घन मीटर प्रति सेकंड)
सबसे बड़ा नदी द्वीपमाजुली (असम, ब्रह्मपुत्र पर)माजुली
सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना—थ्री गॉर्जेस डैम (यांग्त्ज़ी)
📝 अभ्यास प्रश्न
प्रश्न 1. गंगा नदी का उद्गम कहाँ से होता है, और भारत के भीतर इसकी लंबाई कितनी है?

✅ गंगा उत्तराखंड में गंगोत्री हिमनद (गौमुख) से निकलती है और भारत में लगभग 2,525 किमी बहती है, जिससे यह देश की सबसे लंबी नदी है।

प्रश्न 2. किस नदी को लोकप्रिय रूप से "दक्षिण गंगा" कहा जाता है, और यह उपनाम इसे भारत की सबसे लंबी नदी क्यों नहीं बनाता?

✅ गोदावरी को "दक्षिण गंगा" कहा जाता है क्योंकि यह प्रायद्वीपीय भारत की सबसे बड़ी नदी है; हालाँकि लगभग 1,465 किमी के साथ यह गंगा (2,525 किमी) की लंबाई का लगभग आधा ही है, जो समग्र रूप से भारत की सबसे लंबी नदी बनी हुई है — यह उपनाम सम्मानसूचक है, लंबाई का रिकॉर्ड नहीं।

प्रश्न 3. भारत की उन दो प्रमुख प्रायद्वीपीय नदियों के नाम बताएं जो पूर्व के बजाय पश्चिम की ओर बहती हैं, और वे कहाँ जाकर गिरती हैं?

✅ नर्मदा और तापी भ्रंश घाटियों से होकर पश्चिम की ओर बहती हैं और खंभात की खाड़ी के रास्ते अरब सागर में गिरती हैं, जहाँ ये डेल्टा के बजाय एस्चुरी बनाती हैं।

प्रश्न 4. किस नदी को परंपरागत रूप से विश्व की सबसे लंबी नदी माना जाता है, और किस नदी में सबसे अधिक जल प्रवाहित होता है?

✅ नील नदी (लगभग 6,650 किमी) को परंपरागत रूप से विश्व की सबसे लंबी नदी माना जाता है, जबकि अमेज़न नदी में सबसे अधिक जल-प्रवाह (लगभग 209,000 घन मीटर प्रति सेकंड) होता है और इसका बेसिन भी सबसे बड़ा है।

प्रश्न 5. भारत की राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का उद्देश्य क्या है, और इसकी पहली परियोजना कौन सी है जिसका क्रियान्वयन शुरू हुआ?

✅ इसका उद्देश्य अधिशेष (मुख्यतः हिमालयी) नदी बेसिनों से जल-अभाव वाले (मुख्यतः प्रायद्वीपीय और पश्चिमी) बेसिनों में जल-जोड़ो नहरों के माध्यम से जल स्थानांतरित करना है; केन-बेतवा लिंक (मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश) पहली ऐसी परियोजना है जिसका क्रियान्वयन शुरू हुआ। राजस्थान से जुड़ी परियोजना PKC-ERCP लिंक है।

सारांश

इस गाइड में भारत की प्रमुख हिमालयी नदियों (गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र) और प्रायद्वीपीय नदियों (गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा, तापी, कावेरी) की तुलना विश्व की महान नदियों (नील, अमेज़न, मिसिसिप्पी-मिसौरी, यांग्त्ज़ी, मेकांग, डेन्यूब, वोल्गा) से की गई, जिसमें उनके उद्गम, मार्ग और प्रमुख विशेषताओं को शामिल किया गया। मुख्य निष्कर्षों में शामिल हैं — गंगा भारत की सबसे लंबी नदी और सबसे बड़े बेसिन के रूप में, गोदावरी "दक्षिण गंगा" के रूप में सबसे बड़ी प्रायद्वीपीय नदी, नर्मदा और तापी पश्चिम-प्रवाही अपवादों के रूप में, तथा नील (परंपरागत रूप से सबसे लंबी) और अमेज़न (सबसे अधिक जल-प्रवाह और बेसिन) के बीच भारत-बनाम-विश्व श्रेष्ठता का स्थायी विरोधाभास। नदियाँ सिंचाई, जलविद्युत उत्पादन और सभ्यतागत विकास के लिए आज भी केंद्रीय हैं, और भारत की राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना (केन-बेतवा लिंक सहित) अधिशेष और जल-अभाव वाले बेसिनों के बीच नदी जल के प्रबंधन के निरंतर रणनीतिक महत्व को दर्शाती है। RAS प्रीलिम्स के लिए, सटीक उद्गम-नदी युग्मों में महारत हासिल करना और भारत-विशिष्ट तथ्यों को विश्व-स्तरीय तथ्यों से सही ढंग से अलग करना ही इस विषय की सबसे सामान्य गलतियों से बचने की कुंजी है।

⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • •थार मरुस्थल विश्व का 9वाँ सबसे बड़ा मरुस्थल है; यह राजस्थान के पश्चिमी भाग में है।
  • •चंबल नदी राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी है; यह यमुना में मिलती है।
  • •भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून जून में केरल पहुंचता है; यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से आता है।
  • •कर्क रेखा (23.5°N) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से गुजरती है।
  • •मकराना (नागौर) का सफेद संगमरमर ताजमहल में प्रयुक्त।
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राजस्थान का कौन-सा जिला लिग्नाइट के सबसे बड़े भंडार व उत्पादन के लिए जाना जाता है, जहाँ कपूरड़ी व गिराल जैसी खानें स्थित हैं?

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स्वर्णिम चतुर्भुज के चार खंड निम्नलिखित शहरों को जोड़ते हैं : (I) दिल्ली – मुंबई (II) मुंबई – चेन्नई (III) चेन्नई – कोलकाता (IV) कोलकाता – दिल्ली उपर्युक्त खंडों की लंबाई को अवरोही क्रम में मानें तथा नीचे दिए गए कूट का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन करें : कूट :

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इस टॉपिक से जुड़े पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ)

आधिकारिक प्रश्नपत्रों के असली प्रश्न, उत्तर सहित।

  1. RAS 2024

    विश्व के किस वन क्षेत्र में सर्वाधिक वनोन्मूलन दर्ज किया गया है ?

    1. (A) शंकुधारी (कोनिफेरस)
    2. (B) उष्णकटिबंधीय
    3. (C) सवाना पर्णपाती
    4. (D) ज्वारीय

    उत्तर: (B) उष्णकटिबंधीय

  2. RAS 2015

    निम्नलिखित कथनों को पढ़िए और सही उत्तर चुनिए। कथन (a) : हिमालय से निकलने वाली नदियाँ बारहमासी नदियाँ हैं। कारण (r) : हिमालयी नदियों का उद्गम हिमनदों में स्थित है।

    1. (A) (a) और (r) दोनों सही हैं और (r), (a) का समर्थन करता है।
    2. (B) (a) और (r) दोनों सही हैं और (r), (a) का समर्थन नहीं करता।
    3. (C) (a) सही है और (r) ग़लत है।
    4. (D) (a) ग़लत है और (r) सही है।

    उत्तर: (A) (a) और (r) दोनों सही हैं और (r), (a) का समर्थन करता है।

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