परिचय: राजस्थान की सीमाएँ किस तरह घिरी हैं
क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत के सबसे बड़े राज्य राजस्थान की स्थिति देश के उत्तर-पश्चिमी कोने में है और इसकी कुल स्थलीय सीमा लगभग 5,920 किमी लंबी है। इसमें से लगभग 4,850 किमी सीमा पाँच भारतीय राज्यों से लगती अंतरराज्यीय सीमा है, जबकि शेष लगभग 1,070 किमी सीमा पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा है। परीक्षा की दृष्टि से 4,850 + 1,070 = 5,920 किमी का यह विभाजन राज्य के भूगोल से जुड़े सबसे अधिक पूछे जाने वाले तथ्यों में से एक है।
राज्य के पश्चिम व उत्तर-पश्चिम में पाकिस्तान स्थित है, जबकि उत्तर से शुरू करके दक्षिणावर्त क्रम में इसके भारतीय पड़ोसी राज्य हैं - पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश एवं गुजरात। इसी भौगोलिक स्थिति के कारण राजस्थान भारत के पश्चिमी हिस्से की रखवाली करने वाला सीमांत राज्य भी है और अपनी लंबी सीमाओं के जरिए उत्तर व पश्चिम भारत को जोड़ने वाला राज्य भी है।
पाँच पड़ोसी राज्य एवं उनकी सीमा-लंबाई
हर पड़ोसी राज्य के साथ राजस्थान की सीमा की लंबाई अलग-अलग है, और हर सीमा दोनों ओर के अलग-अलग जिलों को छूती है। नीचे दी गई तालिका में इस सीमा-वार विवरण को दर्शाया गया है, साथ ही जहाँ प्रासंगिक हो वहाँ 2023-2024 के पुनर्गठन से पहले की जिला-संख्या का भी उल्लेख किया गया है।
| पड़ोसी राज्य | दिशा | लगभग सीमा लंबाई | राजस्थान के सीमावर्ती जिले |
|---|---|---|---|
| पंजाब | उत्तर | 89 किमी (सबसे कम अंतरराज्यीय सीमा) | गंगानगर, हनुमानगढ़ |
| हरियाणा | उत्तर-पूर्व | 1,262 किमी | हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा (भर्तृहरि नगर), अलवर, डीग |
| उत्तरप्रदेश | पूर्व | 877 किमी | डीग, भरतपुर, धौलपुर |
| मध्यप्रदेश | दक्षिण-पूर्व | 1,600 किमी (सबसे लंबी अंतरराज्यीय सीमा) | धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, कोटा, बारां, झालावाड़, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा |
| गुजरात | दक्षिण-पश्चिम | 1,022 किमी | बाँसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, सिरोही, जालौर, बाड़मेर |
इन सीमाओं के उस पार पड़ोसी राज्यों के विशेष जिले स्थित हैं। पंजाब के फाजिल्का व मुक्तसर जिले राजस्थान को छूते हैं; हरियाणा के नूह (मेवात), रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, भिवानी, हिसार, फतेहाबाद व सिरसा - ये 7 जिले राजस्थान की सीमा बनाते हैं; उत्तरप्रदेश केवल आगरा व मथुरा जिलों के जरिए राजस्थान को छूता है; मध्यप्रदेश दस जिलों - झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगरमालवा, राजगढ़, गुना, शिवपुरी, श्योपुर व मुरैना - के माध्यम से सीमा साझा करता है; और गुजरात के कच्छ, बनासकांठा, साबरकांठा, अरवल्ली, महीसागर व दाहोद जिले दक्षिण-पश्चिमी तस्वीर को पूरा करते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि नए जिलों के गठन से पहले उत्तरप्रदेश केवल भरतपुर व धौलपुर से मिलता था, तथा हरियाणा केवल 7 पुराने जिलों (हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, सीकर, जयपुर, अलवर व भरतपुर) से मिलता था, न कि आज के 8 जिलों से।
पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा
राजस्थान की पश्चिमी सीमा को रेडक्लिफ रेखा परिभाषित करती है, जो इस राज्य में पाकिस्तान से लगी भारत की 1,070 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा है। यह उत्तर में गंगानगर जिले के हिन्दुमलकोट के निकट, खाखन गाँव के पास स्थित सीमा-चिह्न बिंदु 1A से शुरू होती है और बीकानेर, फलौदी व जैसलमेर जिलों की पश्चिमी सीमाओं के साथ-साथ दक्षिण की ओर बढ़ते हुए बाड़मेर जिले के भालगाँव (सेड़वा तहसील के बाखासर क्षेत्र में) पर समाप्त होती है।
वर्तमान में पाँच जिले इस पाकिस्तान सीमा से मिलते हैं - गंगानगर, बीकानेर, फलौदी, जैसलमेर व बाड़मेर। पुनर्गठन से पहले की स्थिति इससे भिन्न थी, जब केवल चार जिले - श्रीगंगानगर, बीकानेर, जैसलमेर व बाड़मेर - ही अंतरराष्ट्रीय सीमा से मिलते थे। पाकिस्तान की ओर नौ जिले राजस्थान के सामने पड़ते हैं - पंजाब प्रांत से बहावलनगर, बहावलपुर व रहीमयार खान; तथा सिंध प्रांत से घोटकी, सुक्कर, खैरपुर, संघर, उमरकोट व थारपारकर। विशेष रूप से, गंगानगर पाकिस्तान के बहावलनगर व बहावलपुर जिलों के सामने स्थित है, जबकि फलौदी व बीकानेर बहावलपुर के सामने स्थित हैं।
फलौदी कैसे बना सीमावर्ती जिला
यह हाल की घटनाओं (करेंट अफेयर्स) से जुड़ा एक लोकप्रिय प्रश्न है। 3 अगस्त 2023 को राज्य सरकार ने जैसलमेर की पोकरण तहसील और जोधपुर की बाप तहसील का पुनर्गठन किया, जिसके तहत पोकरण की उपतहसील नोख को जोधपुर की बाप तहसील में शामिल किया गया। कुछ ही दिनों बाद, 7 अगस्त 2023 को जोधपुर जिले का विभाजन कर नया फलौदी जिला बनाया गया, और पुनर्गठित बाप तहसील - जिसमें अब नोख, तवरीवाला, जालूवाला, मदासर व बडौना पटवार सर्किल शामिल हैं - फलौदी जिले का हिस्सा बन गई। चूंकि जालूवाला पटवार सर्किल के रायचंदवाला व मालासर गाँव रेडक्लिफ रेखा से करीब 20 किमी में मिलते हैं, इसलिए फलौदी जिले को स्वत: ही अंतरराष्ट्रीय सीमा का एक हिस्सा मिल गया और यह पाकिस्तान सीमा पर स्थित राजस्थान का पाँचवां जिला बन गया।
सबसे लंबी व सबसे छोटी सीमाएँ - याद रखने योग्य आंकड़े
- सबसे छोटी अंतरराज्यीय सीमा: पंजाब से, लगभग 89 किमी।
- सबसे लंबी अंतरराज्यीय सीमा: मध्यप्रदेश से, लगभग 1,600 किमी।
- किसी एक जिले की सबसे लंबी अंतरराज्यीय सीमा: झालावाड़, जो मध्यप्रदेश से लगभग 520 किमी सीमा साझा करता है।
- किसी एक जिले की सबसे छोटी अंतरराज्यीय सीमा: बाड़मेर, जिसकी गुजरात से बहुत ही छोटी-सी सीमा लगती है।
- किसी एक जिले द्वारा पाकिस्तान (रेडक्लिफ रेखा) से साझा की गई सबसे लंबी सीमा: जैसलमेर, लगभग 444 किमी (सीमा में बदलाव से पहले यह लगभग 464 किमी थी)।
- किसी एक जिले की पाकिस्तान से लगती सबसे छोटी सीमा: फलौदी, लगभग 20 किमी।
- गुजरात से लगे जिलों में उदयपुर की सीमा सबसे लंबी तथा बाड़मेर की सबसे छोटी है।
- पंजाब से लगे जिलों में श्रीगंगानगर की सीमा सबसे लंबी तथा हनुमानगढ़ की सबसे छोटी है।
- हरियाणा से लगे जिलों में हनुमानगढ़ की सीमा सबसे लंबी तथा अलवर की सबसे छोटी है।
- उत्तरप्रदेश से लगे जिलों में भरतपुर की सीमा सबसे लंबी तथा डीग की सबसे छोटी है।
- मध्यप्रदेश से लगे जिलों में झालावाड़ की सीमा सबसे लंबी तथा भीलवाड़ा की सबसे छोटी है।
पुनर्गठन के बाद का सीमा-मानचित्र (2023-2024)
राजस्थान का जिला-मानचित्र 2023 में और फिर 29 दिसंबर 2024 को बड़े पैमाने पर बदला। दिसंबर 2024 के पुनर्गठन के बाद अब 25 जिले राज्य की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित हैं - बाड़मेर, जालौर, सिरोही, उदयपुर, डूंगरपुर, बाँसवाड़ा, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, भीलवाड़ा, कोटा, झालावाड़, बारां, सवाई माधोपुर, करौली, धौलपुर, भरतपुर, डीग, अलवर, खैरथल-तिजारा (भर्तृहरि नगर), कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ एवं श्रीगंगानगर। इस पुनर्गठन का एक चौंकाने वाला परिणाम यह रहा कि ऐतिहासिक रूप से हरियाणा से सीमा साझा करने वाला जयपुर जिला अब किसी भी अंतरराज्यीय सीमा से नहीं मिलता - उसकी पूर्व सीमावर्ती भूमिका अब नवगठित जिलों डीग, खैरथल-तिजारा (भर्तृहरि नगर) व कोटपूतली-बहरोड़ को मिल गई है।
जिलों की विशेष सीमा-विशेषताएँ
दो अलग-अलग पड़ोसियों से मिलने वाले जिले
दो जिले ऐसे हैं जो अपनी सीमा के अलग-अलग हिस्सों में दो भिन्न पड़ोसी क्षेत्रों को छूते हैं। बाड़मेर पाकिस्तान के सिंध प्रांत (अंतरराष्ट्रीय सीमा) और गुजरात (अंतरराज्यीय सीमा) - दोनों से मिलता है। गंगानगर पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और भारत के अपने पंजाब राज्य - दोनों से मिलता है, जिससे यह अंतरराष्ट्रीय रेखा के दोनों ओर पंजाब नाम की सीमा साझा करने वाला एक अनूठा जिला बन जाता है।
एक साथ दो भारतीय राज्यों से सीमा साझा करने वाले जिले
चार जिले एक साथ दो अलग-अलग भारतीय राज्यों से सीमा साझा करते हैं: बाँसवाड़ा (मध्यप्रदेश व गुजरात दोनों से), धौलपुर (मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश दोनों से), डीग (हरियाणा व उत्तरप्रदेश दोनों से), तथा हनुमानगढ़ (हरियाणा व पंजाब दोनों से)।
केवल एक देश या केवल राज्यों से मिलने वाले जिले
राजस्थान के 23 जिले ऐसे हैं जिनकी सीमा केवल अन्य भारतीय राज्यों से मिलती है, किसी विदेश से नहीं। इसके विपरीत, तीन जिले - बीकानेर, फलौदी व जैसलमेर - केवल पाकिस्तान से मिलते हैं और अपनी बाहरी सीमा पर किसी भी भारतीय राज्य को नहीं छूते।
मध्यप्रदेश से दो बार सीमा बनाने वाले जिले
दो जिले ऐसे हैं जो मध्यप्रदेश से दो अलग-अलग, असंलग्न हिस्सों में सीमा साझा करते हैं। कोटा की दक्षिण-पश्चिमी सीमा और उसकी उत्तर-पूर्वी सीमा - दोनों अलग-अलग स्थानों पर मध्यप्रदेश से मिलती हैं। चित्तौड़गढ़ में भी यही स्थिति है: इसके मूल भू-भाग की पूर्वी सीमा मध्यप्रदेश से मिलती है, और साथ ही कोटा के पास स्थित इसके अलग भू-भाग की दक्षिणी व पश्चिमी सीमाएं भी मध्यप्रदेश से मिलती हैं।
सर्वाधिक सीमावर्ती जिलों वाले जिले
चार जिले सबसे अधिक सीमावर्ती जिलों (सात-सात) के मामले में बराबरी पर हैं: जयपुर (टोंक, दौसा, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, डीडवाना-कुचामन व अजमेर से घिरा), पाली (ब्यावर, जोधपुर, बालोतरा, जालौर, सिरोही, उदयपुर व राजसमंद से घिरा), चित्तौड़गढ़ (कोटा, बूँदी, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, सलूम्बर व प्रतापगढ़ से घिरा), तथा नागौर (बीकानेर, चूरू, डीडवाना-कुचामन, अजमेर, ब्यावर, जोधपुर व फलौदी से घिरा)।
भौगोलिक रूप से बंटा एकमात्र जिला
चित्तौड़गढ़ वर्तमान में राजस्थान का एकमात्र ऐसा जिला है जो भौतिक रूप से दो अलग, असंलग्न भू-भागों के रूप में अस्तित्व में है - एक इसका मूल भाग तथा दूसरा कोटा के पास स्थित एक पृथक हिस्सा।
बिना बाहरी सीमा वाले अंतर्वर्ती जिले
पुनर्गठन के बाद 13 जिले पूर्णत: अंतर्वर्ती रह गए हैं, जिनकी सीमा न तो किसी अन्य राज्य से मिलती है और न ही किसी विदेश से: नागौर, डीडवाना-कुचामन, जयपुर, दौसा, टोंक, अजमेर, ब्यावर, बूँदी, सलूम्बर, राजसमंद, पाली, बालोतरा एवं जोधपुर। ध्यान दें कि जयपुर - जो कभी हरियाणा से सीमा साझा करने वाला जिला था - अब सीमावर्ती जिलों की सूची के बजाय इस अंतर्वर्ती सूची में शामिल है।
सीमा से जुड़े अतिरिक्त तथ्य
पाकिस्तान सीमा से मिलने वाले पाँच जिलों में, बीकानेर का जिला मुख्यालय अंतरराष्ट्रीय सीमा से सबसे दूर स्थित है, जबकि श्रीगंगानगर का मुख्यालय सबसे नजदीक स्थित है। ऐतिहासिक रूप से, वर्तमान श्रीगंगानगर की शुरुआत रामनगर नामक एक छोटे-से गाँव के रूप में हुई थी; 1927 में महाराजा गंगासिंहजी द्वारा गंगनहर के उद्घाटन के अवसर पर इसका नाम बदलकर श्रीगंगानगर कर दिया गया। व्यापार व संपर्क की दृष्टि से, गुजरात के कच्छ जिले में कच्छ की खाड़ी पर स्थित कांडला बंदरगाह (आधिकारिक नाम पं. दीनदयाल उपाध्याय बंदरगाह), जो गांधीधाम शहर के निकट है, समुद्र से दूर स्थित राजस्थान का सबसे नजदीकी बंदरगाह है - यह तथ्य प्राय: राजस्थान के गुजरात सीमा से होकर चलने वाले व्यापार मार्गों से जोड़कर पूछा जाता है।
त्वरित तथ्य
- राजस्थान की कुल स्थलीय सीमा लगभग 5,920 किमी है - इसमें पंजाब, हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश व गुजरात से लगती 4,850 किमी अंतरराज्यीय सीमा तथा पाकिस्तान से लगती 1,070 किमी अंतरराष्ट्रीय (रेडक्लिफ रेखा) सीमा शामिल है।
- अगस्त 2023 में जोधपुर से फलौदी जिला बनने और उसे लगभग 20 किमी की पाकिस्तान-सीमावर्ती पट्टी मिलने के बाद, वर्तमान में पाँच जिले - गंगानगर, बीकानेर, फलौदी, जैसलमेर व बाड़मेर - पाकिस्तान सीमा से मिलते हैं।
- मध्यप्रदेश की राजस्थान से सबसे लंबी अंतरराज्यीय सीमा है (लगभग 1,600 किमी, दोनों ओर 10-10 जिलों से मिलती हुई), जबकि पंजाब की सबसे छोटी है (लगभग 89 किमी)।
- दिसंबर 2024 के जिला पुनर्गठन के बाद 25 जिले राजस्थान की अंतरराज्यीय सीमा पर स्थित हैं, और जयपुर - जो कभी सीमावर्ती जिला था - अब किसी भी अन्य राज्य को नहीं छूता।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •थार मरुस्थल विश्व का 9वाँ सबसे बड़ा मरुस्थल है; यह राजस्थान के पश्चिमी भाग में है।
- •चंबल नदी राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी है; यह यमुना में मिलती है।
- •भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून जून में केरल पहुंचता है; यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से आता है।
- •कर्क रेखा (23.5°N) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से गुजरती है।
- •मकराना (नागौर) का सफेद संगमरमर ताजमहल में प्रयुक्त।