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राजस्थान की स्थिति — अक्षांश, देशांतर एवं भौगोलिक स्थिति

Location of Rajasthan — Latitude, Longitude & Geographical Position

5 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: जुलाई 2026· Geography of World and India

मानचित्र पर राजस्थान की स्थिति

संख्याओं में जाने से पहले यह समझना ज़रूरी है कि राजस्थान तीन अलग-अलग स्तरों पर कहाँ स्थित है — पूरे ग्लोब पर, एशिया महाद्वीप में, और भारत देश में — क्योंकि परीक्षाओं में यह सापेक्ष स्थिति अक्सर सीधे प्रश्न के रूप में पूछी जाती है।

ग्लोब, एशिया व भारत के सापेक्ष स्थिति

  • सम्पूर्ण ग्लोब के सापेक्ष राजस्थान उत्तर-पूर्वी (ईशान कोण) भाग में स्थित है।
  • एशिया महाद्वीप के सापेक्ष यह दक्षिण-पश्चिमी (नैऋत्य कोण) भाग में स्थित है।
  • भारत देश के सापेक्ष यह उत्तर-पश्चिमी (वायव्य कोण) भाग में स्थित है।

यह त्रिस्तरीय स्थिति परीक्षाओं में बार-बार पूछा जाने वाला प्रश्न है — एक ही राज्य ग्लोब पर उत्तर-पूर्वी, एशिया में दक्षिण-पश्चिमी और भारत में उत्तर-पश्चिमी हो सकता है, क्योंकि हर बार संदर्भ-बिंदु (reference frame) बदल जाता है।

अक्षांशीय व देशांतरीय विस्तार

राजस्थान की सीमाओं को निर्देशांकों (coordinates) के माध्यम से सटीक रूप से पहचाना जा सकता है। राज्य दक्षिण में 23°3' उत्तरी अक्षांश से लेकर उत्तर में 30°12' उत्तरी अक्षांश तक फैला है, जिससे इसका उत्तर-दक्षिण अक्षांशीय विस्तार लगभग 7 डिग्री 9 मिनट बनता है। पूर्व-पश्चिम अक्ष पर यह 69°30' पूर्वी देशांतर से लेकर 78°17' पूर्वी देशांतर तक फैला है, जिससे इसका देशांतरीय विस्तार लगभग 8 डिग्री 47 मिनट बनता है।

इन कोणीय मापों को वास्तविक दूरी में बदलें तो राज्य की उत्तर-दक्षिण लंबाई 826 किमी है — यह गंगानगर जिले के कोणा गाँव (30°12' उत्तरी अक्षांश) से शुरू होकर बाँसवाड़ा जिले की कुशलगढ़ तहसील के बोरकुंड गाँव (23°3' उत्तरी अक्षांश) पर समाप्त होती है। पूर्व-पश्चिम चौड़ाई 869 किमी है — यह जैसलमेर जिले की सम तहसील के कटरा गाँव (69°30' पूर्वी देशांतर) से शुरू होकर धौलपुर जिले की राजाखेड़ा तहसील के सिलावट गाँव के पास स्थित जगमोहन का पुरा (78°17' पूर्वी देशांतर) पर समाप्त होती है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि पूर्व-पश्चिम चौड़ाई (869 किमी), उत्तर-दक्षिण लंबाई (826 किमी) से 43 किमी अधिक है — यह अंतर परीक्षाओं में अक्सर संख्यात्मक प्रश्न के रूप में पूछा जाता है।

कर्क रेखा और राजस्थान पर इसका प्रभाव

कर्क रेखा (23°30' या 23½° उत्तरी अक्षांश) राजस्थान की भूगोल परीक्षा-दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ-रेखाओं में से एक है। यह दक्षिण दिशा से राज्य में प्रवेश करती है — पहले डूंगरपुर जिले के दक्षिणी भाग में गलियाकोट के पास से लगभग 26 किमी के दायरे में गुजरती है, फिर बाँसवाड़ा जिले के लगभग बीचोंबीच से होकर निकलती है और उसे दो लगभग बराबर हिस्सों में बांट देती है। इसी कारण बाँसवाड़ा शहर राजस्थान में कर्क रेखा के सबसे निकट बसा शहर है — यहाँ सूर्य की किरणें लगभग सीधी (लंबवत्) पड़ती हैं, विशेषकर जून महीने में, जिससे यह राज्य में सबसे तीव्र सौर विकिरण वाला बिंदु बन जाता है।

चूंकि राज्य का अधिकांश भूभाग इस रेखा के उत्तर में स्थित है, इसलिए राज्य का बड़ा हिस्सा उपोष्ण से शीतोष्ण जलवायु पेटी में आता है, जबकि बाँसवाड़ा जिले का वह हिस्सा जो रेखा के दक्षिण में है, वास्तविक उष्णकटिबंधीय जलवायु का अनुभव करता है। कर्क रेखा से जितना उत्तर की ओर बढ़ते जाते हैं, सूर्य की किरणें उतनी ही अधिक तिरछी होती जाती हैं। यही कारण है कि कर्क रेखा से सबसे अधिक दूर स्थित श्रीगंगानगर जिले में राज्य में सबसे तिरछी — सबसे कम सीधी — धूप पड़ती है।

राजस्थान के केवल दो जिलों — बाँसवाड़ा एवं डूंगरपुर — से होकर कर्क रेखा गुजरती है। राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो यही रेखा भारत के लगभग बीचोंबीच से गुजरते हुए कुल आठ राज्यों — गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा एवं मिजोरम — से होकर निकलती है, जिससे देश लगभग दो बराबर उत्तरी व दक्षिणी हिस्सों में बंट जाता है। राज्यों की राजधानियों में झारखंड की राजधानी राँची कर्क रेखा के सबसे निकट है (लगभग 9 किमी की दूरी पर), इसके बाद आइजोल (मिजोरम), अगरतला (त्रिपुरा) और भोपाल (मध्यप्रदेश) का स्थान आता है।

भारत की मानक याम्योत्तर रेखा और राजस्थान

भारत पूरे देश के लिए एक ही मानक समय (Indian Standard Time) का पालन करता है, जो मानक याम्योत्तर रेखा (Standard Meridian) पर आधारित है, जो 82½° पूर्वी देशांतर पर निर्धारित है। यह रेखा उत्तरप्रदेश में प्रयागराज (पूर्व नाम इलाहाबाद) के नैनी क्षेत्र से होकर गुजरती है — इसी रेखा के आधार पर पूरे देश, जिसमें राजस्थान भी शामिल है, का भारतीय मानक समय (IST) तय किया जाता है। दिलचस्प बात यह है कि यही मानक याम्योत्तर रेखा कर्क रेखा को छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के 'कोरिया' नामक स्थान पर काटती है, जिससे भारतीय भूगोल की दो सबसे महत्वपूर्ण संदर्भ-रेखाएं एक ही बिंदु पर आपस में जुड़ जाती हैं।

हालांकि राजस्थान का अपना देशांतरीय विस्तार (69°30' पूर्वी देशांतर से 78°17' पूर्वी देशांतर) 82½° पूर्वी देशांतर की मानक रेखा से काफी पश्चिम में स्थित है, फिर भी पूरा राज्य IST का ही पालन करता है — इसका अर्थ है कि राजस्थान में घड़ी का समय वास्तविक स्थानीय सौर समय से कुछ आगे चलता है, जो राज्य में सूर्योदय-सूर्यास्त के पैटर्न की तुलना करते समय याद रखने योग्य तथ्य है।

मानचित्र संदर्भ बिंदु और विकर्ण आकृति

राजस्थान को प्रायः विकर्णीय (diagonal) रूप से फैला हुआ राज्य कहा जाता है, जो इसके दक्षिण-पश्चिमी कोने से उत्तर-पूर्वी कोने की ओर विस्तारित है। इसे समझने का एक सरल तरीका है: राज्य के उत्तरतम व दक्षिणतम बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा खींचें — यह लगभग 74° पूर्वी देशांतर के साथ-साथ चलती है। अब पूर्वतम व पश्चिमतम बिंदुओं को जोड़ने वाली दूसरी रेखा खींचें — यह लगभग 27° उत्तरी अक्षांश के साथ-साथ चलती है। ये दोनों रेखाएं नागौर जिले के भीतर लगभग समकोण (90° के करीब) पर एक-दूसरे को काटती हैं, जिससे नागौर जिला राज्य के भौगोलिक केंद्र के निकट स्थित प्रतीत होता है।

पश्चिमी सीमा पर, पश्चिमतम गाँव कटरा (सम तहसील, जैसलमेर) के निकट सीमा-चिह्न बाड़मेर जिले के भालगाँव व बाखासर गाँवों के आसपास के क्षेत्र में भी दर्शाए गए हैं, जो राजस्थान की पाकिस्तान से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के हिस्से हैं।

राजस्थान के चार सुदूरतम बिंदु

भूगोल आधारित हर परीक्षा में उम्मीदवारों से राजस्थान के चारों सुदूरतम बिंदु कंठस्थ होने की अपेक्षा की जाती है। उनके सटीक निर्देशांक व स्थान इस प्रकार हैं:

दिशास्थाननिर्देशांक
उत्तरतम बिंदुहिन्दुमल कोट / कोणा गाँव क्षेत्र, गंगानगर जिला30°12' उत्तरी अक्षांश
दक्षिणतम बिंदुबोरकुंड गाँव, कुशलगढ़ तहसील, बाँसवाड़ा जिला23°3' उत्तरी अक्षांश
पूर्वतम बिंदुजगमोहन का पुरा, सिलावट गाँव के निकट, राजाखेड़ा तहसील, धौलपुर जिला78°17' पूर्वी देशांतर
पश्चिमतम बिंदुकटरा गाँव, सम तहसील, जैसलमेर जिला69°30' पूर्वी देशांतर

ध्यान दें कि गंगानगर (सुदूर उत्तर में) और बाँसवाड़ा (सुदूर दक्षिण में) उत्तर-दक्षिण सीमाओं को थामे हुए हैं, जबकि धौलपुर (सुदूर पूर्व में) और जैसलमेर (सुदूर पश्चिम में) पूर्व-पश्चिम सीमाओं को थामे हुए हैं — यानी चार अलग-अलग जिले, हर एक राज्य के एक किनारे को धारण किए हुए है।

राज्य में सूर्योदय व सूर्यास्त का अंतर

चूंकि राजस्थान लगभग 9 देशांतर डिग्री में फैला हुआ है, इसलिए राज्य में हर जगह घड़ी के अनुसार सूर्योदय व सूर्यास्त एक ही समय पर नहीं होते — पूर्व से पश्चिम की ओर एक स्पष्ट समय-अंतराल देखने को मिलता है। सूर्योदय व सूर्यास्त दोनों ही सबसे पहले पूर्व दिशा में स्थित धौलपुर जिले में होते हैं (जहाँ पूर्वतम बिंदु जगमोहन का पुरा स्थित है), जबकि दोनों ही सबसे बाद में पश्चिम दिशा में स्थित जैसलमेर जिले में होते हैं (जहाँ पश्चिमतम बिंदु कटरा गाँव स्थित है)। व्यावहारिक रूप से इसका अर्थ है कि जब धौलपुर में सूर्य उग चुका होता है, तब जैसलमेर में अभी कुछ समय तक अंधेरा बना रह सकता है — राज्य की पूर्व-पश्चिम चौड़ाई में यह अंतर लगभग 30-40 मिनट तक पहुंच जाता है, जो भूगोल के प्रश्नपत्रों में एक क्लासिक अवधारणात्मक प्रश्न है।

याद रखने की तरकीब — राजस्थान के चार सुदूरतम बिंदु

क्रम उत्तर → दक्षिण → पूर्व → पश्चिम में जिलों के पहले अक्षर से यह वाक्य बनाएँ:

"गंगा बाँसुरी धीरे जैसे" (गं-बा-ध-जै)

गं = गंगानगर → उत्तरतम बिंदु (कोणा गाँव), 30°12' उत्तरी अक्षांश
बा = बाँसवाड़ा → दक्षिणतम बिंदु (बोरकुंड गाँव), 23°3' उत्तरी अक्षांश
= ौलपुर → पूर्वतम बिंदु (जगमोहन का पुरा), 78°17' पूर्वी देशांतर
जै = जैसलमेर → पश्चिमतम बिंदु (कटरा गाँव), 69°30' पूर्वी देशांतर

सत्यापन: गाइड की तालिका में यही क्रम (उत्तरतम, दक्षिणतम, पूर्वतम, पश्चिमतम) दिया गया है।

भ्रम-निवारक — उत्तर-दक्षिण लंबाई बनाम पूर्व-पश्चिम चौड़ाई

उत्तर-दक्षिण लंबाई

गंगानगर (30°12' उ.अ.) से बाँसवाड़ा (23°3' उ.अ.) तक
अक्षांशीय विस्तार ≈ 7°9'
दूरी = 826 किमी

पूर्व-पश्चिम चौड़ाई

जैसलमेर (69°30' पू.दे.) से धौलपुर (78°17' पू.दे.) तक
देशांतरीय विस्तार ≈ 8°47'
दूरी = 869 किमी

⚠ याद रखें: पूर्व-पश्चिम चौड़ाई (869 किमी), उत्तर-दक्षिण लंबाई (826 किमी) से 43 किमी अधिक है — अधिकतर विद्यार्थी इसे उल्टा मान लेते हैं।
योजनाबद्ध चित्र / Schematic (सांकेतिक, मानचित्र-सटीक नहीं / not to scale, not geographically precise) — राजस्थान के सुदूरतम बिंदु
Schematic diagram of Rajasthan's geographical extent — not to scale, not a geographically precise mapSimplified schematic outline of Rajasthan joining its four extreme points (illustrative only)Line joining northernmost and southernmost points, runs roughly along 74° E longitudeLine joining easternmost and westernmost points, runs roughly along 27° N latitudeNagaur district: the two lines above intersect here at almost a right angle, near the geographic heart of the stateनागौर/NagaurNorthernmost point: Kona village, Ganganagar district, 30°12' N latitudeउत्तर/N: गंगानगर 30°12'NSouthernmost point: Borkund village, Kushalgarh tehsil, Banswara district, 23°3' N latitudeदक्षिण/S: बाँसवाड़ा 23°3'NEasternmost point: Jagmohan ka Pura near Silawat village, Dhaulpur district, 78°17' E longitudeपूर्व/E: धौलपुर 78°17'EWesternmost point: Katra village, Sam tehsil, Jaisalmer district, 69°30' E longitudeपश्चिम/W: जैसलमेर 69°30'ETropic of Cancer (23°30' N) — passes through only Banswara and Dungarpur districts; shown schematically near the southern edge of the state outlineकर्क रेखा/Tropic of Cancer 23°30'N (बाँसवाड़ा-डूंगरपुर)

त्वरित तथ्य

  • राजस्थान 23°3' उत्तरी अक्षांश से 30°12' उत्तरी अक्षांश तथा 69°30' पूर्वी देशांतर से 78°17' पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है, जिसका उत्तर-दक्षिण विस्तार लगभग 826 किमी तथा पूर्व-पश्चिम विस्तार लगभग 869 किमी है।
  • कर्क रेखा राज्य के केवल दो जिलों — बाँसवाड़ा (लगभग बीचोंबीच) और डूंगरपुर (गलियाकोट के पास) — से होकर गुजरती है, जिससे बाँसवाड़ा राज्य में सबसे सीधी धूप वाला तथा श्रीगंगानगर सबसे तिरछी धूप वाला बिंदु बन जाता है।
  • राज्य के चार सुदूरतम बिंदु चार अलग-अलग जिलों में स्थित हैं — उत्तर में गंगानगर, दक्षिण में बाँसवाड़ा, पूर्व में धौलपुर (जगमोहन का पुरा), और पश्चिम में जैसलमेर (कटरा गाँव); इन्हें जोड़ने वाली रेखाएं (लगभग 74° पूर्वी देशांतर व 27° उत्तरी अक्षांश) नागौर जिले के भीतर लगभग समकोण पर एक-दूसरे को काटती हैं।
  • भारत की मानक याम्योत्तर रेखा (82½° पूर्वी देशांतर, प्रयागराज के नैनी से होकर गुजरने वाली) पूरे राजस्थान के लिए IST तय करती है, भले ही राज्य इस रेखा से काफी पश्चिम में स्थित हो; राज्य में सूर्योदय व सूर्यास्त सबसे पहले धौलपुर में तथा सबसे बाद में जैसलमेर में होते हैं।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • थार मरुस्थल विश्व का 9वाँ सबसे बड़ा मरुस्थल है; यह राजस्थान के पश्चिमी भाग में है।
  • चंबल नदी राजस्थान की एकमात्र बारहमासी नदी है; यह यमुना में मिलती है।
  • भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून जून में केरल पहुंचता है; यह अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दोनों से आता है।
  • कर्क रेखा (23.5°N) राजस्थान के बांसवाड़ा जिले से गुजरती है।
  • मकराना (नागौर) का सफेद संगमरमर ताजमहल में प्रयुक्त।
इस टॉपिक को पूरा करने के बाद मार्क करें — सिलेबस प्रगति में जुड़ जाएगा।

✍️ 5 सवाल हल करें

पढ़ने के बाद खुद को परखें — सभी सवाल हल करके अपनी streak बढ़ाएं। 🔥

5 में से 0 हल किए
1

कर्क रेखा राजस्थान के किस जिले के लगभग बीचोंबीच से होकर गुजरती है?

2

राजस्थान के उत्तरतम बिंदु और दक्षिणतम बिंदु को जोड़ने वाली रेखा तथा पूर्वतम व पश्चिमतम बिंदुओं को जोड़ने वाली रेखा किस जिले में लगभग समकोण पर एक-दूसरे को काटती हैं?

3

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. सम्पूर्ण ग्लोब के सापेक्ष राजस्थान उत्तर-पूर्वी भाग में स्थित है। 2. भारत के सापेक्ष राजस्थान उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

4

सूची-I (सुदूरतम बिंदु) को सूची-II (जिला) से सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिए: सूची-I: A. उत्तरतम बिंदु B. दक्षिणतम बिंदु C. पूर्वतम बिंदु D. पश्चिमतम बिंदु सूची-II: 1. जैसलमेर 2. धौलपुर 3. बाँसवाड़ा 4. गंगानगर

5

राजस्थान में कर्क रेखा (Tropic of Cancer) से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

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