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📚 विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

भारत में अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी — ISRO मिशन और उपलब्धियां

Space Technology in India — ISRO Missions and Achievements

12 मिनटintermediate✓ अपडेटेड: मई 2026· Science and Technology

परिचय

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम विश्व के सबसे किफायती कार्यक्रमों में से एक है। ISRO की उपलब्धियां RAS Prelims में नियमित रूप से आती हैं, विशेषकर हालिया मिशन।

ISRO — मुख्य तथ्य

पूर्ण रूप: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन। स्थापना: 1969। मुख्यालय: बेंगलुरु

ऐतिहासिक मिशन

चंद्र मिशन

चंद्रयान-1 (2008): चंद्रमा पर जल अणु खोजे। चंद्रयान-2 (2019): ऑर्बिटर सफल, विक्रम लैंडर दुर्घटनाग्रस्त। चंद्रयान-3 (2023): ऐतिहासिक सफलता — विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग की। भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश, दक्षिणी ध्रुव पर पहला।

मंगल मिशन

मंगलयान (2013-14): पहले प्रयास में मंगल पर पहुंचने वाला पहला देश। लागत: ₹450 करोड़।

सौर मिशन

आदित्य-L1 (2023): भारत का पहला सौर मिशन। लैग्रेंज पॉइंट 1 पर स्थापित।

RAS Prelims में महत्व

ध्यान दें: चंद्रयान-3 विवरण, मंगलयान, ISRO स्थापना, प्रक्षेपण यान, 2023-24 के हालिया मिशन।

त्वरित रिवीजन — One-Liners

  • DNA की खोज 1953 में वॉटसन और क्रिक ने की; यह एक द्विकुण्डलित संरचना है।
  • ISRO की स्थापना 1969 में हुई; चंद्रयान-3 ने 23 अगस्त 2023 को चंद्रमा पर सफल लैंडिंग की।
  • भारत ने पहला परमाणु परीक्षण 1974 में 'स्माइलिंग बुद्धा' के नाम से पोखरण में किया।
  • सुपर कंप्यूटर PARAM 8000 1991 में CDAC द्वारा विकसित किया गया — यह भारत का पहला स्वदेशी सुपर कंप्यूटर था।
  • डेंगू एडीस मच्छर से फैलता है; वायरस DENV 1-4।
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