राजस्थान: सरोगेट व कमीशनिंग माताओं को मातृत्व अवकाश का प्रावधान
20 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
राजस्थान में सरोगेट माता बनी महिला कर्मचारी को 180 दिन तक और कमीशनिंग माता को 90 दिन का मातृत्व अवकाश मिलेगा।
क्या हुआ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल ने 13 अगस्त 2026 को यह प्रस्ताव मंज़ूर किया और सितंबर 2026 में संशोधित नियम अधिसूचित हुए। 25 से 35 वर्ष की जिस महिला कर्मचारी की अपनी संतान है, वह सरोगेट माता बनने पर 180 दिन तक अवकाश ले सकेगी। 23 से 50 वर्ष की कमीशनिंग (इच्छुक) माता, जिसकी कोई जीवित संतान नहीं है, को 90 दिन का अवकाश मिलेगा। यह लाभ पूरी सेवा अवधि में अधिकतम दो संतानों या सरोगेसी मामलों तक सीमित है। पहले स्पष्ट नियम न होने से ऐसे अवकाश की मंज़ूरी में कठिनाई होती थी।
मुख्य तथ्य
- 1मंत्रिमंडल की मंज़ूरी: 13 अगस्त 2026; नियम अधिसूचित: सितंबर 2026
- 2सरोगेट माता (25-35 वर्ष, अपनी संतान): 180 दिन तक अवकाश
- 3कमीशनिंग माता (23-50 वर्ष, कोई जीवित संतान नहीं): 90 दिन
- 4सीमा: पूरी सेवा में अधिकतम दो संतान/सरोगेसी मामले
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में राजस्थान के संशोधित नियमों में सरोगेट और कमीशनिंग माता के अवकाश की अवधि पूछी जा सकती है।
स्थायी GK: राजस्थान उच्च न्यायालय ने 2023 में कहा था कि सरोगेट माता भी मातृत्व अवकाश की हकदार है; केंद्र ने जून 2024 में CCS (अवकाश) नियम, 1972 में संशोधन कर सरोगेसी मामलों में 180 दिन का मातृत्व अवकाश दिया।