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राष्ट्रीय · विज्ञान

भारत में क्लेफ्ट लिप और तालु की देखभाल में AI का बदलाव

17 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

क्या हुआ

क्लेफ्ट लिप और तालु (CLP) विश्व की सबसे सामान्य जन्मजात क्रेनियोफेशियल विसंगतियों में से एक है। भारत में प्रतिवर्ष लगभग 30,000 बच्चे CLP के साथ जन्म लेते हैं, जो प्रति 700 जीवित जन्मों में लगभग 1 की दर दर्शाता है। उपचार परंपरागत रूप से शल्य चिकित्सा तक सीमित रहा है, लेकिन व्यापक देखभाल के लिए ऑर्थोडॉन्टिस्ट, स्पीच थेरेपिस्ट, मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञों की बहु-विषयक टीम आवश्यक है, जो ग्रामीण भारत में दुर्लभ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब क्लेफ्ट देखभाल के विभिन्न चरणों में एकीकृत हो रहा है। AI-आधारित इमेजिंग उपकरण अल्ट्रासाउंड विश्लेषण के माध्यम से प्रसव पूर्व पहचान में सहायता करते हैं। शल्य चिकित्सा के बाद, AI-आधारित स्पीच विश्लेषण ऐप्स दूरस्थ स्पीच थेरेपी मूल्यांकन में मदद करते हैं। मशीन लर्निंग मॉडल शल्य परिणामों की भविष्यवाणी और व्यक्तिगत उपचार योजना बनाने में उपयोगी हैं। स्माइल ट्रेन जैसी संस्थाओं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने शल्य पहुँच बढ़ाई है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) जैसी डिजिटल स्वास्थ्य पहलों के अंतर्गत AI टेलीकंसल्टेशन और दूरस्थ निगरानी को सक्षम बना सकता है। यह विषय स्वास्थ्य नीति और विज्ञान-प्रौद्योगिकी के अंतर्संबंध की दृष्टि से RAS परीक्षा के लिए प्रासंगिक है।

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