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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

आओलेंग महोत्सव

20 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

आओलेंग — कोन्याक जनजाति का प्रमुख त्योहार; अप्रैल के पहले सप्ताह में; नववर्ष व वसंत का स्वागत।

क्या हुआ

आओलेंग (Aoleang) महोत्सव की चर्चा हुई। आओलेंग नागालैंड की कोन्याक जनजाति का सबसे महत्वपूर्ण व भव्य त्योहार है, जो अप्रैल माह में (आमतौर पर 1-6 अप्रैल) नए साल के स्वागत, वसंत-ऋतु, बुवाई के मौसम के आरंभ व ईश्वर से अच्छी फसल की प्रार्थना के रूप में मनाया जाता है। इसमें पारंपरिक नृत्य, गीत, रंगीन वेशभूषा, दावत व सांस्कृतिक अनुष्ठान शामिल होते हैं। कोन्याक जनजाति अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत (व ऐतिहासिक रूप से 'हेड-हंटिंग' परंपरा) के लिए जानी जाती है। ऐसे त्योहार भारत की जनजातीय/सांस्कृतिक विविधता, पूर्वोत्तर की समृद्ध परंपराओं व 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' को दर्शाते हैं। यह कला-संस्कृति व जनजातीय विरासत से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1आओलेंग महोत्सव।
  2. 2नागालैंड की कोन्याक जनजाति का प्रमुख त्योहार।
  3. 3अप्रैल में; नववर्ष/वसंत/बुवाई का स्वागत।
  4. 4पारंपरिक नृत्य, गीत, वेशभूषा, दावत।
  5. 5जनजातीय/सांस्कृतिक विविधता; पूर्वोत्तर।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

जनजातीय त्योहार, कोन्याक जनजाति व पूर्वोत्तर संस्कृति कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: आओलेंग — नागालैंड की कोन्याक जनजाति का त्योहार (अप्रैल)। नववर्ष/वसंत/बुवाई; अच्छी फसल की प्रार्थना। जनजातीय विरासत; पूर्वोत्तर।

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