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राजस्थान · कला-संस्कृति

राजस्थान में दिसंबर 2025 में कई मेले व उत्सव आयोजित

24 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दिसंबर 2025 में राजस्थान में पक्षी उत्सव से लेकर हस्तशिल्प व सांस्कृतिक मेलों तक कई आयोजन हुए।

क्या हुआ

फलौदी के खींचन गांव में कुर्जा महोत्सव (26-27 दिसंबर) डेमोइसेल क्रेन पक्षियों के संरक्षण को समर्पित रहा, जबकि जोधपुर के रांसी गांव में ऑल इंडिया मारवाड़ी हॉर्स सोसाइटी द्वारा रांसी मारवाड़ी हॉर्स शो आयोजित हुआ। ओडिशा के संबलपुर में मारवाड़ महोत्सव (23 दिसंबर) प्रवासी राजस्थानियों (मारवाड़ियों) की संस्कृति और निवेश को बढ़ावा देने हेतु मनाया गया। इसके अलावा माउंट आबू में शरद महोत्सव (29-31 दिसंबर), जोधपुर में पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प महोत्सव 2026 (25 दिसंबर से, थीम "ऑपरेशन सिंदूर"), जयपुर के शिल्पग्राम जेकेके में सरस राजसखी राष्ट्रीय मेला (राजीविका द्वारा आयोजित) और 7वां जयपुर टाइगर फेस्टिवल (11-14 दिसंबर) भी आयोजित हुए।

मुख्य तथ्य

  1. 1कुर्जा महोत्सव, खींचन: डेमोइसेल क्रेन संरक्षण को समर्पित
  2. 2मारवाड़ महोत्सव, संबलपुर (ओडिशा): प्रवासी राजस्थानियों की संस्कृति व निवेश पर केंद्रित
  3. 3सरस राजसखी मेला व जयपुर टाइगर फेस्टिवल सहित कई अन्य आयोजन

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

राजस्थान के मेलों-त्योहारों और उनके संरक्षण/सांस्कृतिक महत्व पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: खींचन गांव (फलौदी) को साइबेरियन सारस के नाम से प्रसिद्ध डेमोइसेल क्रेन पक्षियों के शीतकालीन बसेरे के लिए जाना जाता है।

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