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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

दांडी मार्च

12 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दांडी मार्च (12 मार्च-6 अप्रैल 1930) — साबरमती से दांडी तक ~385 किमी; नमक कानून तोड़ना।

क्या हुआ

दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह) चर्चा में रहा। 12 मार्च 1930 को महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम से गुजरात के तटीय गाँव दांडी तक ~385 किमी की पदयात्रा शुरू की, जो 6 अप्रैल को समुद्री जल से नमक बनाकर ब्रिटिश नमक कानून तोड़ने पर समाप्त हुई। यह सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) की शुरुआत थी, जिसने जन-भागीदारी (विशेषकर महिलाओं) को बढ़ाया व भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को वैश्विक ध्यान दिलाया। नमक कर गरीबों पर भी पड़ता था, इसलिए नमक एक शक्तिशाली प्रतीक बना। यह अहिंसक प्रतिरोध (सत्याग्रह) का उत्कृष्ट उदाहरण है।

मुख्य तथ्य

  1. 1दांडी मार्च (नमक सत्याग्रह)।
  2. 212 मार्च 1930; गांधी; साबरमती से दांडी।
  3. 3~385 किमी; नमक कानून तोड़ा (6 अप्रैल)।
  4. 4सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत।
  5. 5जन-भागीदारी; अहिंसक प्रतिरोध (सत्याग्रह)।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

दांडी मार्च, नमक सत्याग्रह व सविनय अवज्ञा आंदोलन आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: दांडी मार्च — 12 मार्च-6 अप्रैल 1930; साबरमती से दांडी (~385 किमी)। सविनय अवज्ञा आंदोलन। नमक कानून; सत्याग्रह।

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