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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि

12 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दीनदयाल उपाध्याय — 'एकात्म मानववाद' दर्शन; 'अंत्योदय' (अंतिम व्यक्ति का उत्थान)।

क्या हुआ

पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि की चर्चा हुई। दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) एक भारतीय विचारक, राजनेता व भारतीय जनसंघ (BJP के पूर्ववर्ती) के प्रमुख नेता थे। वे 'एकात्म मानववाद' (Integral Humanism / Ekatma Manavavad) के दर्शन के प्रवर्तक थे — एक ऐसा दृष्टिकोण जो व्यक्ति, समाज, प्रकृति व ब्रह्मांड के समग्र, परस्पर-संबद्ध विकास की बात करता है (पश्चिमी पूँजीवाद व साम्यवाद दोनों का भारतीय विकल्प)। उन्होंने 'अंत्योदय' (समाज के अंतिम व्यक्ति का उत्थान) की अवधारणा पर ज़ोर दिया। उनकी जयंती/स्मृति में अनेक कल्याण-योजनाएँ उनके नाम पर हैं (दीनदयाल अंत्योदय योजना, DDU-GKY)। यह आधुनिक भारतीय राजनीतिक विचार व सामाजिक दर्शन से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1पं. दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) की पुण्यतिथि।
  2. 2भारतीय जनसंघ (BJP पूर्ववर्ती) के प्रमुख नेता।
  3. 3'एकात्म मानववाद' दर्शन के प्रवर्तक।
  4. 4'अंत्योदय' — अंतिम व्यक्ति का उत्थान।
  5. 5दीनदयाल अंत्योदय योजना; DDU-GKY।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

दीनदयाल उपाध्याय, एकात्म मानववाद व अंत्योदय आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) — भारतीय जनसंघ नेता; एकात्म मानववाद। अंत्योदय। योजनाएँ — दीनदयाल अंत्योदय योजना, DDU-GKY।

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