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राष्ट्रीय · विज्ञान

DRDO का स्क्रैमजेट दहन कक्ष 1,200 सेकंड तक सफल परीक्षण

11 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

DRDO स्क्रैमजेट — 1,200 सेकंड परीक्षण (हैदराबाद, मई 2026)।

क्या हुआ

DRDO ने एक स्क्रैमजेट कंबस्टर का 1,200 सेकंड तक सफल ज़मीनी परीक्षण किया — हाइपरसोनिक प्रौद्योगिकी में एक बड़ी उपलब्धि। स्क्रैमजेट (सुपरसोनिक कम्बशन रैमजेट) एक वायु-श्वास (air-breathing) इंजन है जो ध्वनि की गति से कई गुना अधिक (हाइपरसोनिक, मैक 5+) पर वायुमंडलीय ऑक्सीजन का उपयोग कर दहन करता है — इसमें चलने वाले पुर्ज़े नहीं होते। यह हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों व भविष्य के अंतरिक्ष-यान के लिए महत्वपूर्ण है। दीर्घ अवधि परीक्षण थर्मल स्थिरता को सिद्ध करता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1DRDO ने स्क्रैमजेट कंबस्टर का 1,200 सेकंड परीक्षण किया।
  2. 2स्क्रैमजेट — वायु-श्वास, सुपरसोनिक दहन इंजन।
  3. 3हाइपरसोनिक — मैक 5+ गति; कोई चलने वाला पुर्ज़ा नहीं।
  4. 4हाइपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों हेतु महत्वपूर्ण।
  5. 5DRDO — स्थापना 1958; मुख्यालय नई दिल्ली।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

स्क्रैमजेट/रैमजेट व हाइपरसोनिक तकनीक विज्ञान-तकनीक खंड में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: स्क्रैमजेट — वायु-श्वास, सुपरसोनिक दहन; हाइपरसोनिक (मैक 5+)। DRDO — रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (1958); मुख्यालय नई दिल्ली। हाइपरसोनिक — मैक 5 से अधिक गति।

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