भारत के श्रमिक आंदोलनों का विकास
4 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
NM लोखंडे — भारतीय श्रमिक आंदोलन के जनक; AITUC (1920), पहले अध्यक्ष लाला लाजपत राय।
क्या हुआ
भारत में श्रमिक आंदोलनों के विकास की चर्चा हुई। औपनिवेशिक काल में औद्योगीकरण के साथ श्रमिक संगठित होने लगे — पहला प्रमुख ट्रेड यूनियन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) 1920 में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में बना। श्रमिक आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम से भी जुड़े। स्वतंत्रता के बाद श्रम कानून बने, और हाल ही में 29 केंद्रीय श्रम कानूनों को चार श्रम संहिताओं (मज़दूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, व्यावसायिक सुरक्षा) में समेकित किया गया। श्रम समवर्ती सूची का विषय है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत में श्रमिक आंदोलनों का विकास।
- 2AITUC (1920) — प्रथम प्रमुख ट्रेड यूनियन; लाला लाजपत राय।
- 3श्रमिक आंदोलन — स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े।
- 4चार श्रम संहिताएँ — 29 कानूनों का समेकन।
- 5श्रम — समवर्ती सूची; ILO 1919।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
श्रमिक आंदोलन, AITUC व ट्रेड यूनियन अधिनियम आधुनिक इतिहास में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: AITUC — 1920; प्रथम अध्यक्ष लाला लाजपत राय। चार श्रम संहिताएँ — मज़दूरी, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा, OSH। श्रम — समवर्ती सूची। ILO — 1919।