21 फरवरी 2026 · 21 February 2026अर्थव्यवस्था
निर्यात संवर्धन मिशन के तहत 7 नई पहल
7 new interventions under the Export Promotion Mission
EPM — बजट 2025-26 में घोषित; MSME निर्यातकों हेतु बाज़ार पहुंच, ऋण व अनुपालन सहायता।
मुख्य तथ्य
- •निर्यात संवर्धन मिशन की 7 नई पहलें।
- •निर्यात-वृद्धि व वैश्विक मूल्य-श्रृंखला हिस्सेदारी।
- •निर्यात-वित्त, MSME/ई-कॉमर्स निर्यात।
- •बाज़ार-पहुँच, गुणवत्ता-मानक, लॉजिस्टिक्स-लागत।
- •RoDTEP; FTA; मेक इन इंडिया; व्यापार-घाटा कम।
निर्यात संवर्धन मिशन के तहत 7 नई पहलों की चर्चा हुई। निर्यात संवर्धन मिशन (Export Promotion Mission) निर्यात-वृद्धि व वैश्विक मूल्य-श्रृंखलाओं में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने हेतु एक रूपरेखा है। नई पहलें आमतौर पर निर्यात-वित्त/ऋण-पहुँच, MSME/ई-कॉमर्स निर्यात, बाज़ार-पहुँच व विविधीकरण, अनुपालन/गुणवत्ता-मानक, लॉजिस्टिक्स-लागत में कमी व निर्यात-अवसंरचना को मज़बूत करती हैं। ये RoDTEP, FTAs (मुक्त-व्यापार समझौते), 'मेक इन इंडिया' व 'आत्मनिर्भर भारत' के व्यापक ढाँचे से जुड़ती हैं। उद्देश्य — व्यापार-घाटा कम करना, रोज़गार व विदेशी मुद्रा अर्जन बढ़ाना। यह व्यापार नीति व आर्थिक विकास से जुड़ा है। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।
🎯 परीक्षा में कैसे आएगा
निर्यात संवर्धन मिशन, MSME व निर्यात अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
📚 संबंधित स्थायी GK
निर्यात संवर्धन मिशन — निर्यात-वृद्धि; वैश्विक मूल्य-श्रृंखला। निर्यात-वित्त, MSME/ई-कॉमर्स, बाज़ार-पहुँच, लॉजिस्टिक्स। RoDTEP; FTA; मेक इन इंडिया।
✨ RajAI— RAS Prelims Expert