गति शक्ति कार्गो टर्मिनल व भारत का लॉजिस्टिक्स परिवर्तन
15 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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गति शक्ति कार्गो टर्मिनल — रेलवे के पास मल्टी-मॉडल माल हैंडलिंग सुविधाएं; लॉजिस्टिक्स लागत घटाना।
क्या हुआ
गति शक्ति कार्गो टर्मिनल (GCT) व भारत के लॉजिस्टिक्स रूपांतरण की चर्चा हुई। गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नीति निजी निवेश से रेलवे भूमि/नेटवर्क पर आधुनिक माल टर्मिनल विकसित करने को बढ़ावा देती है, जिससे माल लदान-उतरान कुशल हो व मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी बढ़े। यह पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान (2021) का हिस्सा है, जो विभिन्न मंत्रालयों/अवसंरचना परियोजनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर समन्वित करता है। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (2022) लॉजिस्टिक्स लागत (GDP का ~14%) घटाने का लक्ष्य रखती है। दक्ष लॉजिस्टिक्स निर्यात प्रतिस्पर्धा, आर्थिक वृद्धि व 'मेक इन इंडिया' को बढ़ाता है। यह अवसंरचना से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1गति शक्ति कार्गो टर्मिनल व लॉजिस्टिक्स रूपांतरण।
- 2रेलवे पर निजी निवेश से आधुनिक माल टर्मिनल।
- 3पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान (2021) का हिस्सा।
- 4राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (2022); लागत में कमी।
- 5मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी; निर्यात प्रतिस्पर्धा।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
PM गतिशक्ति, राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति व लॉजिस्टिक्स लागत अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: पीएम गति शक्ति (2021) — एकीकृत अवसंरचना मास्टर प्लान। राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नीति (2022)। मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी; लॉजिस्टिक्स लागत ~14% GDP।