गहलोत ने राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की
15 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर राजस्थान में भाजपा सरकार को स्थानीय निकाय चुनाव कराने के लिए बाध्य करने हेतु हस्तक्षेप की मांग की। गहलोत ने आरोप लगाया कि राजस्थान उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद राज्य सरकार ने जानबूझकर चुनाव में देरी की, जो लोकतांत्रिक सिद्धांतों और संवैधानिक आदेशों का उल्लंघन है।
राजस्थान में स्थानीय निकाय चुनाव — नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका जैसी शहरी स्थानीय संस्थाओं और पंचायती राज संस्थाओं को शामिल करते हुए — संविधान के अनुच्छेद 243 और 243ZA के तहत अनिवार्य हैं। राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) इन चुनावों की देखरेख, निर्देशन और नियंत्रण के लिए संवैधानिक प्राधिकरण है।
परीक्षा की दृष्टि से यह मामला महत्वपूर्ण है क्योंकि यह संविधान के भाग IX (पंचायतें) और भाग IX-A (नगरपालिकाएं), 74वें संविधान संशोधन (1992), राज्य निर्वाचन आयोग की भूमिका और न्यायपालिका की शक्तियों से जुड़ा है। राष्ट्रपति से अपील अनुच्छेद 60 के तहत राष्ट्रपति की संवैधानिक भूमिका को भी रेखांकित करती है।