ज्ञान भारतम पहल: संस्कृति मंत्रालय ने 17 प्रमुख संस्थानों से किए MoU
25 अक्टूबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम
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अक्टूबर 2025 में संस्कृति मंत्रालय ने 25 अक्टूबर को ज्ञान भारतम पहल के तहत एशियाटिक सोसाइटी (कोलकाता), कश्मीर विश्वविद्यालय (श्रीनगर), हिंदी साहित्य सम्मेलन (प्रयागराज) व सरकारी ओरिएंटल पांडुलिपि पुस्तकालय (चेन्नई) सहित 17 प्रमुख संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
क्या हुआ
इस पहल की घोषणा केंद्रीय बजट 2025-26 में हुई थी और इसका उद्देश्य भारत की पांडुलिपि विरासत की पहचान, दस्तावेज़ीकरण, संरक्षण, डिजिटलीकरण व प्रचार करना है। संस्थानों को क्लस्टर केंद्र व स्वतंत्र केंद्र में वर्गीकृत किया जाएगा तथा प्रत्येक केंद्र में समन्वय हेतु एक 'ज्ञान भारतम सेल' गठित की जाएगी, जो राष्ट्रीय डिजिटल भंडार (NDR) में पांडुलिपि ज्ञान को संग्रहीत कर वैश्विक स्तर पर साझा करेगी।
मुख्य तथ्य
- 1MoU हस्ताक्षर तिथि: 25 अक्टूबर 2025; संस्थान संख्या: 17।
- 2नोडल मंत्रालय: संस्कृति मंत्रालय; घोषणा: बजट 2025-26।
- 3उद्देश्य: पांडुलिपि विरासत का डिजिटलीकरण, राष्ट्रीय डिजिटल भंडार (NDR) में संग्रहण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
सांस्कृतिक विरासत संरक्षण की नई डिजिटल पहलें RAS मुख्य परीक्षा के कला-संस्कृति प्रश्नपत्र में उपयोगी हैं।
स्थायी GK: भारत में लाखों प्राचीन पांडुलिपियां संग्रहालयों, मठों व निजी संग्रहों में बिखरी पड़ी हैं, जिनके संरक्षण हेतु राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन 2003 में शुरू किया गया था।