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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

होयसल मंदिर

23 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

होयसल मंदिर — होयसल राजवंश (11वीं-14वीं सदी) द्वारा निर्मित; 2023 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल।

क्या हुआ

होयसल मंदिरों की चर्चा हुई। होयसल राजवंश (11वीं-14वीं शताब्दी) द्वारा कर्नाटक में निर्मित ये मंदिर अपनी विशिष्ट वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं — तारकीय (star-shaped) मंच (जगती), साबुन-पत्थर (सोपस्टोन) पर अत्यंत बारीक व जटिल नक्काशी, तथा अलंकृत मूर्तियाँ। प्रमुख उदाहरण — बेलूर का चेन्नकेशव मंदिर, हलेबिड का होयसलेश्वर मंदिर व सोमनाथपुर का केशव मंदिर। 'होयसल के पवित्र मंदिर समूह' को 2023 में UNESCO विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया। यह भारतीय मंदिर वास्तुकला (द्रविड़/वेसर शैली), कला व सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1होयसल मंदिर।
  2. 2होयसल राजवंश; कर्नाटक (11-14वीं सदी)।
  3. 3सोपस्टोन पर बारीक नक्काशी; तारकीय मंच।
  4. 4बेलूर, हलेबिड, सोमनाथपुर।
  5. 5UNESCO विश्व धरोहर (2023)।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

होयसल वास्तुकला, बेलूर-हलेबिड व UNESCO स्थल कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: होयसल — कर्नाटक (11-14वीं सदी)। बेलूर, हलेबिड, सोमनाथपुर। सोपस्टोन नक्काशी; तारकीय मंच। UNESCO धरोहर (2023)। वेसार शैली।

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