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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

भारत में UNESCO का 20वाँ अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सम्मेलन, दिवाली को मिली वैश्विक मान्यता

10 दिसंबर 2025 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

दिसंबर 2025 में भारत ने पहली बार UNESCO के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर (ICH) सम्मेलन की मेज़बानी की, जिसमें दिवाली को आधिकारिक रूप से सूचीबद्ध किया गया।

क्या हुआ

नई दिल्ली में 8-13 दिसंबर 2025 को आयोजित इस सम्मेलन ने 2003 कन्वेंशन के भारत द्वारा अनुसमर्थन के 20 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाया, जिसकी अध्यक्षता UNESCO में भारत के स्थायी प्रतिनिधि विशाल वी. शर्मा ने की। इसी दौरान 10 दिसंबर 2025 को UNESCO ने दिवाली को अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर घोषित किया — यह भारत की सूची में शामिल 16वाँ तत्व है, जिसमें राजस्थान के कालबेलिया लोकगीत व नृत्य (2010 से सूचीबद्ध) भी पहले से शामिल हैं।

मुख्य तथ्य

  1. 1आयोजक: संस्कृति मंत्रालय (भारत सरकार) व संगीत नाटक अकादमी
  2. 2दिवाली भारत की 16वीं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर सूचीबद्ध वस्तु बनी
  3. 3राजस्थान का कालबेलिया लोकनृत्य पहले से (2010) इस सूची में शामिल है

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

कला एवं संस्कृति खंड के लिए महत्वपूर्ण — भारत की UNESCO ICH सूची (16 तत्व, जिनमें कालबेलिया शामिल) याद रखें।

स्थायी GK: भारत ने 2003 का UNESCO अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण कन्वेंशन वर्ष 2005 में अनुसमर्थित किया था।

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