भारत का पहला पांडुलिपि मानचित्रण अभियान
17 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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पांडुलिपि मानचित्रण — भारत की ~1 करोड़ पांडुलिपियों (विश्व का सबसे बड़ा संग्रह) का डिजिटलीकरण।
क्या हुआ
भारत के पहले 'पांडुलिपि मानचित्रण अभियान' (Manuscript Mapping Drive) की चर्चा हुई। पांडुलिपियाँ (manuscripts) हाथ से लिखी प्राचीन/मध्यकालीन कृतियाँ हैं (ताड़पत्र, भोजपत्र, कागज़ पर — संस्कृत, प्राकृत, अरबी, फ़ारसी, क्षेत्रीय भाषाओं में), जो भारत के ज्ञान, विज्ञान, दर्शन, चिकित्सा व साहित्य की समृद्ध विरासत हैं। 'राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन' (NMM, 2003) इनके सर्वेक्षण, प्रलेखन, डिजिटलीकरण व संरक्षण का कार्य करता है। मानचित्रण अभियान देश भर में बिखरी (निजी संग्रह, मठ, परिवारों के पास) पांडुलिपियों की पहचान व सूचीकरण करता है। यह 'ज्ञान भारतम मिशन' से भी जुड़ता है। यह सांस्कृतिक विरासत-संरक्षण से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1भारत का पहला पांडुलिपि मानचित्रण अभियान।
- 2पांडुलिपियाँ — हस्तलिखित प्राचीन/मध्यकालीन कृतियाँ।
- 3ताड़पत्र, भोजपत्र; संस्कृत/फ़ारसी/क्षेत्रीय।
- 4राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM, 2003)।
- 5पहचान, सूचीकरण, डिजिटलीकरण, संरक्षण।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
ज्ञान भारतम मिशन व पांडुलिपि संरक्षण कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: पांडुलिपि — हस्तलिखित प्राचीन कृति (ताड़पत्र/भोजपत्र)। राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन (NMM, 2003); डिजिटलीकरण। ज्ञान भारतम मिशन।