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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

INSV कौंडिन्य ओमान पहुंचा

24 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

INSV कौंडिन्य — प्राचीन तकनीक से बना 'सिला हुआ' पोत; भारत-ओमान समुद्री विरासत।

क्या हुआ

'INSV कौंडिन्य' के ओमान पहुँचने की चर्चा हुई। INSV कौंडिन्य भारतीय नौसेना का एक पुनर्निर्मित प्राचीन-शैली का सिलना हुआ जहाज़ (stitched ship) है, जो 5वीं सदी के अजंता गुफा-चित्रों में दर्शाए गए जहाज़ की अनुकृति पर बना है (बिना कीलों के, रस्सियों से 'सिले' गए तख्तों से बना पारंपरिक भारतीय जहाज़-निर्माण)। यह 'कौंडिन्य' नामक उस प्राचीन भारतीय नाविक के नाम पर है, जिसने दक्षिण-पूर्व एशिया (कंबोडिया/फुनान) तक यात्रा की मानी जाती है। इसका ओमान तक की समुद्री यात्रा करना भारत की प्राचीन समुद्री विरासत, जहाज़-निर्माण परंपरा व हिंद महासागर के ऐतिहासिक व्यापार-संबंधों को पुनर्जीवित करता है (ASI, संस्कृति मंत्रालय व नौसेना की पहल)। यह कला-संस्कृति, समुद्री इतिहास व विरासत से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1INSV कौंडिन्य ओमान पहुँचा।
  2. 2प्राचीन-शैली सिलना हुआ जहाज़ (बिना कीलों के)।
  3. 35वीं सदी अजंता गुफा-चित्र की अनुकृति।
  4. 4कौंडिन्य — दक्षिण-पूर्व एशिया का प्राचीन नाविक।
  5. 5प्राचीन समुद्री विरासत व जहाज़-निर्माण परंपरा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

INSV कौंडिन्य, सिले हुए जहाज़ व प्राचीन समुद्री विरासत कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: INSV कौंडिन्य — प्राचीन-शैली सिलना जहाज़ (अजंता चित्र अनुकृति; बिना कीलों के)। कौंडिन्य — दक्षिण-पूर्व एशिया नाविक। ओमान यात्रा; प्राचीन समुद्री विरासत।

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