अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस (मई दिवस) 1 मई 2026 को मनाया गया
1 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए
याद रखें · एक पंक्ति में
भारत में पहला श्रमिक दिवस 1923 में चेन्नई में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान के नेतृत्व में मनाया गया।
क्या हुआ
अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस या मई दिवस हर वर्ष 1 मई को श्रमिकों और श्रम आंदोलन के सम्मान में मनाया जाता है। इसकी जड़ें अमेरिका में आठ घंटे के कार्यदिवस की मांग में हैं: 1884 में श्रमिक संगठनों ने तय किया कि 1 मई 1886 से आठ घंटे ही वैध कार्यदिवस होगा। इसके बाद 4 मई 1886 को शिकागो में हेमार्केट कांड हुआ। 1889 में समाजवादी समूहों और ट्रेड यूनियनों के अंतरराष्ट्रीय महासंघ ने 1 मई को श्रमिक दिवस घोषित किया, जो पहली बार 1890 में मनाया गया। भारत में पहला श्रमिक दिवस 1923 में चेन्नई में लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान के नेतृत्व में मना।
मुख्य तथ्य
- 1हर वर्ष 1 मई को मनाया जाता है
- 2हेमार्केट कांड: शिकागो, 4 मई 1886
- 31889 में 1 मई श्रमिक दिवस घोषित; पहली बार 1890 में मनाया गया
- 4भारत में पहला श्रमिक दिवस: 1923, चेन्नई (लेबर किसान पार्टी ऑफ हिंदुस्तान)
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
प्रारंभिक परीक्षा में भारत का पहला श्रमिक दिवस कब और कहाँ मना, या हेमार्केट कांड किस वर्ष हुआ, यह पूछा जा सकता है।
स्थायी GK: भारत की चार श्रम संहिताएं – वेतन संहिता 2019, औद्योगिक संबंध संहिता 2020, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 और व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य दशा संहिता 2020 – 21 नवंबर 2025 से लागू हुईं और 29 पुराने श्रम कानूनों को समेकित करती हैं।
स्रोत: newsonair.gov.in (आधिकारिक)