जलियांवाला बाग हत्याकांड 1919
13 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
13 अप्रैल 1919 (बैसाखी) — जनरल डायर ने अमृतसर में निहत्थी भीड़ पर गोली चलाई; रौलट अधिनियम के विरोध में।
क्या हुआ
जलियाँवाला बाग हत्याकांड (13 अप्रैल 1919) की चर्चा हुई। अमृतसर (पंजाब) के जलियाँवाला बाग में बैसाखी के दिन रॉलेट अधिनियम के विरोध में शांतिपूर्वक एकत्रित निहत्थे लोगों पर जनरल डायर के आदेश पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाई गईं, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए। यह औपनिवेशिक क्रूरता का प्रतीक बना और भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को निर्णायक मोड़ दिया। रवींद्रनाथ टैगोर ने 'नाइटहुड' लौटा दिया। उधम सिंह ने बाद में माइकल ओ'डायर की हत्या की। यह असहयोग आंदोलन की पृष्ठभूमि बना।
मुख्य तथ्य
- 1जलियाँवाला बाग हत्याकांड — 13 अप्रैल 1919।
- 2अमृतसर; जनरल डायर के आदेश पर गोलीबारी।
- 3रॉलेट अधिनियम के विरोध में बैसाखी पर एकत्रित।
- 4टैगोर ने नाइटहुड लौटाया।
- 5उधम सिंह ने ओ'डायर की हत्या की (1940)।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
रौलट अधिनियम, हंटर आयोग व असहयोग आंदोलन आधुनिक इतिहास में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: जलियाँवाला बाग — 13 अप्रैल 1919; अमृतसर; जनरल डायर। रॉलेट अधिनियम के विरोध में। टैगोर ने नाइटहुड लौटाया। उधम सिंह — ओ'डायर की हत्या (1940)।