मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

ज्योतिबा फुले

8 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

फुले — सत्यशोधक समाज (1873) के संस्थापक; पत्नी सावित्रीबाई के साथ भारत का पहला बालिका विद्यालय (1848)।

क्या हुआ

ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी चर्चा में रही। महात्मा ज्योतिराव फुले (1827-1890) एक अग्रणी समाज सुधारक, विचारक व लेखक थे जिन्होंने जाति व्यवस्था, अस्पृश्यता व लैंगिक असमानता के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने 1873 में 'सत्यशोधक समाज' की स्थापना की और वंचितों व महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य किया — अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ उन्होंने लड़कियों के लिए विद्यालय खोले। उनकी प्रसिद्ध कृति 'गुलामगिरी' है। वे सामाजिक न्याय व समानता के प्रतीक हैं तथा अंबेडकर के लिए प्रेरणा रहे।

मुख्य तथ्य

  1. 1ज्योतिबा फुले की द्विशताब्दी।
  2. 2समाज सुधारक; जाति व अस्पृश्यता के विरुद्ध।
  3. 3सत्यशोधक समाज की स्थापना (1873)।
  4. 4सावित्रीबाई के साथ लड़कियों के विद्यालय।
  5. 5कृति — 'गुलामगिरी'; अंबेडकर के प्रेरणास्रोत।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

समाज-सांस्कृतिक सुधार आंदोलन, सत्यशोधक समाज व महत्वपूर्ण व्यक्तित्व इतिहास में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: ज्योतिबा फुले (1827-1890); सत्यशोधक समाज (1873)। 'गुलामगिरी'। सावित्रीबाई फुले — पत्नी; लड़कियों की शिक्षा। सामाजिक न्याय।

इसी विषय पर और