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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

काकोरी ट्रेन एक्शन

30 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

काकोरी ट्रेन एक्शन (1925) — हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) द्वारा क्रांतिकारी कार्य।

क्या हुआ

'काकोरी ट्रेन एक्शन' (काकोरी कांड) की चर्चा हुई। 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन (HRA) के क्रांतिकारियों ने उत्तर प्रदेश के काकोरी (लखनऊ के निकट) में एक ट्रेन रोककर ब्रिटिश सरकारी खज़ाने को लूटा, ताकि सशस्त्र क्रांति हेतु धन जुटाया जा सके। इसका नेतृत्व राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, चंद्रशेखर आज़ाद, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी व रोशन सिंह आदि ने किया। ब्रिटिश दमन में बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, लाहिड़ी व रोशन सिंह को फाँसी दी गई। हाल ही में इसे 'काकोरी कांड' के बजाय 'काकोरी ट्रेन एक्शन' कहने पर ज़ोर दिया गया (बलिदान के सम्मान में)। यह स्वतंत्रता संग्राम (क्रांतिकारी धारा) से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1काकोरी ट्रेन एक्शन — 9 अगस्त 1925।
  2. 2HRA क्रांतिकारियों द्वारा सरकारी खज़ाना लूट।
  3. 3काकोरी (लखनऊ के निकट), उत्तर प्रदेश।
  4. 4नेतृत्व — बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, आज़ाद।
  5. 5बिस्मिल, अशफाक, लाहिड़ी, रोशन सिंह को फाँसी।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

काकोरी ट्रेन एक्शन, HRA व HSRA आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: काकोरी ट्रेन एक्शन — 9 अगस्त 1925; HRA। बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, आज़ाद। फाँसी — बिस्मिल, अशफाक, लाहिड़ी, रोशन सिंह।

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