लोकसभा विशेषाधिकार समिति
6 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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विशेषाधिकार समिति — संसदीय विशेषाधिकार के हनन के मामलों की जांच करती है; लोकसभा में 15 सदस्य।
क्या हुआ
लोकसभा की 'विशेषाधिकार समिति' (Committee of Privileges) की चर्चा हुई। संसदीय विशेषाधिकार (parliamentary privileges) वे विशेष अधिकार व उन्मुक्तियाँ हैं जो सदन व उसके सदस्यों को अपने कार्यों के स्वतंत्र निर्वहन हेतु प्राप्त हैं (अनुच्छेद 105)। 'विशेषाधिकार हनन' (breach of privilege) तब होता है जब इन अधिकारों का उल्लंघन या सदन का अपमान (contempt) होता है। विशेषाधिकार समिति ऐसे मामलों की जाँच करती है व दंड की सिफ़ारिश करती है। लोकसभा में इसके 15 सदस्य होते हैं, जिन्हें अध्यक्ष नामित करते हैं। यह संसद की एक स्थायी समिति है। यह संसदीय जवाबदेही, विधायी प्रक्रिया व संवैधानिक प्रावधानों से जुड़ा है। यह राजव्यवस्था से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1लोकसभा विशेषाधिकार समिति।
- 2संसदीय विशेषाधिकार — अनुच्छेद 105।
- 3विशेषाधिकार हनन/सदन-अवमान की जाँच।
- 4लोकसभा में 15 सदस्य; अध्यक्ष नामित करते हैं।
- 5संसद की स्थायी समिति; संसदीय जवाबदेही।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
संसदीय विशेषाधिकार, विशेषाधिकार समिति व अनुच्छेद 105 राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: विशेषाधिकार समिति — विशेषाधिकार हनन/सदन-अवमान की जाँच। अनुच्छेद 105। लोकसभा में 15 सदस्य; अध्यक्ष नामित करते हैं। स्थायी समिति।