परिचय एवं परीक्षा प्रासंगिकता
संसद भारतीय संविधान के अनुसार राष्ट्र की सर्वोच्च विधायी संस्था है। RPSC RAS परीक्षा में संसद से संबंधित प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यह भारतीय राजनीतिक प्रणाली का मूल आधार है। संसद का वर्णन संविधान के भाग V के अध्याय II (अनुच्छेद 79 से 122) में किया गया है। RAS परीक्षा में संसद से निम्नलिखित विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं: - संसद की संरचना और गठन - संसद की शक्तियां और कार्य - संसद के सदन (लोकसभा और राज्यसभा) - संसद की प्रक्रिया और नियम - संविधान संशोधन में संसद की भूमिका - भारतीय संसद का इतिहास और विकास यह अध्ययन राजस्थान की राजनीतिक व्यवस्था को समझने के लिए भी आवश्यक है क्योंकि राज्य की विधानसभा संसदीय प्रणाली पर आधारित है।
मुख्य अवधारणाएं
1. संसद की परिभाषा और संरचना
संसद भारत की सर्वोच्च विधायी शक्ति है जिसमें राष्ट्रपति, लोकसभा और राज्यसभा शामिल हैं। संविधान के अनुच्छेद 79 में संसद की परिभाषा दी गई है। संसद को "संघीय विधानमंडल" भी कहा जाता है। लोकसभा को निचला सदन (Lower House) और राज्यसभा को उच्च सदन (Upper House) कहा जाता है। संविधान के अनुच्छेद 81 के अनुसार लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 है (530 राज्यों से + 20 संघ राज्य क्षेत्रों से)। वर्तमान में लोकसभा में 543 निर्वाचित सदस्य हैं (530 राज्यों से + 13 संघ राज्य क्षेत्रों से)। आंग्ल-भारतीय समुदाय के 2 सदस्यों के मनोनयन की व्यवस्था 104वें संविधान संशोधन (2020) से समाप्त हो चुकी है। राज्यसभा की अधिकतम संख्या 250 है और वर्तमान में इसमें 245 सदस्य हैं (233 निर्वाचित + 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत)।
2. लोकसभा की विशेषताएं
लोकसभा भारतीय संसद का लोकप्रिय सदन है। इसके सदस्य सार्वभौमिक व्यस्क मताधिकार (Universal Adult Suffrage) के आधार पर सीधे चुने जाते हैं। लोकसभा की अधिकतम अवधि 5 वर्ष होती है। लोकसभा के सदस्यों को "सांसद" (Member of Parliament - MP) कहा जाता है। किसी को लोकसभा का सदस्य बनने के लिए भारतीय नागरिक होना चाहिए, न्यूनतम 25 वर्ष की आयु होनी चाहिए, और वह विकृतचित्त (मानसिक रूप से अस्वस्थ घोषित) या दिवालिया न हो। सरकार बनाने के लिए लोकसभा में बहुमत (543 में से 272) का समर्थन आवश्यक है; सबसे बड़ा दल होना अपने-आप में पर्याप्त नहीं है।
3. राज्यसभा की विशेषताएं
राज्यसभा भारतीय संसद का उच्च सदन है। इसके सदस्य राज्य की विधानसभाओं के सदस्यों द्वारा अप्रत्यक्ष चुनाव के माध्यम से चुने जाते हैं। राज्यसभा के 12 सदस्य राष्ट्रपति द्वारा साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवा क्षेत्रों से मनोनीत किए जाते हैं। राज्यसभा एक स्थायी सदन है जो कभी भंग नहीं होता। इसके सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष होता है। प्रत्येक 2 वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त हो जाते हैं। राज्यसभा के सदस्य बनने के लिए न्यूनतम 30 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
4. संसद की शक्तियां
संसद को व्यापक विधायी शक्तियां दी गई हैं। संविधान के अनुच्छेद 245 और 246 में संसद की विधायी क्षमता का वर्णन किया गया है। संसद निम्नलिखित विषयों पर कानून बना सकती है: - संघीय सूची के सभी विषय (अनुच्छेद 246) - समवर्ती सूची के विषय (राज्य विधानमंडल के साथ) - आपातकाल के दौरान राज्य सूची के विषय भी राष्ट्रपति का निर्वाचन निर्वाचक मंडल करता है, जिसमें संसद के दोनों सदनों के निर्वाचित सदस्य और राज्य विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य शामिल होते हैं। लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव पास कर सरकार को गिरा सकती है, संसद महाभियोग के माध्यम से राष्ट्रपति को हटा सकती है, और संविधान में संशोधन कर सकती है (अनुच्छेद 368)।
5. संसद की कार्य प्रक्रिया
संसद की कार्य प्रक्रिया को नियमित करने के लिए दोनों सदनों के "नियमावली" (Rules of Procedure) हैं। संसद सत्र वर्ष में तीन बार आयोजित किए जाते हैं: - बजट सत्र (फरवरी से अप्रैल) - मानसून सत्र (जुलाई से अगस्त) - शीतकालीन सत्र (नवंबर से दिसंबर) विधेयक तीन पाठ (reading) से गुजरते हैं। प्रश्नकाल (Question Hour) संसद की कार्यवाही का महत्वपूर्ण अंग है जहां सदस्य मंत्रियों से प्रश्न पूछते हैं। शून्यकाल (Zero Hour) में सार्वजनिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा होती है।
| आधार | लोकसभा | राज्यसभा |
|---|---|---|
| अनुच्छेद | 81 | 80 |
| सदस्य संख्या | अधिकतम 550; वर्तमान 543 निर्वाचित | अधिकतम 250; वर्तमान 245 (233 निर्वाचित + 12 मनोनीत) |
| कार्यकाल | 5 वर्ष (भंग हो सकती है) | 6 वर्ष; स्थायी सदन, हर 2 वर्ष में एक-तिहाई सेवानिवृत्त |
| न्यूनतम आयु | 25 वर्ष | 30 वर्ष |
| निर्वाचन | प्रत्यक्ष (वयस्क मताधिकार) | अप्रत्यक्ष (विधानसभा सदस्यों द्वारा) |
| पीठासीन अधिकारी | अध्यक्ष (Speaker) | उपराष्ट्रपति (पदेन सभापति) |
| धन विधेयक | केवल यहीं प्रस्तुत (अनुच्छेद 109) | केवल सिफारिश, 14 दिन में लौटाना |
- प्रथम पाठनविधेयक सदन में पेश
- द्वितीय पाठनसमिति/खंडवार चर्चा
- तृतीय पाठनमतदान से पारित
- दूसरा सदनवही तीन पाठन
- राष्ट्रपति की स्वीकृतिस्वीकृति मिलने पर कानून
महत्वपूर्ण तथ्य
पहली लोकसभा: संविधान 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ, पर 1950 से 1952 तक अनंतिम संसद कार्यरत रही। पहले आम चुनाव (1951-52) के बाद गठित पहली लोकसभा की पहली बैठक 13 मई 1952 को हुई। लोकसभा का वर्तमान पीठासीन अधिकारी: अध्यक्ष (Speaker) लोकसभा के सदस्यों द्वारा चुना जाता है। राज्यसभा का सभापति: भारत के उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति (ex-officio Chairman) होते हैं। विधेयक के प्रकार: धन विधेयक (Money Bill), वित्तीय विधेयक (Financial Bill) और साधारण विधेयक (Ordinary Bill)। अनुच्छेद 109: धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किए जा सकते हैं। अनुच्छेद 110: धन विधेयक की परिभाषा दी गई है। संसद की भाषा: हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का प्रयोग संसद में होता है।
राजस्थान विशेष
राजस्थान की राजनीतिक व्यवस्था भारतीय संसदीय प्रणाली पर आधारित है। राजस्थान के प्रतिनिधित्व के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बातें: लोकसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व: राजस्थान से 25 लोकसभा सदस्य निर्वाचित होते हैं। राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है। इसके कुछ लोकसभा क्षेत्र जयपुर, अजमेर, अलवर, जोधपुर आदि हैं। राज्यसभा में राजस्थान का प्रतिनिधित्व: राजस्थान से 10 राज्यसभा सदस्य राज्य विधानसभा के सदस्यों द्वारा चुने जाते हैं। राजस्थान विधानसभा: राजस्थान का विधानमंडल एकसदनीय है, अर्थात् केवल विधानसभा है और विधान परिषद नहीं है। विधानसभा में 200 सदस्य होते हैं। राज्य में भी संसदीय शासन प्रणाली है, पर संसद की तरह दो सदन नहीं हैं। राष्ट्रीय राजनीति में योगदान: राजस्थान के कई नेताओं ने राष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है; उदाहरणतः भैरोंसिंह शेखावत भारत के उपराष्ट्रपति (2002-2007) रहे।
परीक्षा पैटर्न
RAS प्रारंभिक परीक्षा एक ही वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र (150 प्रश्न, 200 अंक) की होती है। पिछले सात प्रश्नपत्रों में राजव्यवस्था (Polity) से औसतन लगभग 23 प्रश्न आए हैं और संसद इस खंड का नियमित विषय है। मुख्य परीक्षा में भी संसद की शक्तियों, संरचना और कार्य प्रक्रिया की समझ उपयोगी है। अभ्यास प्रश्न (उत्तर सहित): - संसद में कितने सदन हैं? उत्तर: दो सदन, लोकसभा और राज्यसभा (राष्ट्रपति भी संसद का अंग हैं)। - लोकसभा के सदस्यों की संख्या कितनी है? उत्तर: अधिकतम 550; वर्तमान में 543 निर्वाचित। - राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल कितना है? उत्तर: 6 वर्ष (हर 2 वर्ष में एक-तिहाई सदस्य सेवानिवृत्त)। - संविधान के किस अनुच्छेद में संसद का गठन बताया गया है? उत्तर: अनुच्छेद 79। - धन विधेयक किस सदन में पहले पेश किए जाते हैं? उत्तर: लोकसभा में (अनुच्छेद 109)।
स्मरण युक्तियां
संसद की संरचना को याद रखने का तरीका: संसद = राष्ट्रपति + लोकसभा + राज्यसभा। इसे "राष्ट्रपति + निचला सदन + उच्च सदन" के रूप में याद रखें। सदस्य संख्या का स्मरण: लोकसभा: अधिकतम 550 (530+20), वर्तमान निर्वाचित 543 (530+13)। राज्यसभा: अधिकतम 250, वर्तमान 245 (233 निर्वाचित + 12 मनोनीत)। आंग्ल-भारतीय मनोनयन समाप्त (104वां संशोधन, 2020)। कार्यकाल का अंतर: लोकसभा 5 वर्ष (आम चुनाव), राज्यसभा 6 वर्ष (स्थायी)। चुनाव का तरीका: लोकसभा = प्रत्यक्ष (Direct), राज्यसभा = अप्रत्यक्ष (Indirect) + 12 मनोनीत। आयु की आवश्यकता: लोकसभा = 25 वर्ष, राज्यसभा = 30 वर्ष। महत्वपूर्ण अनुच्छेद: - अनुच्छेद 79 = संसद की परिभाषा - अनुच्छेद 245-246 = विधायी शक्तियां - अनुच्छेद 109-110 = धन विधेयक - अनुच्छेद 368 = संविधान संशोधन संसद सत्र: बजट सत्र, मानसून सत्र और शीतकालीन सत्र (परंपरा के अनुसार); दो सत्रों के बीच 6 माह से अधिक अंतर नहीं हो सकता (अनुच्छेद 85)। प्रश्न काल और शून्य काल: "प्रश्न काल" संसद की कार्यवाही का नियमित अंग है जहां औपचारिक प्रश्न पूछे जाते हैं। "शून्य काल" में अप्रत्याशित और सार्वजनिक महत्व के विषयों पर चर्चा होती है।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
- •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
- •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
- •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
- •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।