परिचय
प्रत्येक राज्य में राज्यपाल — संवैधानिक प्रमुख। भाग-VI, अनुच्छेद 153-167। अनुच्छेद 154 — राज्य की कार्यपालिका शक्ति राज्यपाल में। नियुक्ति — राष्ट्रपति द्वारा (अनुच्छेद 155), वास्तव में PM की सलाह पर। राष्ट्रपति की प्रसाद पर्यंत पद पर।
योग्यताएं (अनुच्छेद 157)
भारतीय नागरिक। न्यूनतम आयु 35 वर्ष। संसद या राज्य विधानमंडल का सदस्य नहीं। लाभ का पद नहीं।
राज्यपाल की शक्तियां
विधायी शक्तियां
विधेयक पर 4 विकल्प: (i) सहमति, (ii) रोकना, (iii) पुनर्विचार के लिए वापस, (iv) राष्ट्रपति के विचार के लिए सुरक्षित — महत्वपूर्ण विवेकाधीन शक्ति।
न्यायिक शक्तियां (अनुच्छेद 161)
क्षमा, लघुकरण, परिहार, प्रविरण और विराम। मृत्यु दंड और कोर्ट मार्शल — राष्ट्रपति (अनुच्छेद 72)।
विवेकाधीन शक्तियां
बिना मंत्रिपरिषद सलाह के: (क) CM नियुक्ति जब बहुमत स्पष्ट न हो, (ग) विधानसभा भंग की सिफारिश, (ङ) राष्ट्रपति शासन की सिफारिश (अनुच्छेद 356)।
प्रमुख वाद और आयोग
सरकारिया आयोग 1988: राज्यपाल नियुक्ति में CM की राय ली जाए।
S.R. बोम्मई 1994: अनुच्छेद 356 की न्यायिक समीक्षा। Floor test अनिवार्य।
RAS Prelims में महत्व
2-4 प्रश्न। नियुक्ति — राष्ट्रपति (अनुच्छेद 155)। आयु 35 वर्ष। क्षमा शक्ति अनुच्छेद 161। बोम्मई 1994। 4 विकल्प। ट्रिक: 5-35-155-161।
⚡ त्वरित रिवीजन — One-Liners
- •अनुच्छेद 32 को डॉ. अंबेडकर ने 'संविधान की आत्मा' कहा था।
- •DPSP भाग IV में हैं; ये वाद योग्य नहीं हैं किन्तु शासन में मूलभूत हैं।
- •भारतीय संसद की राज्यसभा में अधिकतम 250 सदस्य हो सकते हैं; 12 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत।
- •73वें संविधान संशोधन (1992) द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा मिला।
- •सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 28 जनवरी 1950 को हुई; इसके पास मूल, अपील और सलाहकार क्षेत्राधिकार है।