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राष्ट्रीय · कला-संस्कृति

केरल में मेगालिथिक लैटेराइट रॉक-कट चैम्बर

7 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

मेगालिथिक संस्कृति — विशाल पत्थर संरचनाओं (मेगालिथ) से चिह्नित; मुख्यतः दफन स्थल।

क्या हुआ

केरल में मेगालिथिक लैटेराइट शैल-कट कक्ष (megalithic laterite rock-cut chamber) की खोज की चर्चा हुई। मेगालिथ (महापाषाण) बड़े पत्थरों से बनी प्राचीन संरचनाएँ हैं, जो आमतौर पर लौह-युग (Iron Age) के शवाधान/अंत्येष्टि स्थलों से जुड़ी होती हैं (दक्षिण भारत में ~1000 ईसा पूर्व से)। लैटेराइट (एक लाल, लौह-समृद्ध मृदा/चट्टान) से काटे गए कक्ष-समाधि ('रॉक-कट चैंबर'/मुनियारा) केरल की मेगालिथिक संस्कृति की विशेषता हैं। ऐसी खोजें प्राचीन समाज की अंत्येष्टि-प्रथा, सामाजिक संगठन व लौह-युग सभ्यता पर प्रकाश डालती हैं (संगम-कालीन इतिहास से जुड़ाव)। ASI/राज्य पुरातत्व विभाग इन्हें संरक्षित करते हैं। यह कला-संस्कृति, पुरातत्व व प्राचीन इतिहास से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1केरल में मेगालिथिक लैटेराइट शैल-कट कक्ष।
  2. 2मेगालिथ — महापाषाण; लौह-युग शवाधान स्थल।
  3. 3लैटेराइट से काटे कक्ष-समाधि (मुनियारा)।
  4. 4प्राचीन अंत्येष्टि-प्रथा व सामाजिक संगठन।
  5. 5संगम-कालीन इतिहास से जुड़ाव; ASI।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

मेगालिथिक संस्कृति व दफन प्रथाएं कला-संस्कृति में पूछी जाती हैं।

स्थायी GK: मेगालिथ — महापाषाण; लौह-युग शवाधान। लैटेराइट शैल-कट कक्ष (मुनियारा) — केरल मेगालिथिक संस्कृति। संगम-कालीन जुड़ाव; ASI।

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