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7 अगस्त 2026 · 7 August 2026⭐ परीक्षा में महत्वपूर्ण

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2026

National Handloom Day 2026

भारत की हथकरघा परंपरा को स्वदेशी आंदोलन के माध्यम से राष्ट्रीय दिवस द्वारा मान्यता दी गई है।

मुख्य तथ्य

  • चौथी जनगणना (2019-20) में 35.22 लाख बुनकर और सहायक कामगार दर्ज किए गए
  • महिलाएं कुल बुनाई कार्यबल का 72% से अधिक हैं
  • 28.20 लाख करघों में से 25.30 लाख ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं
  • जून 2026 तक 84,000 अतिरिक्त हथकरघा कामगारों को ई-पहचान कार्ड के लिए मंजूरी दी गई
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस 2015 में स्थापित किया गया था और 7 अगस्त को मनाया जाता है, जो 1905 में स्वदेशी आंदोलन के शुभारंभ की स्मृति में है। यह आंदोलन देशज वस्तुओं और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देता था। भारत की हथकरघा परंपरा सिंधु घाटी सभ्यता तक फैली हुई है, और वेदों, रामायण और महाभारत में भारतीय कपास और रेशम की गुणवत्ता का उल्लेख है। चौथी अखिल भारतीय हथकरघा जनगणना (2019-20) के अनुसार, भारत में 31.45 लाख हथकरघा घरों और 35.22 लाख बुनकर हैं, जिनमें महिलाएं 72% से अधिक हैं। सामाजिक समावेशन दृष्टिकोण से, 4.84 लाख अनुसूचित जाति, 6.28 लाख अनुसूचित जनजाति और 12.67 लाख अन्य पिछड़ी वर्ग के कामगार इसमें शामिल हैं।

🎯 परीक्षा में कैसे आएगा

हथकरघा क्षेत्र के विकास के लिए सरकारी नीतियाँ और सामाजिक समावेशन तथा आर्थिक सशक्तिकरण में इसकी भूमिका

📚 संबंधित स्थायी GK

राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम (NHDP) 2021-22 से 2025-26 तक के लिए तैयार किया गया था, जो बुनकर कल्याण, बुनियादी ढांचा, उत्पादन, ऋण और विपणन में सुधार के लिए एक एकीकृत दृष्टिकोण अपनाता है।

✨ RajAI— RAS Prelims Expert

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