पंडित अयोथी थास की जयंती
22 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
अयोथी थास — दलित बौद्ध आंदोलन के अग्रदूत; साक्य बौद्ध सोसाइटी (1898)।
क्या हुआ
पंडित अयोथी थास (Iyothee Thass) की जयंती की चर्चा हुई। अयोथी थास (1845-1914) तमिलनाडु के एक अग्रणी समाज सुधारक, दलित-बहुजन चिंतक, सिद्ध चिकित्सक व पत्रकार थे, जिन्होंने जाति व्यवस्था व अस्पृश्यता के विरुद्ध संघर्ष किया। उन्होंने दलितों की मुक्ति के मार्ग के रूप में बौद्ध धर्म को अपनाया व 'शाक्य बौद्ध समाज' की स्थापना की (अंबेडकर से दशकों पूर्व)। उन्होंने 'तमिलन' पत्रिका के माध्यम से सामाजिक समानता, शिक्षा व आत्म-सम्मान का प्रचार किया। वे दक्षिण भारत के दलित आंदोलन व आत्म-सम्मान आंदोलन के अग्रदूतों में हैं। यह सामाजिक न्याय, इतिहास व सुधार आंदोलनों से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1पंडित अयोथी थास की जयंती।
- 2तमिलनाडु के समाज सुधारक व दलित चिंतक (1845-1914)।
- 3जाति व्यवस्था/अस्पृश्यता के विरुद्ध संघर्ष।
- 4बौद्ध धर्म अपनाया; शाक्य बौद्ध समाज (अंबेडकर से पूर्व)।
- 5'तमिलन' पत्रिका; आत्म-सम्मान आंदोलन।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
समाज सुधारक व उनके आंदोलन इतिहास में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: अयोथी थास (1845-1914) — तमिलनाडु; समाज सुधारक/दलित चिंतक। बौद्ध धर्म अपनाया; शाक्य बौद्ध समाज। 'तमिलन' पत्रिका। आत्म-सम्मान आंदोलन।