परबती गिरी की जन्म शताब्दी
21 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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परबती गिरी — 19 जनवरी 1926 को बरगढ़ (ओडिशा) में जन्म; स्वतंत्रता सेनानी व समाज सेविका।
क्या हुआ
पार्वती गिरि की जन्म-शताब्दी की चर्चा हुई। पार्वती गिरि (1926-1995) ओडिशा की एक स्वतंत्रता सेनानी व समाज-सेविका थीं, जिन्हें 'पश्चिम ओडिशा की मदर टेरेसा' कहा जाता है। किशोरावस्था में ही वे 'भारत छोड़ो आंदोलन' (1942) में शामिल हुईं व जेल गईं। स्वतंत्रता के बाद उन्होंने विनोबा भावे के 'भूदान आंदोलन' में भाग लिया तथा अनाथों, महिलाओं व वंचितों के कल्याण, शिक्षा व पुनर्वास के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया (अनाथालय व सेवा-संस्थाओं की स्थापना)। वे गांधीवादी मूल्यों, सेवा व सामाजिक उत्थान की प्रतीक हैं। यह स्वतंत्रता संग्राम, समाज-सेवा व महिला-योगदान से जुड़ा है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1पार्वती गिरि (1926-1995) की जन्म-शताब्दी।
- 2ओडिशा स्वतंत्रता सेनानी व समाज-सेविका।
- 3'पश्चिम ओडिशा की मदर टेरेसा'।
- 4भारत छोड़ो आंदोलन (1942); भूदान आंदोलन।
- 5अनाथ, महिला, वंचित कल्याण व पुनर्वास।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
परबती गिरी, स्वतंत्रता आंदोलन व ओडिशा आधुनिक भारतीय इतिहास में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: पार्वती गिरि (1926-1995) — ओडिशा स्वतंत्रता सेनानी/समाज-सेविका; 'पश्चिम ओडिशा की मदर टेरेसा'। भारत छोड़ो (1942); भूदान। अनाथ/महिला कल्याण।