मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

पीएम-केयर्स फंड में पारदर्शिता की कमी

11 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

पीएम-केयर्स फंड के वित्तीय विवरणों में देरी सार्वजनिक निधियों की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाती है।

क्या हुआ

पीएम-केयर्स फंड (प्रधानमंत्री नागरिक सहायता और आपातकालीन स्थिति में राहत निधि) मार्च 2020 में स्थापित एक सार्वजनिक दाता ट्रस्ट है जो सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकालीन स्थितियों, आपदाओं और संकट की स्थितियों में सहायता प्रदान करता है। दान आयकर अधिनियम की धारा 80G के तहत 100% कटौती के लिए पात्र हैं और कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व व्यय के रूप में गिने जा सकते हैं। फंड को विदेशी योगदान प्राप्त करने के लिए विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में छूट मिली है। हाल की चिंता फंड की वित्तीय जवाबदेही और लेखा-परीक्षण पारदर्शिता के संबंध में है।

मुख्य तथ्य

  1. 1पीएम-केयर्स फंड को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की व्याप्ति से संबंधित कानूनी सवाल हैं।
  2. 2फंड धारा 80G के तहत दाताओं को 100% कर कटौती प्रदान करता है।
  3. 3विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 के तहत फंड को विदेशी धन प्राप्त करने की छूट है।
  4. 4कंपनी अधिनियम, 2013 के तहत कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व व्यय के रूप में गिना जा सकता है।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

सरकारी और सार्वजनिक निधियों में पारदर्शिता, सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 और CAG की भूमिका RAS परीक्षा के शासन अनुभाग में महत्वपूर्ण है।

स्थायी GK: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत निधि (PMNRF) संसद के अनुमोदन के बिना आपातकालीन परिस्थितियों में राहत प्रदान करती है।

इसी विषय पर और

RAS मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम में पढ़ें