राजस्थान की तीन हस्तियों को 'पीएम श्री' सम्मान 2026
31 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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गृह मंत्रालय ने 25 जनवरी 2026 को राजस्थान की तीन लोक-कला विभूतियों को पीएम श्री सम्मान हेतु चुना।
क्या हुआ
वर्ष 2026 के पीएम श्री सम्मान हेतु राजस्थान से तीन विभूतियों का चयन हुआ। अलवर (मूलतः कैथवाड़ा, डीग) के घफरुद्दीन मेवाती जोगी महाभारत आधारित 'पांडुन का कड़ा' मेवाती लोकगायन के एकमात्र जीवित कलाकार हैं और 2,500 से अधिक दोहे कंठस्थ रखते हैं। जैसलमेर के मूलसागर निवासी तगाराम भील 'अलगोजा का जादूगर' कहलाते हैं। श्रीगंगानगर के स्वामी ब्रह्मदेव जी महाराज ने अंध एवं मूक-बधिर विद्यालयों की स्थापना की।
मुख्य तथ्य
- 1घोषणा: 25 जनवरी 2026, गृह मंत्रालय
- 2घफरुद्दीन मेवाती जोगी: 'पांडुन का कड़ा' के एकमात्र जीवित कलाकार; 2024 राष्ट्रपति पुरस्कार
- 3तगाराम भील (जैसलमेर): 'अलगोजा का जादूगर'; अलगोजा राज्य वाद्य
- 4स्वामी ब्रह्मदेव जी (श्रीगंगानगर): अंध एवं मूक-बधिर संस्थाओं की स्थापना
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
राज्य वाद्य अलगोजा, मेवाती लोकगायन 'पांडुन का कड़ा' और विभूतियों के जिले परीक्षा-उपयोगी हैं।
स्थायी GK: अलगोजा राजस्थान का राज्य वाद्य यंत्र है।