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राजस्थान

जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (जेपीएमआईए) में रेलवे साइडिंग स्वीकृति और भूखंड आवंटन प्रारंभ

27 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम · सरकारी स्रोत से तथ्य मिलाए गए

याद रखें · एक पंक्ति में

डीएमआईसी परियोजना के तहत पाली जिले के रोहट में विकसित जेपीएमआईए को रेलवे साइडिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली और 30 भूखंडों का आवंटन शुरू हुआ।

क्या हुआ

राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रिडको) द्वारा पाली जिले के रोहट में जेपीएमआईए-एसआईआर की एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप विकसित की जा रही है। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने 288 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाले मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के लिए रोहट स्टेशन (लूणी-मारवाड़ जंक्शन खंड) से रेलवे साइडिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति गति शक्ति कार्गो टर्मिनल नीति के तहत दी। रिडको के निदेशक मंडल ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को लगभग 4,000 वर्गमीटर भूमि गैस टर्मिनल/सीएनजी स्टेशन के लिए आवंटित की। फेज-। में टेक्सटाइल, फार्मा, अपशिष्ट पुनर्चक्रण, कृषि प्रसंस्करण और सामान्य उद्योगों के लिए क्षेत्र-विशिष्ट पार्क प्रस्तावित हैं। प्रत्यक्ष आवंटन के तहत ₹4,000 प्रति वर्गमीटर की आधार दर पर 30 भूखंड (28 औद्योगिक, 2 मोटल/रेस्टोरेंट) आवंटन के लिए खोले गए, जिनके लिए आवेदन 31 अक्टूबर 2026 सायं 5 बजे तक स्वीकार किए जाएंगे। लगभग ₹400 करोड़ की लागत से समर्पित जल एवं विद्युत लाइनें (220 केवी डबल सर्किट सहित) बिछाई जा रही हैं।

पृष्ठभूमि

जोधपुर-पाली-मारवाड़ औद्योगिक क्षेत्र (जेपीएमआईए) दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी) परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है। राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (रिडको) इस एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप का विकास कर रही है।

मुख्य तथ्य

  1. 1जेपीएमआईए पाली जिले के रोहट में डीएमआईसी परियोजना के तहत रिडको द्वारा विकसित किया जा रहा है।
  2. 2288 हेक्टेयर क्षेत्र में मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब के लिए रेलवे साइडिंग की सैद्धांतिक स्वीकृति मिली।
  3. 3इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड को लगभग 4,000 वर्गमीटर भूमि गैस टर्मिनल/सीएनजी स्टेशन हेतु आवंटित की गई।
  4. 4₹4,000 प्रति वर्गमीटर की दर पर 30 भूखंडों का आवंटन शुरू, आवेदन 31 अक्टूबर 2026 सायं 5 बजे तक।
  5. 5लगभग ₹400 करोड़ की लागत से 220 केवी डबल सर्किट सहित समर्पित जल एवं विद्युत लाइनें बिछाई जा रही हैं।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

1. जेपीएमआईए किस औद्योगिक गलियारा परियोजना के अंतर्गत विकसित किया जा रहा है? (दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा / डीएमआईसी) 2. जेपीएमआईए में भूखंड आवंटन की आधार दर कितनी निर्धारित की गई है? (₹4,000 प्रति वर्गमीटर)

स्थायी GK: दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारा (डीएमआईसी) परियोजना 2006 में भारत और जापान के बीच सहयोग से प्रारंभ हुई थी।

स्रोत: DIPR राजस्थान (आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति)

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