राजस्थान शिक्षा विभाग का छात्रों के नाम बदलने का अभियान विवादों में
18 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
क्या हुआ
राजस्थान शिक्षा विभाग ने सप्ताह की शुरुआत में एक अभियान शुरू किया जिसका उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों को 'सार्थक' और सम्मानजनक नाम सुझाना था। विभाग का तर्क था कि गांवों में कई बच्चों को ऐसे नाम दिए जाते हैं जो शर्मनाक लगते हैं या जिनके अपमानजनक अर्थ होते हैं, जिससे उनके आत्मसम्मान और सामाजिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, इस अभियान को शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा। आलोचकों ने कहा कि बच्चों का नाम बदलना एक अत्यंत व्यक्तिगत और सांस्कृतिक विषय है जो परिवारों और समुदायों के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि सरकारी विभागों के। संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत पहचान और गरिमा के मौलिक अधिकार तथा सांस्कृतिक थोपे जाने की आशंका भी जताई गई। यह विवाद राज्य-प्रेरित सामाजिक सुधार और व्यक्तिगत/सामुदायिक स्वायत्तता के बीच के तनाव को उजागर करता है।