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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

RBI की राज्य विकास ऋण हेतु बेंचमार्क जारी रणनीति

6 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

BIS — SDL हेतु पूर्व-निर्धारित बेंचमार्क परिपक्वता बकेट; 9 राज्यों में पायलट (Q1 FY27)।

क्या हुआ

राज्य विकास ऋण (State Development Loans, SDL) हेतु RBI की बेंचमार्क-निर्गमन रणनीति की चर्चा हुई। SDL राज्य सरकारों द्वारा अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने हेतु जारी की जाने वाली प्रतिभूतियाँ (बॉन्ड) हैं, जिन्हें RBI राज्यों के एजेंट के रूप में नीलामी द्वारा जारी करता है। 'बेंचमार्क इश्यूएंस' का अर्थ है मानकीकृत, बड़ी व अधिक तरल (liquid) SDL श्रृंखलाएँ जारी करना, ताकि बाज़ार में मूल्य-खोज (price discovery), तरलता व पारदर्शिता बेहतर हो और राज्यों की उधारी लागत घटे। यह राज्यों के ऋण-प्रबंधन, बॉन्ड बाज़ार के विकास व राजकोषीय संघवाद से जुड़ा है। राजस्थान सहित सभी राज्य SDL जारी करते हैं। यह अर्थव्यवस्था से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1RBI की SDL बेंचमार्क-निर्गमन रणनीति।
  2. 2SDL — राज्यों द्वारा जारी बॉन्ड (राजकोषीय घाटा)।
  3. 3RBI राज्यों के एजेंट के रूप में नीलामी करता है।
  4. 4बेंचमार्क — तरलता, मूल्य-खोज, पारदर्शिता बेहतर।
  5. 5राज्यों की उधारी लागत घटती है; राजकोषीय संघवाद।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

SDL, RBI अधिनियम 1934 व राज्य उधारी अर्थव्यवस्था में पूछे जाते हैं।

स्थायी GK: SDL — राज्यों के बॉन्ड (राजकोषीय घाटा); RBI एजेंट के रूप में नीलामी। बेंचमार्क इश्यू — तरलता, मूल्य-खोज, कम उधारी लागत। राजकोषीय संघवाद।

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