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राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द किया

27 अप्रैल 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

पेमेंट्स बैंक — नचिकेत मोर समिति (2014) की सिफारिश; जमा सीमा ₹2 लाख; ऋण नहीं दे सकते।

क्या हुआ

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक का लाइसेंस रद्द/प्रतिबंधित किए जाने की चर्चा हुई। भुगतान बैंक (payments bank) एक विशेष प्रकार का बैंक है जो जमा (सीमित राशि) स्वीकार कर सकता है व भुगतान सेवाएँ दे सकता है, पर ऋण जारी नहीं कर सकता (नचिकेत मोर समिति की सिफारिश पर शुरू)। RBI ने नियामक अनुपालन में खामियों (KYC, डेटा, मनी लॉन्ड्रिंग चिंताओं) के कारण कार्रवाई की। यह दर्शाता है कि RBI एक सख्त नियामक है जो वित्तीय स्थिरता व ग्राहक सुरक्षा को प्राथमिकता देता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर कार्रवाई की।
  2. 2भुगतान बैंक — जमा स्वीकार, ऋण नहीं।
  3. 3कारण — KYC/डेटा/अनुपालन खामियाँ।
  4. 4नचिकेत मोर समिति की सिफारिश।
  5. 5RBI — सख्त नियामक; ग्राहक सुरक्षा।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

पेमेंट्स बैंक, बैंकिंग विनियमन अधिनियम 1949 व नचिकेत मोर समिति अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: भुगतान बैंक — जमा स्वीकार, ऋण नहीं; नचिकेत मोर समिति। RBI — बैंकिंग नियामक (1935)। उदाहरण — एयरटेल, इंडिया पोस्ट, पेटीएम भुगतान बैंक।

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