RBI ने वृद्धि व जोखिम को संतुलित करते हुए नए क्रेडिट विस्तार दिशानिर्देश जारी किए
3 जून 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
जून 2026 में, RBI ने वृद्धि-उन्मुख उधार को जोखिम प्रबंधन व वित्तीय स्थिरता के साथ संतुलित करने हेतु नए क्रेडिट विस्तार दिशानिर्देश की घोषणा की।
क्या हुआ
भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकों द्वारा क्रेडिट विस्तार पर नए दिशानिर्देश जारी किए, जिसका उद्देश्य वृद्धि-समर्थक उधार की आवश्यकता को विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन के साथ संतुलित करना है ताकि समग्र वित्तीय प्रणाली की स्थिरता सुरक्षित रहे।
मुख्य तथ्य
- 1बैंक क्रेडिट विस्तार पर नए RBI दिशानिर्देश
- 2वृद्धि उधार व जोखिम नियंत्रण में संतुलन
- 3उद्देश्य: वित्तीय प्रणाली स्थिरता
- 4बैंकिंग क्षेत्र पर लागू
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
RBI के मौद्रिक नीति उपकरण याद रखें: रेपो रेट, CRR, SLR, तथा छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC)।
स्थायी GK: RBI की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को हुई और इसका मुख्यालय मुंबई में है; यह बैंकिंग विनियमन अधिनियम, 1949 के तहत बैंकों को विनियमित करता है।