मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय · अर्थव्यवस्था

RBI का रुपये की रक्षा हेतु हस्तक्षेप

23 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

रुपया मई 2026 में ~97/डॉलर; RBI ने स्पॉट बिक्री व 5 अरब डॉलर स्वैप किया।

क्या हुआ

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने रुपये को सहारा देने के लिए विदेशी मुद्रा बाज़ार में हस्तक्षेप किया। जब रुपया तेज़ी से गिरता है, तो RBI अपने विदेशी मुद्रा भंडार से डॉलर बेचकर अस्थिरता को कम करता है। भारत एक 'प्रबंधित अस्थायी' (managed float) विनिमय दर प्रणाली अपनाता है — दर बाज़ार द्वारा तय होती है पर RBI अत्यधिक उतार-चढ़ाव रोकने हेतु हस्तक्षेप करता है। रुपये का मूल्य कच्चे तेल की कीमतों, पूँजी प्रवाह, चालू खाता घाटा व डॉलर सूचकांक से प्रभावित होता है।

मुख्य तथ्य

  1. 1RBI ने रुपये को सहारा देने हेतु हस्तक्षेप किया।
  2. 2भंडार से डॉलर बेचकर अस्थिरता घटाई।
  3. 3प्रणाली — प्रबंधित अस्थायी विनिमय दर।
  4. 4प्रभावक — कच्चा तेल, पूँजी प्रवाह, CAD, डॉलर सूचकांक।
  5. 5RBI — स्थापना 1935; मुद्रा प्रबंधन।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

RBI के मुद्रा उपकरण, विदेशी मुद्रा भंडार व रुपया-डॉलर अर्थव्यवस्था में अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: RBI — 1935 स्थापित; मुद्रा व विदेशी मुद्रा भंडार का प्रबंधन। प्रणाली — प्रबंधित अस्थायी (managed float)। भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ, स्वर्ण, SDR, IMF रिज़र्व स्थिति।

इसी विषय पर और

इस विषय को और गहराई से पढ़ें