RBI MPC ने रेपो दर अपरिवर्तित रखी (फरवरी 2026)
7 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
रेपो दर — वह दर जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को ऋण देता है; MPC द्वारा निर्धारित।
क्या हुआ
RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने रेपो दर अपरिवर्तित रखी। रेपो दर वह दर है जिस पर RBI वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक उधार देता है — यह ब्याज दरों व मुद्रास्फीति नियंत्रण का प्रमुख उपकरण है। छह-सदस्यीय MPC (RBI गवर्नर अध्यक्ष) लचीले मुद्रास्फीति-लक्ष्यीकरण (FIT) ढाँचे के तहत खुदरा (CPI) मुद्रास्फीति को 4% (±2%) पर रखने का लक्ष्य रखती है। दर अपरिवर्तित रखना मुद्रास्फीति व आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन व नीतिगत निरंतरता को दर्शाता है। अन्य उपकरण — रिवर्स रेपो, CRR, SLR, OMO। यह मौद्रिक नीति व मूल्य स्थिरता से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1RBI MPC ने रेपो दर अपरिवर्तित रखी।
- 2रेपो दर — बैंकों को अल्पकालिक उधार।
- 3MPC — 6 सदस्य; RBI गवर्नर अध्यक्ष।
- 4CPI मुद्रास्फीति लक्ष्य — 4% (±2%)।
- 5उपकरण — रेपो, CRR, SLR, OMO।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
रेपो दर, MPC व मौद्रिक नीति अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: MPC — 6 सदस्य; RBI गवर्नर अध्यक्ष। रेपो दर; CRR/SLR/OMO। CPI लक्ष्य 4% (±2%)। FIT ढाँचा (2016)।