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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

SC ने सशस्त्र बलों में महिलाओं के विरुद्ध पूर्वाग्रह को रेखांकित किया

25 मार्च 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

महिलाएं — सैन्य नर्सिंग सेवा (1888) से शुरू; 2020 बबीता पुनिया फैसले ने सभी शाखाओं में PC अनिवार्य किया।

क्या हुआ

सर्वोच्च न्यायालय ने सशस्त्र बलों में महिलाओं के विरुद्ध पूर्वाग्रह को रेखांकित किया। न्यायालय ने भेदभावपूर्ण मूल्यांकन/नीतियों पर चिंता जताते हुए महिला अधिकारियों के लिए स्थायी कमीशन, समान अवसर व पदोन्नति में निष्पक्षता पर बल दिया। यह बबीता पुनिया वाद (2020) जैसे पूर्व निर्णयों की परंपरा को आगे बढ़ाता है, जिसमें SC ने सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन का अधिकार दिया था। यह समानता (अनुच्छेद 14, 15, 16), लैंगिक न्याय व सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका (युद्धक भूमिकाएँ, NDA प्रवेश) से जुड़ा है।

मुख्य तथ्य

  1. 1SC ने सशस्त्र बलों में महिलाओं से पूर्वाग्रह रेखांकित किया।
  2. 2स्थायी कमीशन व समान अवसर पर बल।
  3. 3बबीता पुनिया वाद (2020) की परंपरा।
  4. 4अनुच्छेद 14, 15, 16; लैंगिक न्याय।
  5. 5महिलाएँ — NDA प्रवेश, युद्धक भूमिकाएँ।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

स्थायी कमीशन, बबीता पुनिया फैसला व अनुच्छेद 14/15/16 राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।

स्थायी GK: स्थायी कमीशन — बबीता पुनिया वाद (2020)। अनुच्छेद 14, 15, 16। महिलाएँ — NDA प्रवेश, युद्धक भूमिकाएँ। लैंगिक न्याय।

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