सोमनाथ स्वाभिमान पर्व
6 जनवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
सोमनाथ मंदिर — गुजरात में 12 ज्योतिर्लिंगों में से पहला; स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल द्वारा पुनर्निर्माण।
क्या हुआ
'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' (Somnath Swabhiman Parv) की चर्चा हुई। सोमनाथ मंदिर (गुजरात, वेरावल के निकट, अरब सागर तट पर) भगवान शिव के 12 'ज्योतिर्लिंगों' में से प्रथम है व भारतीय सांस्कृतिक-धार्मिक विरासत का एक प्रमुख प्रतीक है। इतिहास में इसे कई बार (विशेषकर महमूद ग़ज़नवी द्वारा) आक्रमण कर ध्वस्त किया गया व पुनर्निर्मित किया गया (स्वतंत्रता के बाद सरदार पटेल के नेतृत्व में पुनर्निर्माण)। 'स्वाभिमान पर्व' इसके पुनरुत्थान, सांस्कृतिक गौरव, आस्था व राष्ट्रीय अस्मिता का उत्सव है (मंदिर की अदम्यता का प्रतीक)। यह कला-संस्कृति, धार्मिक विरासत व इतिहास से जुड़ता है। यह कला-संस्कृति से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1सोमनाथ स्वाभिमान पर्व।
- 2सोमनाथ (गुजरात) — 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम।
- 3कई बार ध्वस्त व पुनर्निर्मित (महमूद ग़ज़नवी)।
- 4स्वतंत्रता बाद सरदार पटेल के नेतृत्व में पुनर्निर्माण।
- 5पुनरुत्थान, सांस्कृतिक गौरव, राष्ट्रीय अस्मिता।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
सोमनाथ मंदिर, सरदार पटेल व मंदिर पुनर्निर्माण कला-संस्कृति में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: सोमनाथ — गुजरात; प्रथम ज्योतिर्लिंग; अरब सागर तट। ध्वंस-पुनर्निर्माण (महमूद ग़ज़नवी; सरदार पटेल)। स्वाभिमान पर्व — पुनरुत्थान/गौरव।