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राष्ट्रीय · राजव्यवस्था

कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026

8 अगस्त 2026 · Raj Study संपादकीय टीम

याद रखें · एक पंक्ति में

विधेयक विदेशी निवेश आकर्षित करने और भारत की व्यावसायिक-निवेश माहौल को सुधारने पर केंद्रित है।

क्या हुआ

संसद के लोक सभा ने कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दी, जो पहले जारी किए गए आय-कर (संशोधन) अध्यादेश, 2026 का स्थान लेता है। इस विधेयक के तहत तीन अलग-अलग कानूनों — आय-कर अधिनियम 2025, वित्त अधिनियम 2026 और भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम 2007 — में संशोधन किए गए हैं ताकि इन्हें नई कर व्यवस्था के अनुरूप बनाया जा सके। सामान्य प्रावधानों से आगे बढ़कर, यह विधेयक व्यापार-अनुकूल सुधार के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य मेक इन इंडिया पहल को समर्थन देना, व्यवसायों के लिए अनुपालन आसान बनाना और भारत की डिजिटल-वित्तीय व्यवस्था को सशक्त बनाना है।

मुख्य तथ्य

  1. 1विधेयक मेक इन इंडिया पहल को बढ़ावा देने के लिए तैयार किया गया है।
  2. 2यह भारत की डिजिटल और वित्तीय पारिस्थितिकी को मजबूत करने का उद्देश्य रखता है।
  3. 3विधेयक व्यापार करने में सुविधा बढ़ाने पर केंद्रित है।

परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है

विदेशी निवेश आकर्षित करने, मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और भारत की डिजिटल-वित्तीय पारिस्थितिकी को मजबूत करने के लिए कर नीति परिवर्तन।

स्थायी GK: आय-कर अधिनियम, 1961 भारत में आयकर का मुख्य कानूनी ढांचा है।

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