वन अधिकार अधिनियम पर जनजातीय विरोध
18 फरवरी 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
याद रखें · एक पंक्ति में
FRA 2006 — वनवासियों के व्यक्तिगत व सामुदायिक वन अधिकारों को मान्यता; ग्राम सभा केंद्रीय।
क्या हुआ
वन अधिकार अधिनियम (FRA) को लेकर जनजातीय विरोध चर्चा में रहा। अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006 — FRA — वनों में पीढ़ियों से रह रहे आदिवासियों व वन-निवासियों के व्यक्तिगत (खेती) व सामुदायिक (चराई, लघु वनोपज, सामुदायिक संसाधन) वन अधिकारों को मान्यता देता है, तथा 'ऐतिहासिक अन्याय' को सुधारता है। विरोध प्रायः दावों की अस्वीकृति, बेदखली के डर (SC के आदेशों के बाद), अधिनियम के कमज़ोर कार्यान्वयन व ग्राम सभा की भूमिका को लेकर होते हैं। FRA जनजातीय अधिकार, आजीविका, वन संरक्षण व विकेंद्रित वन शासन (ग्राम सभा) से जुड़ा है। नोडल — जनजातीय कार्य मंत्रालय।
मुख्य तथ्य
- 1वन अधिकार अधिनियम (FRA) पर जनजातीय विरोध।
- 2FRA 2006 — व्यक्तिगत व सामुदायिक वन अधिकार।
- 3'ऐतिहासिक अन्याय' का सुधार; ग्राम सभा भूमिका।
- 4विरोध — दावा अस्वीकृति, बेदखली का डर।
- 5नोडल — जनजातीय कार्य मंत्रालय।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
FRA 2006, जनजातीय अधिकार व ग्राम सभा राजव्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं।
स्थायी GK: FRA 2006 — व्यक्तिगत व सामुदायिक वन अधिकार। ग्राम सभा — केंद्रीय भूमिका। ऐतिहासिक अन्याय सुधार। नोडल — जनजातीय कार्य मंत्रालय।