वंदे मातरम का अपमान दंडनीय अपराध
7 मई 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
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वंदे मातरम — बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय रचित (आनंदमठ, 1880s); भारत का राष्ट्रीय गीत।
क्या हुआ
'वंदे मातरम' का अपमान दंडनीय अपराध होने की चर्चा हुई। 'वंदे मातरम' (बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित, उपन्यास 'आनंदमठ' से) भारत का 'राष्ट्रीय गीत' (national song) है, जिसे संविधान सभा ने राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान सम्मान का दर्जा दिया (1950)। यह स्वतंत्रता संग्राम का एक प्रेरक प्रतीक रहा। राष्ट्रीय प्रतीकों (राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रध्वज) का अपमान राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (व अन्य प्रावधानों) के तहत दंडनीय हो सकता है। राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान अनुच्छेद 51A (मौलिक कर्तव्यों) से भी जुड़ा है। यह कला-संस्कृति, संवैधानिक मूल्य व राष्ट्रीय विरासत से जुड़ा है।
मुख्य तथ्य
- 1'वंदे मातरम' का अपमान दंडनीय अपराध।
- 2वंदे मातरम — राष्ट्रीय गीत (बंकिमचंद्र; 'आनंदमठ')।
- 3राष्ट्रगान 'जन गण मन' के समान सम्मान (1950)।
- 4राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971।
- 5राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान — अनुच्छेद 51A।
परीक्षा में ऐसे पूछा जा सकता है
राष्ट्रीय गीत, राष्ट्रीय गौरव अधिनियम व स्वतंत्रता आंदोलन इतिहास/राजव्यवस्था में पूछे जाते हैं।
स्थायी GK: वंदे मातरम — राष्ट्रीय गीत; बंकिमचंद्र ('आनंदमठ')। राष्ट्रगान के समान सम्मान (1950)। राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971। अनुच्छेद 51A।