मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना 2026: ₹50 लाख तक इलाज, पात्रता
दुर्लभ और गंभीर बीमारियों से पीड़ित बच्चों के महँगे इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने वाली योजना। बीमारी की पुष्टि सरकारी चिकित्सा संस्थानों से कराई जाती है।
अंतिम अपडेट: 6 अक्टूबर 2026 · Raj Study संपादकीय टीम
- विभाग
- सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग (चिकित्सा विभाग के समन्वय से)
- शुरुआत
- 19 दिसंबर 2024 से लागू (अधिसूचना द्वारा)
- संबंधित केंद्रीय योजना
- राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति 2021
क्या लाभ मिलता है
- दुर्लभ बीमारी से पीड़ित बच्चे के इलाज पर ₹50 लाख तक का खर्च सरकार वहन करती है
- केंद्र की राष्ट्रीय दुर्लभ रोग नीति (2021) की सूची की लगभग 56 बीमारियाँ शामिल
- बीमारी की पुष्टि व उपचार हेतु AIIMS जोधपुर या जे.के. लोन अस्पताल, जयपुर से जाँच
कौन पात्र है
- राजस्थान का बच्चा, आयु 18 वर्ष या कम
- बीमारी केंद्र की दुर्लभ रोग सूची में हो
- कम से कम दो अस्पतालों/चिकित्सकों से बीमारी की पुष्टि
आवेदन कैसे करें
बच्चे के जन आधार से SSO या ई-मित्र पर आवेदन; जाँच हेतु AIIMS जोधपुर या जे.के. लोन अस्पताल भेजा जाता है।
परीक्षा के लिए याद रखें
- इलाज की सीमा ₹50 लाख
- लागू: 19 दिसंबर 2024
- आयु सीमा 18 वर्ष तक
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आवेदन से पहले विभाग की आधिकारिक सूचना देखें।